vasna kahani आँचल की अय्याशियां
12-08-2018, 12:13 PM,
#61
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
आँचल और हरप्रीत बाथरूम से वापस आकर चेयर में बैठ गयीं. उनको पता नही था की उनके पीछे जस्सी और रवि में आँचल को चोदने की शर्त लगी है. वो पहले की तरह नॉर्मल होकर बातें करने लगीं. लेकिन जस्सी के मन में शर्त जीतने का प्लान चल रहा था. 

आँचल के खूबसूरत चेहरे को देखते हुए वो ख्यालों में खो गया. जस्सी फैशन फोटोग्राफर था , उसके स्टूडियो में मॉडल्स आती रहती थीं. बहुत सारी ऐसी लड़कियाँ भी अपने पोर्टफोलियो बनवाती थीं जो मॉडलिंग की दुनिया में जाना चाहती थीं. इस तरह से मॉडर्न लड़कियों से जस्सी की मुलाकात होते रहती थी , अपने स्टूडियो में कई मॉडल्स को जस्सी चोद चुका था. किस लड़की को कैसे ट्रीट करना है , इसका उसे अच्छा ख़ासा आइडिया हो चुका था. कई बार ऐसा भी हुआ था की किसी मॉडल ने जस्सी को घास ना डाली हो. हर तरह का एक्सपीरियेन्स वो ले चुका था. आँचल के चेहरे को देखते हुए जस्सी सोच रहा था इसके रसीले होठों को मैं अपना लंड चूसते हुए देखना चाहता हूँ. इस ख्याल से उसका लंड झटके मारने लगा.

ऐसा सोचते सोचते जस्सी को ख्याल ही नही रहा की वो बड़ी देर से आँचल को एकटक देखे जा रहा है. 

हरप्रीत ने इस बात को गौर किया और जस्सी को बाँह पकड़कर हिलाया,” जस्सी , आँचल को ऐसे क्यूँ घूर रहे हो ?”

जस्सी को अपनी ग़लती का एहसास हुआ , जल्दी से बहाना बनाते हुए बोला,”आँचल का चेहरा बहुत खूबसूरत है , अगर वो चाहे तो उसके कुछ फोटोग्राफ्स निकालने में मुझे बहुत खुशी होगी.”

जस्सी के कमेंट से आँचल शरमाई,” थैंक यू जस्सी. मैं तो भूल ही गयी थी की तुम फोटोग्राफर हो.”

आँचल को शरमाते देख जस्सी ने टेबल के नीचे से रवि को किक मारी और मुस्कुराया, की देख मामला फिट हो रहा है.

हरप्रीत आँचल को बताने लगी की जस्सी फैशन फोटोग्राफर है . चंडीगढ़ में बहुत सी मॉडल्स और पंजाबी फिल्मों की एक्ट्रेस अपने पोर्टफोलियो बनवाने जस्सी के पास आती हैं. फिर जब नाम हो जाता है तो मॉडलिंग के लिए मुंबई चली जाती हैं.

रवि भी जस्सी की बात समझ गया. वो भी जस्सी की फोटोग्राफी की तारीफ करने लगा. 

अब बातचीत जस्सी की फोटोग्राफी के बारे में हो रही थी तो बातों बातों में जस्सी ने बताया की कुछ फोटोग्राफ्स उसके बैग में हैं.

आँचल बोली,” अगर कोई ऑब्जेक्शन ना हो तो मैं वो फोटोग्राफ्स देखना चाहूँगी.”

जस्सी तो यही चाह रहा था. उसने तुरंत कुछ फोटोग्राफ्स निकाले और आँचल को दिखाने लगा. पहले उसने वो फोटोग्राफ्स दिखाए जिसमे मॉडल्स के सिर्फ़ चेहरे की फोटो थी. कम - ज़्यादा रोशनी में , अलग अलग मूड में मॉडल्स के चेहरे पर फोकस करते हुए फोटोग्राफ्स लिए थे. 

आँचल को फोटोस अच्छे लगे और उसने उनकी तारीफ की.

तारीफ सुनकर जस्सी खुश हुआ. अब वो सेक्सी पोज़ वाले फोटोग्राफ्स दिखाने लगा. आँचल उन फोटोस को गौर से देखने लगी. जस्सी उसके रिएक्शन को देख रहा था.

आख़िर में जस्सी ने एक मशहूर मॉडल की ब्लैक एंड वाइट न्यूड फोटो दिखाई.

आँचल ने देखा उस मॉडल के बदन में एक भी कपड़ा नही था. उस ब्लैक एंड वाइट फोटो में मॉडल के निपल तने हुए थे और साइड पोज़ में थोड़े से चूत के ऊपर के बाल दिख रहे थे. मॉडल एक सोफे में लेटी हुई थी.

आँचल सोचने लगी जस्सी ने इस मॉडल को कितना एक्सपोज़ किया है. उसने जस्सी को देखा. 

जस्सी ने आँचल की आँखो में आँखे डालते हुए कहा,” मैं मॉडल्स को ऐसे पोज़ के लिए फोर्स नही करता. मॉडल्स खुद मुझसे कहती हैं की ऐसी फोटो खींचो. मेरे स्टूडियो में ऐसी कितनी ही फोटोस हैं जो मॉडल्स ने खुद खिंचवाई हैं.”

जस्सी ने नोटिस किया की आँचल उस फोटो को बहुत ध्यान से देख रही है. उसके होंठ खुले हुए हैं. जस्सी समझ गया इस फोटो को देख कर आँचल एक्साइटेड फील कर रही है, शायद उस मॉडल की जगह वो खुद की कल्पना कर रही थी. जस्सी सोचने लगा , एक बार अगर आँचल मेरे स्टूडियो आ जाए तो इसको इतना गरम कर दूँगा की ये खुद ही चुदवायेगी.

फिर जस्सी ने बाथरूम जाने का बहाना बनाया और रवि को भी इशारा कर दिया. आँचल और हरप्रीत को वहीं छोड़कर वो दोनों बाथरूम चले गये.

बाथरूम में आने के बाद जस्सी हंसते हुए बोला,” यार रवि. तू पैसा तैयार रख. कल मैं और तू , तेरी भाभी को इतना चोदेंगे की वैसे वो कभी भी नही चुदी होगी….”

रवि ने ज़्यादा उत्साह नही दिखाया,” तूने तो अभी कुछ भी नही किया. मैं तो उसके पूरे बदन पर हाथ फेर चुका हूँ फिर भी उसने मुझे चोदने नही दिया. तू इतना खुश क्यूँ हो रहा है ?”

जस्सी बोला,” देख मुझे तेरी हेल्प चाहिए. अब मेरा प्लान सुन. सबसे पहले तो आज लंच के बाद आँचल को रिया के घर पहुँचाने मैं जाऊँगा. क्यूंकी इससे मुझे उसके साथ अकेले कुछ समय बिताने का मौका मिलेगा. और उसकी मुझसे झिझक दूर होगी. तू कोई बहाना बना देना की तुझे अर्जेंट्ली किसी से मिलने जाना है या कोई काम आ गया है. दूसरी बात , मैं चाहता हूँ की आँचल कल मेरे स्टूडियो आए , अपने फोटोग्राफ्स खिंचवाने. तो तुझे आँचल को इस बात के लिए उकसाकर राज़ी करना है और उसको मेरे स्टूडियो भी तू ही लेके आएगा. एक बार वो मेरे स्टूडियो में आ जाए बस , फिर बिना चुदे नही जा पाएगी. समझ गया ?”

रवि को जस्सी का प्लान ठीक लगा पर अभी भी उसको शंका थी की स्टूडियो में आँचल आ भी जाए तो ज़रूरी थोड़ी है की वो जस्सी और मुझसे चुदवाएगी. लेकिन अपना रोल प्ले करने के लिए रवि राज़ी हो गया.

फिर वो दोनों बाथरूम से वापस आ गये. और लंच ऑर्डर किया.

लंच करते समय जस्सी ने नोटिस किया की अब आँचल उससे थोड़ी खुलने लगी है , वरना पहले वो हरप्रीत से ही ज़्यादा बातें कर रही थी.

लंच करने आते समय आँचल का मूड रवि की वजह से बहुत खराब हो गया था , पर अब वो फिर से अच्छे मूड में आ गयी थी. जस्सी ने देखा आँचल हंस हंस कर बातें कर रही है, यही सही समय है.

उसने आँचल से कुछ फोटोग्राफ्स के लिए अपने स्टूडियो आने की बात छेड़ दी. रवि भी प्लान के अनुसार हाँ में हाँ मिलाने लगा. 

सबके ज़ोर देने से आँचल के मन में भी अपने कुछ अच्छे फोटोग्राफ्स खिंचवाने की इच्छा हुई और वो जस्सी से फोटो खिंचवाने को राज़ी हो गयी. लेकिन कहने लगी की चंडीगढ़ तो मेरे लिए अजनबी जगह है. मैं तुम्हारे स्टूडियो आऊँगी कैसे ?

आँचल की बात पर हरप्रीत तुरंत बोल पड़ी, “मैं तुम्हें स्टूडियो पहुँचा दूँगी.”

हरप्रीत की बात सुनकर जस्सी ने टेबल के नीचे रवि को किक मारी, अगर हरप्रीत आ गयी तो हमारा सब प्लान चौपट हो जाएगा.

रवि जल्दी से बोला,” अरे हरप्रीत भाभी , आप क्यूँ परेशान होती हो. आप तो शादी की तैयारियों में बिजी हो. मैं ले जाऊँगा आँचल भाभी को स्टूडियो.”

रवि के ज़ोर देने पर हरप्रीत मान गयी और जस्सी ने राहत की सांस ली.

फिर लंच खत्म करके घर जाने के लिए जैसे ही सब लोग उठे, रवि अपनी घड़ी की तरफ देखकर बोला, “ अरे मुझे तो एक ज़रूरी काम है. प्लीज़ जस्सी तुम अपनी कार से आँचल भाभी को घर छोड़ देना.”

प्लान के मुताबिक जस्सी तुरंत राज़ी हो गया और रवि अपनी कार लेकर चला गया.

जस्सी ने पहले हरप्रीत को उसके घर ड्रॉप किया , अब कार में आँचल और जस्सी थे.

पहली बार आँचल जस्सी के साथ अकेली थी. वो कार में नज़रें नीची किए बैठी थी और अपने ख्यालों में खोई थी. जस्सी के साथ अकेले होने से उसे फिर वही सीन याद आया जब उसने बाथरूम में जस्सी का लंड देखा था. आँचल की साँसे भारी हो चली और उसके निपल कड़क होकर तन गये. 

कार चलाते हुए जस्सी ने आँचल की तरफ देखा. वो चाह रहा था की आँचल से बातें करे ताकि आँचल उसके साथ घुल मिल जाए और कंफर्टेबल फील करे. लेकिन उसने देखा आँचल तो अपने ख्यालों में खोई हुई है और उसकी तरफ देख ही नही रही.

जस्सी जल्दबाज़ी या उतावलापन नही दिखाना चाहता था , उससे बात बिगड़ भी सकती थी. रास्ते भर दोनों चुपचाप रहे. लेकिन सोच एक दूसरे के बारे में ही रहे थे. 

तभी रिया का घर आ गया. जस्सी ने ब्रेक लगाकर कार रोकी तो आँचल की तंद्रा टूटी. घर के बाहर कार ना देखकर आँचल समझ गयी की अभी चाचा चाची वापस नही आए हैं. 

सकुचाते हुए आँचल ने जस्सी को बोला, एक कप कॉफी पी के जाओ.
Reply
12-08-2018, 12:14 PM,
#62
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
सकुचाते हुए आँचल ने जस्सी को बोला, एक कप कॉफी पी के जाओ.

जस्सी ने कुछ पल सोचा की कॉफी का ऑफर एक्सेप्ट करूँ या नही. फिर उसने हामी भर दी. 

आँचल ने जस्सी को लिविंग रूम में सोफे पर बिठा दिया और नौकर से कॉफी बनाने को कहा. फिर खुद दूसरे सोफे में बैठ गयी.

दोनो चुपचाप बैठे थे क्यूंकी बोलने को कुछ था नही. 

कुछ देर बाद जस्सी ने चुप्पी तोड़ी, “आँचल भाभी , वो उस दिन के लिए माफी चाहता हूँ, वो मैं बाथरूम लॉक करना भूल गया था. आप डरी तो नहीं ?”

उसकी बात से आँचल शरमा गयी.

“उंन्नमम…….इट्स ओके. मैं क्यूँ डरूँगी. वैसे भी मैं तो शादीशुदा हूँ , पहली बार थोड़े ही देखा है …”

ये सुनकर जस्सी हंसने लगा. आँचल और ज़्यादा शरमा गयी. फिर उसने बात बदल दी.

“वो फोटोग्राफ्स बहुत अच्छे थे….”

जस्सी मुस्कुराया , “भाभी , आई प्रॉमिस आपके फोटोस उनसे भी ज्यदा अच्छे होंगे.”

तभी नौकर कॉफी और बिस्किट्स ले आया.

आँचल ने ट्रे से कॉफी का कप उठाकर जस्सी को दिया. 

जस्सी ने आँचल का हाथ पकड़ लिया और उसकी आँखों में झाँकते हुए बोला, “भाभी, आप बहुत खूबसूरत हो….”

शरमाते हुए आँचल बोली,” थैंक यू जस्सी……”. लेकिन उसने अपना हाथ छुड़ाने की कोई कोशिश नही की.

जस्सी ने देखा आँचल उससे अपना हाथ नही छुड़ा रही है तो वो खुश हो गया और उसकी हिम्मत बढ़ गयी. उसने आँचल का हाथ छोड़ दिया और आँचल के बगल में आकर बैठ गया.

फिर कॉफी के कप को टेबल में रखकर आँचल के गालों को सहलाते हुए बोला,”आपका चेहरा बहुत सेक्सी है भाभी. आपकी इस खूबसूरती को मैं फोटोस में कैप्चर करूँगा, देखना आपको बहुत पसंद आएँगे…..”

आँचल कुछ नही बोली. उसकी साँसे भारी हो चली थी. और जोरो से दिल धड़क रहा था. 

जस्सी ने भी ये बात नोटिस की. उसने आँचल के चेहरे को अपने हाथों में पकड़ा और एक तरफ को घुमाते हुए बोला,” भाभी, साइड पोज़ में आपका चेहरा और भी खूबसूरत लगता है.”

आँचल ने जस्सी के हाथों का स्पर्श अपने चेहरे पर महसूस किया. जस्सी को रोकने में वो अपने को असमर्थ पा रही थी. बल्कि उसे अच्छा लग रहा था. उसने सोचा जस्सी उसका चुंबन लेना चाह रहा है, उसके रसीले होंठ खुल गये.

जस्सी सोचने लगा, आँचल तो एक्साइट हो रही है , इसके होंठ भी कंपकपा रहे हैं. अगर ये मेरा घर होता तो साली को अभी चोद देता. आँचल को गरम करने में जस्सी को मज़ा आ रहा था. वो सोचने लगा अभी तड़पाता हूँ तब कल देगी.

फिर उसने आँचल के चेहरे से अपने हाथ हटा लिए और मज़े से कॉफी पीने लगा.

आँचल को फ्रस्ट्रेशन हुई , इडियट ने किस भी नही किया , लेकिन कर ही क्या सकती थी.

कॉफी पीते हुए जस्सी बोला,” कल आपको लेने रवि किस समय आएगा ?”

“मुझे नही पता. उससे मेरी बात नही हुई. कल तुम ही लेने आ जाओ मुझे 11 बजे ….”

जस्सी समझ गया आँचल नही चाह रही है की फोटो सेशन के समय रवि भी वहाँ रहे. वो तुरंत तैयार हो गया और कॉफी खत्म कर के कप टेबल पर रख दिया.

फिर उसने आँचल की ठुड्डी के नीचे हाथ लगाकर उसका चेहरा ऊपर उठाया और उसकी गर्दन को देखने लगा , दूसरे हाथ से आँचल के कंधे को पकड़कर घुमाने लगा , जैसे फोटोग्राफ के लिए एग्जामिन कर रहा हो.

जस्सी के हाथों के अपने बदन में स्पर्श से आँचल के बदन में कंपकपी दौड़ गयी. उसके हाथ काँपने लगे.

जस्सी ने ये बात नोटिस की. मुस्कुराते हुए उसने आँचल के हाथ से कॉफी का कप पकड़कर टेबल पर रख दिया.

“भाभी , आपकी गर्दन और कंधे बहुत खूबसूरत दिखते हैं. अगर मैं कपड़े हटाकर आपके कंधों के कुछ फोटोस लूँ तो कैसा रहेगा ….” , आँचल के कंधों को सहलाते हुए जस्सी बोला.

“उउन्ह…...जस्सी….” आँचल से कुछ बोला ही नही गया.

जस्सी के हाथों के स्पर्श से आँचल बहुत गरम हो गयी थी. टाइट पैंट के अंदर उसकी चूत के होंठ फूल गये थे और चूत रस बहने लगा. उसकी साँसे रुक रुक कर आ रही थी , उसको लगा ओर्गास्म आने ही वाला है. उसने सपोर्ट के लिए जस्सी की जाँघ में अपना हाथ रख दिया. उत्तेजना से उसकी पकड़ इतनी मजबूत हो गयी की जस्सी को अपनी जाँघ में उसके नाख़ून चुभने लगे.

तभी घर के आगे कार के रुकने की आवाज़ आई. शायद रिया अपनी मम्मी के साथ वापस आ गयी थी.

जस्सी जल्दी से सोफे से उठा और बोला,” ठीक है भाभी , कल सुबह 11 बजे आऊँगा.”

आँचल ने हाँ में सर हिला दिया , ओर्गास्म ना निकल पाने से उसको फ्रस्ट्रेशन हुई. 

तभी रिया अपने मम्मी पापा के साथ अंदर आ गयी. जस्सी ने उनको विश की और बाहर चला गया.

आँचल उठकर बाथरूम चली गयी. बाथरूम में अपने चेहरे पर ठंडा पानी डालकर अपनी उत्तेजना को शांत करने का प्रयास करने लगी. अगर जस्सी रिस्क ले लेता तो आँचल इतनी गरम हो चुकी थी की अभी चुदने को तैयार थी. पर रिया के घर में जस्सी ने रिस्क नही लिया और ठीक ही किया क्यूंकी जल्दी ही रिया वापस आ गयी थी.

रवि के स्टूडियो ना आने से आँचल खुश थी क्यूंकी वो जस्सी के साथ अकेले फोटो सेशन करना चाह रही थी.

शाम को रिया के पेरेंट्स ने रवि और उसके पेरेंट्स को डिनर के लिए बुलाया. रवि तो रिया को लेकर घूमने निकल गया , आँचल उन दोनों के पेरेंट्स के साथ बोर हो गयी. 

फिर आँचल अकेले ही सोने चली गयी क्यूंकी रिया देर से आने वाली थी. बेड में लेटे हुए आँचल जस्सी के स्टूडियो में अपने फोटो सेशन के बारे में सोचने लगी.

रिया देर रात में घर वापस लौटी , आँचल ने अधखुली नींद में ही देखा , रिया का चेहरा खूब चमक रहा है और चेहरे पर मुस्कान भी है , रवि के साथ चुदाई के मस्त मज़े लेकर आई है.
Reply
12-08-2018, 12:14 PM,
#63
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
अगली सुबह आँचल ने रिया को बताया की उसे जस्सी ने फोटो सेशन के लिए अपने स्टूडियो बुलाया है.



रिया को आश्चर्य हुआ,” यार तुम बड़ी लकी हो. वो तो यहाँ का बेस्ट फैशन फोटोग्राफर है.”



आँचल ये सुनकर खुश हुई और उसने कपड़े पहनने , मेकअप करने में खूब टाइम लगाया. आँचल ने गुलाबी रंग की टीशर्ट और नीली जीन्स पहनी हुई थी. उस गुलाबी टीशर्ट में आँचल की चूचियाँ कुछ ज़्यादा ही बड़ी लग रही थीं.



उधर जस्सी ने रवि को फोन कर दिया था की प्लान चेंज हो गया है. अब आँचल को लेने तुम नही जाओगे , मैं जा रहा हूँ. और तुम 11 बजे से थोड़ा पहले स्टूडियो आ जाना. ताकि स्टोर रूम में फर्नीचर को खिसकाकर रवि के छिपने के लिए जगह बनाई जा सके. और वो वहीं से देखेगा की जस्सी और आँचल क्या कर रहे हैं.



रवि इसके लिए राज़ी हो गया लेकिन उसको भरोसा नही था की आँचल पट जाएगी.



इन सब सेट्टिंग में जस्सी को देर हो गयी.



आँचल सोचने लगी , 11 बजे आऊँगा बोला था , 12 बजने को है , शायद अब नही आएगा .



कुछ देर बाद जस्सी आँचल को लेने आया . 



“आँचल भाभी आज तो बेहद खूबसूरत लग रही हो.”



तारीफ सुनकर आँचल खुश हो गयी. “थैंक यू.”



आख़िर तैयार होने में इतना टाइम जो लगाया था , कॉम्पलिमेंट तो मिलना ही था.



फिर वो जल्दी ही जस्सी के स्टूडियो पहुँच गये. जस्सी ने आँचल को मेकअप रूम दिखाया और बोला, आप रेडी हो जाओ , तब तक मैं कैमरा , लाइट वगैरह एडजस्ट करता हूँ.



आँचल मेकअप रूम से बाहर आई तो देखा , जस्सी कैमरा के साथ रेडी है और बियर पी रहा है.



जस्सी ने बियर का एक कैन आँचल को भी दिया . दोनों बियर पीने लगे फिर जस्सी समझाने लगा की सबसे पहले मैं आपके चेहरे के फोटोस लूँगा और किस एंगल पर , कैसा एक्सप्रेशन लाना है वगैरह.



रवि स्टोर रूम में बैठे हुए उन दोनों को देख रहा था. जस्सी ने फोटोग्राफी के लिए तेज लाइट्स ऐसे लगा रखी थी की आँचल स्टोर रूम की तरफ नही देख सकती थी. लेकिन लाइट्स के पीछे से रवि सब साफ देख सकता था. 



रवि ने देखा , जस्सी आँचल के चेहरे के फोटो खींच रहा है. बीच बीच में आँचल के गालों को खूब टच भी कर रहा है , एंगल ठीक करने के बहाने और सही पोज़ के लिए आँचल के चेहरे को पकड़कर इधर से उधर घुमा रहा है. रवि सोचने लगा, जस्सी साला जानबूझकर आँचल के चेहरे, गालों को पकड़ रहा है . मेरी भाभी से मज़े ले रहा है और भाभी कुछ नही कह रही है.



फिर जस्सी ने कहा, होठों से सेक्सी पाउट का पोज़ बनाओ , आँचल ने सेक्सी पाउट बनाया और जस्सी ने कुछ फोटो लिए. 



अब जस्सी बोला, होंठ गीले करो , ऐसा लगे की जैसे अभी किसी ने चुंबन लिया हो.



आँचल ने जीभ से होंठ गीले कर लिए लेकिन सही पोज़ नही बन पा रहा था. जस्सी उसे बताता रहा की ऐसा करो , ये करो, होठों को थोड़ा खोलो , पर सही एक्सप्रेशन नही आ पा रहे थे.



फिर जस्सी आँचल के पास गया और अपने हाथों में उसका चेहरा पकड़ लिया. उसके बाद जस्सी ने झुककर आँचल के होठों का चुंबन ले लिया. रवि हैरानी से देखता रहा, जस्सी आँचल के होठों के अंदर जीभ घुसाकर चुंबन ले रहा है. आँचल अपना मुँह पीछे हटाने की कोशिश कर रही है पर जस्सी ने उसके चेहरे को कस कर पकड़ा हुआ है और लंबा चुंबन ले रहा है.



फिर रवि ने देखा आँचल जस्सी के चुंबन से अपने को छुड़ाने की कोशिश कर रही है . शायद वो सांस नही ले पा रही है. रवि सोचने लगा , जैसे ही आँचल अपने को जस्सी की पकड़ से छुड़ा लेगी तो जस्सी को एक करारा झापड़ रसीद कर देगी.



तभी , अचानक जस्सी ने आँचल को छोड़ दिया और जल्दी से कैमरा के पीछे जाकर फोटो खींचने लगा.



आँचल के चेहरे के एक्सप्रेशन ऐसे थे , जैसे वो जस्सी के व्यवहार से हक्की बक्की रह गयी हो . उसकी आँखें फैली हुई, मुँह खुला था और वो सांस लेने की कोशिश कर रही थी . उसके होंठ जस्सी की लार से गीले हो गये थे.



उसकी ऐसी हालत में जस्सी फटाफट फोटो खींचे जा रहा था.



फिर जस्सी ने कहा,” वाओ भाभी, यही एक्सप्रेशन मुझे चाहिए था………. एकदम परफेक्ट ….. ”



जस्सी ने इतनी चालाकी से ये बात कही की आँचल उसके व्यवहार को लेकर कोई शिकायत नही कर सकी.



उसके बाद जस्सी ने आँचल से मेकअप रूम जाकर लाल रंग की चोली पहनकर आने को कहा.



रवि ने देखा , आँचल चुपचाप मेकअप रूम चली गयी.



आँचल के चेहरे का ये फोटो सेशन करीब 30 मिनट चला था. अब जस्सी दूसरी तरह से फोटो खींचना चाहता था.



आँचल के मेकअप रूम में जाते ही जस्सी मुस्कुराते हुए रवि के पास आया ,” देखा बेटा तूने , ऐसे पटाते हैं लड़की को. जी भरके चूसा साली को और ऐसे दिखाया जैसे ये फोटोग्राफी का ही एक हिस्सा है . बेचारी कुछ बोल ही नही पायी ………”



रवि फुसफुसाया,” साले , मैं तो सोच रहा था तेरी इस हरकत पर भाभी तुझे थप्पड़ मारेगी पर तूने तो उसे मौका ही नही दिया.”



जस्सी मुस्कुराया,” तू देखता रह, जल्दी ही तेरी भाभी की चुदाई करूँगा.”



रवि ने विश्वास नही किया,”मुझे नही लगता वो तेरे को चोदने देगी. वो सिर्फ़ टीज़ करती है.”



जस्सी ने देखा रवि को भरोसा नही है . लेकिन जस्सी ने इसी स्टूडियो में ऐसे ही पटा पटा के कितनी ही मॉडल्स को चोदा था . उसे सब क्लियर आइडिया था , कब कौन सा स्टेप लेना है और कैसे धीरे धीरे लड़की को चुदाई के लिए गरम करना है.



फिर मेकअप रूम के दरवाज़े की आवाज़ सुनकर जस्सी ने रवि को चुप रहने का इशारा किया और अपनी जगह पर आ गया. रवि भी स्टोर रूम के अंदर चला गया.



मेकअप रूम में कपड़े बदलते हुए आँचल जस्सी के व्यवहार से हैरान थी. जस्सी ने मुझे पकड़कर इतनी ज़ोर से चुंबन लिया और फिर ऐसे दिखा रहा है , जैसे ये सही एक्सप्रेशन लाने के लिए किया हो. क्या वो मुझमे इंट्रेस्टेड है ? या फिर उसको परफेक्ट पोज़ चाहिए था , सिर्फ़ इसलिए . 



रिया बता रही थी की जस्सी चंडीगढ़ का सबसे बढ़िया फैशन फोटोग्राफर है. हो सकता है वो मॉडल्स के साथ ऐसे ही बिहेव करता हो. 



यही सब ख्याल आँचल के मन में आ रहे थे. कुछ अपसेट तो वो हो गयी थी पर कैसे रियेक्ट करूँ उसको समझ नही आ रहा था क्यूंकी जस्सी ने उसे उलझा दिया था.



आँचल ने अपनी गुलाबी टीशर्ट उतार दी और लाल रंग की चोली पहनने लगी. वो चोली झीने कपड़े की बनी हुई थी और उसमें सिर्फ़ दो डोरियाँ थी , एक गर्दन पर बाँधने के लिए , दूसरी पीठ पर बाँधने के लिए. आँचल ने ब्रा के ऊपर से चोली पहन ली और मेकअप रूम से बाहर आ गयी.



जस्सी ने एक घूमने वाले स्टूल में आँचल से बैठने को कहा. आँचल स्टूल में बैठ गयी. फिर जस्सी ने आँचल से कैमरा की तरफ पीठ करने को कहा. आँचल ने स्टूल घुमा लिया. 



जस्सी ने आँचल की पीठ में ब्रा के स्ट्रैप्स देखे , उसे हँसी आ गयी.



आँचल झेंप गयी और आगे घूमकर जस्सी से पूछने लगी, क्यूँ हंस रहे हो ?”



“भाभी , आप पहली लड़की हो जिसने ब्रा के ऊपर चोली पहनी है. प्लीज़ ब्रा उतार के आओ. मैं चोली में आपकी खुली पीठ की फोटोस लेना चाहता हूँ.”



जस्सी के हंसने से आँचल ने अपमानित महसूस किया. वो चुपचाप मेकअप रूम चली गयी और ब्रा उतारकर चोली पहन ली. उस झीनी चोली में आँचल की बड़ी चूचियाँ और ऐरोला दिख रहा था. यही वजह थी की आँचल ने पहले ब्रा नही उतारी थी. उस चोली में साइड से भी आँचल की चूचियाँ दिख रही थी. 



उस चोली को पहनकर आँचल अनकंफर्टेबल फील कर रही थी क्यूंकी वो आँचल की बड़ी चूचियों को ठीक से ढक नही रही थी ऊपर से झीना कपड़ा होने से जो हिस्सा ढका था वो भी दिख रहा था.



आँचल वापस आकर स्टूल में बैठ गयी. रवि ने देखा, अरे जस्सी ने क्या पहनवा दिया है भाभी को. इसके तो मुममे साफ दिख रहे हैं , निप्पल के चारो ओर का भूरे रंग का ऐरोला भी दिख रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे छाती पर लाल रंग का कोई पारदर्शी कपड़ा रखा हो. ये चोली तो कुछ ढक ही नही रही है.



आँचल बहुत ही सेक्सी लग रही थी , गोरे रंग की छाती पर लाल रंग की झीनी चोली. आँचल के गोरे गोरे बड़े मुममे देखकर रवि का मन उनको दबोचने , चूसने और उन पर दाँत गड़ाने का हुआ.



फिर जस्सी आँचल की फोटो खींचने लगा. जस्सी कभी आँचल से स्टूल आगे को घुमाने को कहता , कभी पीछे को , कभी साइड में. फिर उसने आँचल से अपनी बाँहें ऊपर उठाने को कहा, इससे आँचल की चूचियाँ आगे को तन गयी , इस पोज़ में कुछ फोटो ले लिए.



रवि ने देखा जस्सी कभी आँचल का चेहरा छू रहा है, कभी उसकी खुली हुई पीठ पर हाथ फेर रहा है , कभी उसकी नंगी बाँह पकड़ रहा है . मतलब पोज़ बनाने के बहाने जितना छू सकता है उतना छू रहा है. 



फिर जस्सी बोला , मुझे इस चोली में वही चुंबन वाला लुक चाहिए. 



और इससे पहले की आँचल कुछ रियेक्ट कर पाती उसने फिर से आँचल के चेहरे को पकड़कर ज़ोर से चुंबन लेना शुरू कर दिया.


रवि ने देखा , इस बार आँचल अपने को छुड़ाने की कोशिश नही कर रही है. जस्सी की जीभ के लिए उसने अपने होंठ खोल दिए और जस्सी आँचल के मुँह में अपनी जीभ घुमा रहा है. जस्सी ने अब आँचल का चेहरा छोड़ दिया है और चुंबन लेते हुए ही , एक हाथ से उसकी गर्दन सहला रहा है और दूसरे हाथ से उसके बाल पकड़े हैं.
Reply
12-08-2018, 12:14 PM,
#64
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
रवि ने देखा जस्सी कभी आँचल का चेहरा छू रहा है, कभी उसकी खुली हुई पीठ पर हाथ फेर रहा है , कभी उसकी नंगी बाँह पकड़ रहा है . मतलब पोज़ बनाने के बहाने जितना छू सकता है उतना छू रहा है. 

फिर जस्सी बोला , मुझे इस चोली में वही चुंबन वाला लुक चाहिए. 

और इससे पहले की आँचल कुछ रियेक्ट कर पाती उसने फिर से आँचल के चेहरे को पकड़कर ज़ोर से चुंबन लेना शुरू कर दिया.

रवि ने देखा , इस बार आँचल अपने को छुड़ाने की कोशिश नही कर रही है. जस्सी की जीभ के लिए उसने अपने होंठ खोल दिए और जस्सी आँचल के मुँह में अपनी जीभ घुमा रहा है. जस्सी ने अब आँचल का चेहरा छोड़ दिया है और चुंबन लेते हुए ही , एक हाथ से उसकी गर्दन सहला रहा है और दूसरे हाथ से उसके बाल पकड़े हैं.

उसके बाद जस्सी आँचल के रसीले होठों को अपने दाँतों से काटने लगा. आँचल सिसकने लगी. फिर जस्सी आँचल की बड़ी चूचियों को चोली के बाहर से मसलने लगा. चूचियों को दबाते हुए जस्सी उसके होठों को भी चूसता रहा.

अब आँचल गरम होने लगी थी. जस्सी के ज़ोर से चूचियों को मसलने से वो सिसकारियाँ लेने लगी……….. ओह्ह ……………...आआअहह…………....उनन्ं……………..आआआहह…………….

फिर जस्सी ने आँचल के होंठ छोड़ दिए और चोली के बाहर से ही उसकी चूचियों पर दाँत गड़ा दिए. पतले कपड़े के बाहर से वो निप्पल को चूसने लगा और दूसरी चूची को हाथ से मसलता रहा. चूचियों का उपरी हिस्सा जो चोली के बाहर था उस पर जस्सी ने दाँत काटकर लाल निशान बना दिए.

रवि ने देखा , आँचल भाभी को जस्सी ने मदहोश कर दिया है. जस्सी आँचल की चूचियों को चूस रहा है , दबा रहा है और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही है. आँचल की कामुक सिसकारियाँ सुनकर स्टोर रूम में बैठे हुए रवि का लंड तन गया और पैंट में दर्द करने लगा.

रवि सोचने लगा , फोटो सेशन की बजाय यहाँ तो…….... ऊह …आहह…… हो रही है, देखता हूँ अब जस्सी क्या करता है ?

तभी अचानक जस्सी ने आँचल को छोड़ दिया और दौड़ के कैमरा के पीछे जाकर आँचल की फोटो खींचने लगा. आँचल अस्त व्यस्त हालत में थी . उसकी साँसें उखड़ी हुई थी, उसका मुँह खुला हुआ था , होंठ जस्सी की लार से गीले हुए थे, उसकी दायीं चूची का ऐरोला चोली से बाहर दिख रहा था. उसकी आँखें मदहोश हो रखी थी. हल्की हल्की सिसकारियाँ लेते हुए आँचल सीधे कैमरा की तरफ देख रही थी और जस्सी फटाफट उसकी फोटो खींचे जा रहा था. 

उसके बाद जस्सी फिर से आँचल के पास गया और उसके स्टूल को घुमा दिया जिससे आँचल की नंगी पीठ कैमरा की तरफ हो गयी. फिर जस्सी ने आँचल की नंगी पीठ पर बोतल से ठंडा पानी गिरा दिया.

अपनी नंगी पीठ पर ठंडा पानी पड़ते ही आँचल ने ज़ोर से सिसकारी ली. वो चिल्लाई , “ये क्या कर रहे हो , जस्सी ?”

जस्सी शांत स्वर में बोला,” आगे को मत मुड़ो , ऐसे ही बैठी रहो. “

फिर जस्सी ने आँचल की भीगी हुई नंगी पीठ की फोटो लेनी शुरू कर दी. साइड पोज़ में आँचल के चेहरे और खुले हुए कंधे, चोली से बाहर झाँकती उसकी चूची , इस पोज़ में कुछ फोटो खींच ली. 

उसके बाद जस्सी ने आँचल को एक केला दिया और उसे चूसने को कहा.

रवि ने देखा , जस्सी जैसा कह रहा है , आँचल चुपचाप वैसा ही कर रही है. 

आँचल ने थोड़ा सा केले का छिलका उतारा और उसे चूसने लगी. इस पोज़ में कुछ फोटो लेने के बाद, जस्सी ने आँचल से केला रख देने को कहा , पर मुँह वैसे ही खुला रखना जैसे केला चूस रही हो. जस्सी ने ऐसे कुछ फोटो ले ली.

जस्सी फिर से आँचल के पास गया और उसका चेहरा ऊपर उठाकर होठों का चुंबन लिया. फिर गर्दन में बँधी हुई चोली की डोरी खोल दी. डोरी खुलने से चोली नीचे को लटक गयी और आँचल की गोरी गोरी बड़ी चूचियाँ नंगी हो गयी. अब जस्सी आँचल की चूचियों को चूसने लगा.

रवि ने देखा आँचल ज़ोर से सिसक रही है और जस्सी उसकी चूचियों को जी भरकर चूस रहा है. उसने देखा आँचल भाभी जस्सी के बालों में हाथ फिरा रही है और उसके चेहरे को सहला रही है और जस्सी दोनों चूचियों को बारी बारी से चूस रहा है. आँचल सिसकारियाँ लेते हुए ….जस्सी ….जस्सी………...कह रही है .

आँचल की चूचियों को जी भरकर चूसने के बाद जस्सी खड़ा हो गया.

रवि ने देखा, आँचल की चूचियों को जस्सी ने चूस चूसकर गीला कर दिया है और कई जगह दाँत गड़ाकर लाल निशान बना दिए हैं. आँचल के गहरी साँसें लेने से उसकी बड़ी चूचियाँ भी ऊपर नीचे हिल रही हैं.

अब जस्सी अपनी पैंट उतारने लगा और जल्दी ही अंडरवियर भी उतारकर अपने लंड को आँचल के चेहरे के पास लाया.

रवि ने पहली बार अपने दोस्त जस्सी का लंड देखा, साले का तो बहुत बड़ा लंड है और अभी तो पूरा खड़ा भी नही है.

आँचल ने अपने चेहरे के आगे जस्सी का बड़ा लंड देखा. इस मोटे लंड से चुदाई की कल्पना करके उसकी चूत के होंठ फूल गये और चूत से रस बहने लगा. 

रवि ने देखा , उसकी भाभी ने अपने हाथ से जस्सी का लंड पकड़ लिया और अपना मुँह खोलकर जीभ से सुपाड़े को चाट रही है. सुपाड़े पर आँचल की जीभ लगते ही लंड ने झटका मारा. 

आँचल सुपाड़े पर जीभ फिराने लगी . जस्सी ने अपनी शर्ट भी उतार दी और नंगा हो गया.

आँचल ने सर उठाकर जस्सी को देखा. जस्सी की चौड़ी छाती बालों से भरी हुई थी. जस्सी के साथ होने वाली जबरदस्त चुदाई की कल्पना करके आँचल की चूत से रस बहने लगा. 

रवि ने देखा , आँचल भाभी तो बिना कहे जस्सी का लंड चूस रही है. 

जस्सी भी समझ गया था , आँचल अब बहुत गरम हो चुकी है , अब इसको चोदने में कोई परेशानी नही है. रवि तो कह रहा था की ये सिर्फ़ टीज़ करती है , चोदने नही देती. अब देखेगा वो भी की मैं उसकी भाभी की कैसे रगड़कर चुदाई करता हूँ. आँचल को चोदकर इतना मज़ा दूँगा जितना इसे पहले कभी नही आया होगा.

अब आँचल जस्सी का लंड मुँह में लेकर चूस रही थी . जस्सी ने आँचल की गर्दन पकड़ ली और ज़्यादा से ज़्यादा लंड उसके मुँह में घुसाने की कोशिश करने लगा. आँचल को अपना मुँह ज़्यादा खोलना पड़ा. रवि ने देखा, भाभी का दम घुटने लगा है. उसका मुँह पूरा फैल चुका है पर अभी भी जस्सी का पूरा लंड मुँह के अंदर नही घुस पाया है. खूबसूरत चेहरे वाली अपनी आँचल भाभी के मुँह में जस्सी का लंड घुसा देख रवि का लंड भी झटके मारने लगा. 

आँचल ने पहले भी बड़े लंड चूसे थे पर किसी ने भी उसके गले तक लंड घुसाने की कोशिश नही की थी , जैसे अभी जस्सी कर रहा था. जस्सी चाह रहा था आँचल जड़ तक लंड को अपने मुँह में ले. 

लंड को पूरा आँचल के मुँह में घुसाकर ही जस्सी माना और फिर अंदर बाहर करके उसका मुँह चोदने लगा. 

अपनी सुंदर भाभी के मुँह में जस्सी का मोटा लंड अंदर बाहर होते देखकर रवि भी बहुत उत्तेजित हो गया और उसने अपने पैंट की ज़िप खोलकर लंड बाहर निकाल लिया. आँचल भाभी को जस्सी का बड़ा लंड चूसते हुए देखकर रवि अपने लंड में मूठ मारने लगा.

आँचल लंड चूसते हुए जस्सी की गोलियों को अपनी अंगुलियों से सहला रही थी. सेक्सी आँचल के नरम हाथों का स्पर्श अपनी गोलियों पर महसूस करके जस्सी भी सिसकने लगा ….आअहह…………..

मादक आँचल लंड चूसने में माहिर हो चुकी थी , जब उसने जस्सी को सिसकते हुए देखा तो वो और ज़ोर से उसका लंड चूसने लगी और अपनी अंगुलियों से उसकी गोलियों को दबाने लगी और उनकी मुलायम त्वचा पर नाख़ून चुभाने लगी. जस्सी को अजीब सी सनसनी होने लगी. ये रवि की सेक्सी भाभी तो साली लंड चूसने में एक्सपर्ट लगती है और वो साला इसे सती सावित्री बता रहा था. 

जस्सी को आँचल ने लंड चूसकर इतना मज़ा दिया की वो झड़ने ही वाला था . लेकिन जस्सी ने सोचा अगर मैं आँचल के मुँह में झड़ जाऊँ और क्या पता कब साली का मूड बदल जाए . और फिर ये चोदने ना दे तो मैं रवि से शर्त हार जाऊँगा, आँचल के साथ मैं ज़बरदस्ती तो कर नही सकता . अभी तो ये बहुत गरम हो रखी है , इसलिए पहले चोद ही लिया जाए. ऐसा सोचकर जस्सी ने अपना लंड आँचल के मुँह से निकाल लिया.

रवि ने देखा , जस्सी ने उसकी भाभी के मुँह से लंड निकल लिया है. लंड पर आँचल की लार लगी हुई थी और आँचल के खुले मुँह से भी लार निकलकर बहने लगी. जस्सी ने आँचल को स्टूल से उठाया और उसके होठों को चूसने लगा. फिर उसके मुँह में जीभ घुसाकर अंदर घुमाने लगा. आँचल जस्सी की पीठ और नितंबों पर हाथ फिराने लगी.

ये सब सीन देखकर रवि के लंड ने पानी छोड़ दिया . फर्श पर वीर्य गिराकर रवि ने हल्के से आह ……भरी. और वो जस्सी को आँचल के होठों को चूसते हुए देखने लगा. ये जस्सी साले के तो छाती और पीठ में भी इतने बाल हैं, साला आदमी है या भालू , रवि सोच रहा था. जस्सी की बाँहों में आँचल को देखकर उसको ‘ब्यूटी एंड द बीस्ट’ वाली कहावत याद आ रही थी.

आँचल उत्तेजना से सिसक रही थी और उसकी बड़ी चूचियाँ जस्सी की बालों से भरी छाती से दबी हुई थीं. काफ़ी देर तक ऐसे ही आँचल को चूसने के बाद जस्सी ने सिसकारियाँ लेती आँचल के चेहरे को अपने हाथों में पकड़ा और पूछने लगा,” भाभी क्या तुम चाहती हो की मैं तुम्हें चोदूँ ?” 

ये सुनकर रवि कुछ हैरान हुआ की जस्सी भाभी से ऐसे क्यूँ पूछ रहा है ? तभी उसको याद आया की उसने ही तो शर्त में कहा था की भाभी खुद राज़ी होनी चाहिए. अगर भाभी मना कर दे तो ? साला मैंने बेवक़ूफी करदी , ऐसी कंडीशन नही रखनी चाहिए थी.

तभी रवि को आँचल की धीमी आवाज़ सुनाई पड़ी,” ओह्ह ……..जस्सी ….. हाँ …..जस्सी…..तुम….”
आँचल शरम से पूरा नही कह पाई.

रवि ने देखा , आँचल की हाँ सुनकर, जस्सी आँचल को दूसरे रूम में ले जा रहा है. आँचल का चेहरा जस्सी की छाती से सटा हुआ है और जस्सी उसकी नंगी पीठ को सहला रहा है. 

उन दोनों के दूसरे रूम में घुसते ही रवि भी स्टोर रूम से बाहर आया और दबे पाँव उस रूम की तरफ बढ़ गया.
Reply
12-08-2018, 12:15 PM,
#65
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
स्टूडियो में जस्सी ने एक रेस्टरूम बनाया हुआ था , जिसमें एक बेड भी था. जिस मॉडल को जस्सी ने पटा लिया उसकी चुदाई इसी बेड में होती थी. जस्सी आँचल को भी उस कमरे में ले गया. 

कमरे के दरवाज़े से छिपकर रवि ने देखा , जस्सी झुककर आँचल की जीन्स की ज़िप खोल रहा है. आँचल सहारे के लिए जस्सी के कंधे पकड़े हुए है और अपनी टाँगें उठाकर जस्सी को जीन्स उतारने में मदद कर रही है. अब आँचल सिर्फ़ पैंटी में थी. चोली जस्सी पहले ही उतार चुका था. रवि ने देखा, भाभी की कच्छी तो आगे से गीली हो गयी है.

जस्सी ने भी आँचल की कच्छी में गीले धब्बे देखे , वो खुश हो गया , साली बहुत गरम हो चुकी है , चूत से रस निकल रहा है. जस्सी ने गीली कच्छी के बाहर से चूत पर अंगूठा रगड़ा , आँचल के मुँह से सिसकारी निकल गयी …… ओह्ह ……………....

आँचल ने एक हाथ से जस्सी के कंधे को पकड़ा हुआ था , दूसरे हाथ में उसने जस्सी का लंड पकड़ लिया.

जस्सी ने देखा आँचल अपने मुलायम हाथ से उसके लंड को पकड़े हुए है और हल्के से सिसकारियाँ ले रही है.

“भाभी, तुम्हें मेरा लंड अच्छा लग रहा है ?” आँचल की चूत के फूले हुए होठों को गीली कच्छी के बाहर से रगड़ते हुए जस्सी बोला.

“उन्न………...ओह्ह……. हाँ , मुझे तुम्हारा लंड चाहिए ………प्लीज़ जस्सी …… ओह्ह ……….” आँचल उस बड़े लंड से चुदने को तड़प रही थी.

रवि ने आँचल की तड़प देखी. मादक आँचल को चुदने के लिए तैयार देखकर रवि का मुरझाया लंड फिर से खड़ा हो गया.

जस्सी नीचे झुककर आँचल की गीली कच्छी उतारने लगा . आँचल जस्सी के कंधों को पकड़कर टांग उठाकर कच्छी उतारने में मदद करने लगी. अब आँचल पूरी नंगी हो गयी. उत्तेजना से उसकी चूत के होंठ फूल गये थे और क्लिट तन गया था. 

जस्सी अंगूठे से आँचल की क्लिट को रगड़ने लगा. आँचल सिसकारियाँ लेने लगी. उसकी टाँगे काँपने लगी, सहारे के लिए उसने जस्सी की छाती में अपना चेहरा टिका दिया. फिर जस्सी ने आँचल को बेड में लिटा दिया.

रवि ने देखा, आँचल भाभी बेड में नंगी लेटी हुई है. उसका गोरा नंगा बदन चमक रहा है. उसकी आँखें मदहोश हो रखी हैं. काम की देवी लग रही है बिल्कुल. गहरी साँसें लेने से उसकी बड़ी चूचियाँ ऊपर नीचे हिल रही है. चूत से रस बहने से उसकी चूत के बाल भी गीले हो गये हैं. ये सीन देखकर रवि ने पैंट की ज़िप खोलकर लंड बाहर निकाल लिया और उसे सहलाने लगा.

जस्सी अपने लंड को हाथ से हिला रहा था. कई बार ऐसा हुआ था की उसके बड़े लंड को देखकर लड़कियों की घबराहट से चूत सूख जाती थी , तो उसे जेली लगाकर चूत गीली करनी पड़ती थी. लेकिन आँचल की चूत से तो रस टपक रहा था. जस्सी खुश हुआ , बहुत गरम माल है रवि की भाभी.

जस्सी बेड में आया और आँचल की क्लिट पर अपने लंड का सुपाड़ा रगड़ने लगा. आँचल चूत में लंड लेने को तड़पने लगी , लेकिन जस्सी उसे तड़पाता रहा . चूत के होठों के बीच की दरार में ऊपर से नीचे तक सुपाड़े को घुमाते रहा पर अंदर नही डाला. वो चाह रहा था आँचल उससे चुदाई के लिए विनती करे.

आँचल इतनी गरम हो चुकी थी की चूत में लंड लेने को तड़प रही थी. जस्सी को लंड चूत में ना घुसाते देख आँचल विनती करने लगी, “ओह्ह ……….जस्सी मुझे चोदो …उम्म्म्म………..मुझे चोदो प्लीज़………..”

लेकिन जस्सी उसकी क्लिट को सुपाड़े से रगड़ते रहा. आँचल को ऐसे करने से हो ओर्गास्म आ गया.

रवि ने देखा, आँचल भाभी बेशर्मी से अपनी गांड ऊपर को उछालकर ज़ोर से सिसकारियाँ लेती हुई झड़ रही है………... आआअहह …………….... ओह्ह …………....उन्न्न्…………. ओह्ह ………..

अपनी भाभी की कामुक सिसकारियाँ सुनकर रवि भी बहुत उत्तेजित हो गया. 

आँचल को ओर्गास्म आया देखकर जस्सी रुक गया. जब आँचल की सिसकारियाँ कम हो गयी तो जस्सी ने आँचल की चूत के छेद में सुपाड़ा रखकर एक धक्का लगाया. चूत के होठों को फैलाते हुए सुपाड़ा गीली चूत के अंदर घुस गया. 

“ओह्ह …………..अहह………………..उन्न्नह……………..आआअहह………....” जस्सी के मोटे लंड का सुपाड़ा अंदर घुसते ही आँचल सिसकने लगी.

आह ………आँचल की गरम लावे जैसी तपती चूत में लंड घुसने का असीम सुख जस्सी को मिल रहा था. 

जस्सी ने आँचल की टाँगों को थोड़ा और फैलाया और एक ज़ोर से झटका देकर लंड जड़ तक आँचल की चूत में घुसा दिया. आँचल की उठी हुई गांड से जस्सी की गोलियाँ टकरा गयी. अपनी चूत में बड़ा लंड घुसने से आँचल को दर्द महसूस हुआ , लेकिन उस दर्द में भी मीठेपन का एहसास था.

रवि ने देखा , जस्सी का बड़ा लंड लेने में आँचल भाभी को थोड़ी परेशानी हो रही है लेकिन उसने अपनी गांड उठाकर लंड को पूरा चूत के अंदर ले लिया. जस्सी ने लंड को सुपाड़े तक बाहर निकाला . उसका लंड आँचल के चूतरस से गीला होकर चमक रहा था , और फिर से पूरा लंड अंदर ठेल दिया. चिकनी आँचल की चूत में जस्सी का मोटा लंड अंदर बाहर जाते देखकर रवि का लंड भी झटके मारने लगा.

आँचल को अब किसी से मतलब नही था. काम सुख का जो मज़ा उसे मिल रहा था , वो उसका चेहरा बता रहा था. जस्सी के मोटे लंड से उसकी नरम चूत की दीवारों की रगड़कर चुदाई हो रही थी. आँखें बंद करके वो चुदाई का मज़ा ले रही थी. सिसकारियाँ लेते हुए वो अपने नितंबों को ऊपर उछालकर जस्सी के पूरे लंड को निगलने की कोशिश कर रही थी.

रवि उनकी चुदाई को देखकर एक्साइटेड था. आँचल भाभी तो रंडी की तरह चुदवा रही है. अपनी छोटी सी चूत में जस्सी का पूरा लंड निगल गयी है. 

जस्सी अब ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा. आँचल ने जस्सी की पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा दिए और नितंबों को ऊपर उछालकर चुदाई में जस्सी का साथ देने लगी.

रवि ने देखा , उसकी भाभी अब सारी शरम लिहाज छोड़कर रंडी की तरह बिहेव कर रही है.

“आअहह………………...और ज़ोर से………………... ओह्ह ……………और ज़ोर से चोदो ………………..उईईईईईई माँ आआआ………………... हाँ ………और चोदो ……………….ओइईईईईईईईई……………….. माँ आआ…………………….उन्न्न्………… ओह्ह ……...आआआअहह..”

आँचल को दूसरा ओर्गास्म आ गया और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए झड़ने लगी.

रवि ने देखा, आँचल भाभी ने कमर उठाकर टेडी कर दी फिर बेड पर वापस गिरा दी. उसका नंगा गोरा बदन पसीने से चमक रहा था. भाभी इतने ज़ोर से चिल्लाते हुए झड़ रही है.

अब रवि से बर्दाश्त नही हुआ , वो भी नंगा होकर लंड हाथ में पकड़े हुए अंदर आ गया. 

आँचल की नज़र रवि पर पड़ी. उसने मदहोश आँखों से नंगे रवि को देखा,…… ओह्ह ……..रवि………..

जस्सी ने देखा रवि नंगा होकर कमरे में घुस आया है. आँचल रवि को देखकर कोई बखेड़ा ना कर दे , ये सोचकर जस्सी ने आँचल को तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया. 

आँचल का बदन तेज झटकों से आगे पीछे हिलने लगा. वो रवि को ही देख रही थी और जस्सी की ताबड़तोड़ चुदाई से उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी.

रवि भी बेड के पास आकर खड़ा हो गया. जस्सी के जोरदार धक्कों से आँचल का बदन बुरी तरह से हिलने लगा, उसकी बड़ी चूचियाँ भी धक्कों के साथ ही आगे पीछे को हिल रही थी. जस्सी की जांघों के आँचल की जांघों से टकराने से कमरे में ठप……ठप… …ठप की आवाज़ गूंज रही थी.

“आअहह……..ओह……...रवि……. तुम्हारा दोस्त जस्सी मुझे बेरहमी से चोद रहा है और मुझे बहुत मज़ा आ रहा है…………..ऊहह………..आआहह………..ओइईई…………रवि ……..ये जस्सी मुझे चोद रहा है …….उन्न्ञणन्………….……आआहह……… ओह …...रवि …” 

आँचल रवि को देखते हुए मदहोशी में बोलती रही और फिर उसे तीसरी बार ओर्गास्म आ गया. 

रवि से आँचल के नंगे बदन की मादकता बर्दाश्त नही हुई और उसने झड़ती हुई आँचल के चेहरे और मुँह में अपना वीर्य गिरा दिया. 

आँचल तीन बार झड़ चुकी थी लेकिन जस्सी एक बार भी नही झड़ा था. 

जस्सी ने आँचल की चूत से अपने लंड को बाहर निकाला . आँचल की रस टपकाती चूत से बड़ा लंड ….प्वकक …की आवाज़ करते हुए बाहर आया और कुछ देर तक आँचल की चूत का मुँह खुला रह गया. फिर आँचल के नितंब पर एक थप्पड़ मारकर जस्सी आँचल के ऊपर से उठ गया.

फिर जस्सी ने आँचल को अपनी गोद में उल्टा लिटा दिया. आँचल का मुँह नीचे को था और नितंब ऊपर को. उसके मुलायम पेट से जस्सी का लंड दब रहा था .आँचल के बड़े नितंबों पर जस्सी ने हाथ रख दिए. 

अपने हाथों से आँचल के नितंबों को जोर से दबाते हुए जस्सी बोला,” देख रवि, तेरी भाभी कितनी गरम माल है. “

फिर आँचल के नितंबों को फैलाकर जस्सी ने उसकी रस टपकाती चूत को रवि को दिखाया. अब जस्सी आँचल की चूत में उंगली करने लगा और उसकी क्लिट को अंगूठे से कुरेदने लगा.

“देख , कैसे फुदकती है तेरी भाभी ?”

जस्सी के अंगुली करने से आँचल अपने नितंब ऊपर को उचकाने लगी लेकिन जस्सी ने उसको अपनी गोद में दबा रखा था , तो वो अपने पैर पटकने लगी.

आज बहुत दिन बाद आँचल की ऐसी जबरदस्त चुदाई हुई थी , उसका बदन आज उसके काबू में नही था. जस्सी के चूत में अंगुली करने से वो सिसकियाँ लेते हुए अपने बदन को उचकाती रही.

फिर चूत रस से गीली एक अंगुली को जस्सी ने आँचल की गांड के छेद में डाल दिया. आँचल ज़ोर से चिल्लाई ….आआहह…...

जस्सी एक साथ आँचल के दोनो छेदों में अंगुली करने लगा और उसकी गोद में आँचल ज़ोर से सिसकते हुए फड़फड़ाने लगी.
Reply
12-08-2018, 12:15 PM,
#66
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
जस्सी ने अपनी अंगुलियों से आँचल की चूत के होठों को खोल कर फैला दिया और रवि को दिखाया , तेरी भाभी कितनी गीली हो रखी है. 

फिर जस्सी आँचल के गोरे गोरे सुडौल नितंबों पर थप्पड़ मारने लगा. थप्पड़ से आँचल के बड़े नितंब इधर उधर हिलने लगे. आँचल दर्द से चिल्लाई………. आऊच….

जस्सी उसकी क्लिट को रगड़ने लगा , आँचल फिर से सिसकारियाँ लेने लगी. 

जस्सी ऐसे ही आँचल को दर्द और मज़ा देने लगा. जस्सी ने कुछ शादीशुदा औरतें भी चोदी थीं, लेकिन कोई भी आँचल जैसी सेक्सी नही थी. जस्सी को हैरानी हुई शादीशुदा होकर भी आँचल की चूत कुँवारियों जैसी टाइट कैसे है ? लगता है इसके पति ने ज़्यादा चोदा नही है इसे.

जस्सी नितंबों पर थप्पड़ ज़ोर से मारने लगा , ठप …ठप …ठप…..

जब आँचल दर्द से चिल्लाती तो जल्दी से उसकी क्लिट मसलने लगता.

“देख रवि, तू कहता था की ये चोदने नही देगी, पर अब कैसे फुदक फुदक कर पानी पानी हो रही है …” , अपनी गोद में दर्द और मज़े से फड़फड़ाती हुई आँचल को देखकर जस्सी बोला.

रवि ने देखा, जस्सी के थप्पड़ मारने से भाभी के गोरे नितंबों पर लाल निशान पड़ गये हैं. भाभी को दर्द और मज़े से कसमसाते हुए देखकर रवि उत्तेजित हो गया. उसका मुरझाया हुआ लंड फिर से खड़ा होने लगा.

आँचल को अब नितंबों पर दर्द होने लगा था लेकिन साथ ही साथ क्लिट भी रगड़ने से उसको मज़ा भी आ रहा था. कुछ ही देर में आँचल को ओर्गास्म आ गया और वो जस्सी की गोद में लेटे हुए ही झड़ने लगी.

आहह…………..ओह……………उन्नन्…………..ऊऊीईईई………….. ओह्ह …………..

आँचल को झड़ते हुए देखकर जस्सी ने उसका मज़ा बढ़ाने के लिए चूत में तीन अँगुलियाँ डाल दीं और तेज़ी से अंदर बाहर करने लगा.

आँचल को जस्सी की गोद में ज़ोर से सिसकारियाँ लेते हुए झड़ते देखकर रवि उत्तेजित होकर अपने लंड को हिलाने लगा.

फिर जस्सी ने आँचल को सीधा किया और अपनी गोद में बिठाकर उसकी गीली चूत में लंड घुसा दिया.

“उन्न्ह…….आअहह………..” अपनी चूत में जस्सी का मोटा लंड घुसते ही आँचल सिसकी. उसने जस्सी को आलिंगन में कस लिया और उसके कंधे में सर रख दिया. जस्सी आँचल को अपने लंड पर उछालने लगा. आँचल की बड़ी चूचियाँ जस्सी की छाती में दबते हुए ऊपर नीचे उछलने लगी.

जस्सी का मोटा लंड आँचल की टाइट चूत की दीवारों को फैलाते हुए आगे पीछे होने लगा. जस्सी की गोद में उछलकर चुदती हुई आँचल सिसकारियाँ लेने लगी ……उन्न्……..आअहह……...उफफफफ्फ़………....

आँचल चुदाई के नशे में मदहोश थी , जस्सी की गोद में चुदती हुई आँचल को इस बात से भी मतलब नही था की रिया का मंगेतर रवि भी वहीं पर है.

“ओह्ह ………..और ज़ोर से चोदो………...उईईइ माँ आ……………..मैं मर गयी………ओह जस्सी……………उफफफ्फ़………….. हाँ ……आअहह…………..चोद जस्सी……………..उफफफ्फ़ माँ आअ……...” आँचल कामोन्माद में सिसकते रही.

आँचल की बातों से जस्सी जोश में आकर और तेज़ी से आँचल को चोदने लगा.

“देख …देख रवि……....ये कैसे चिल्ला रही है……………..चोद मुझे …..कह रही है………....ये तेरी भाभी तो बहुत ही मस्त माल है यार……..”

जस्सी को अपने लंड में आँचल की टाइट चूत की रगड़ से बहुत मज़ा आ रहा था , कुछ ही देर में उसने आँचल की चूत में वीर्य की धार छोड़ दी. झड़ते समय जस्सी ने आँचल के मादक बदन को अपने आलिंगन में कस लिया और उसकी चूत में वीर्य गिराने लगा.

झड़ने के बाद जस्सी ने आँचल को अपनी गोद से हटाकर बेड में गिरा दिया और बेड से उठ गया.

अब रवि को मौका मिल गया. वो नंगी आँचल के मुलायम बदन पर हाथ फिराने लगा. रवि ने आँचल की चूचियों को हाथों से दबाया फिर उन्हें चूसने लगा. 

आँचल ने देखा रवि उसकी चूचियों को मसल रहा है , उन पर अपने दाँत गड़ा रहा है , लेकिन वो जस्सी के साथ चुदाई में चार बार झड़ चुकी थी. अब उसमे बिल्कुल ताक़त नही बची थी. वो गहरी साँसें लेती हुई बेड में लेटी रही.

जस्सी ने देखा अब रवि आँचल से मज़े ले रहा है . जस्सी मुस्कुराया और बाथरूम चला गया.

उधर रवि से सब्र नही हो रहा था , मादक आँचल को नंगी देखने की उसकी इच्छा आज पूरी हो रही थी. चूचियों को चूमने, चाटने और चूसने के बाद रवि ने आँचल की चूत में अपना लंड घुसा दिया और फटाफट धक्के मारने लगा. रवि को आँचल को चोदने की जल्दी हुई पड़ी थी क्यूंकी उसे अब भी यकीन नही था की आँचल उसे चोदने देगी. कहीं मना ना कर दे …..

जस्सी के 7.5 इंच लंबे और मोटे लंड से चुदने के तुरंत बाद आँचल को रवि का 4.5 इंच का लंड महसूस ही नही हो रहा था. वो आँख बंद करके हल्की सिसकारियाँ लेती हुई लेटी रही और रवि अपने मन की करता रहा. आँचल की गरम और रस से गीली चूत को चोदने में रवि को बहुत ही आनंद मिल रहा था. थोड़ी ही देर में आँचल की गरम चूत ने रवि के लंड से पानी निचोड़ दिया . झड़ने के बाद रवि बेड पर आँचल के बगल में लेट गया और अपनी साँसों पर काबू पाने का प्रयास करने लगा.

थोड़ी देर बाद रवि फिर से बेड में बैठ गया और आँचल के नंगे बदन पर हाथ फिराने लगा. आँचल की चूचियों को दबाने से फिर से उसका लंड तन गया और झटके मारने लगा.

अब रवि आँचल को दूसरी बार चोदने के लिए उसकी टाँगों के बीच आया. कल तो भाभी जा रही है , फिर कहाँ मौका मिलेगा ऐसी सेक्सी माल को चोदने का. 

तब तक जस्सी बाथरूम से वापस आ गया. उसका मोबाइल बजने लगा. जस्सी ने फोन उठाया तो उधर से रिया ने बताया की सुनील आँचल को लेने चंडीगढ़ आ गया है और मैं उसके साथ स्टूडियो आ रही हूँ. आँचल का फोन नही मिल रहा है. तुम अपने स्टूडियो का रास्ता बता दो, हम अभी कार से निकलते हैं.

जस्सी ने रिया को अपने स्टूडियो की लोकेशन बता दी. फिर उसने अनुमान लगाया की रिया और सुनील अभी घर से निकलेंगे तो 15 – 20 मिनट में स्टूडियो पहुँच जाएँगे.

रिया और सुनील के आने की बात सुनकर घबराहट से रवि का लंड सिकुड गया और वो तुरंत बेड से उतर गया.

रवि का लंड सिकुड़ा देखकर जस्सी हंसने लगा. 

आँचल ने भी जस्सी की बात सुन ली थी की रिया और सुनील स्टूडियो आ रहे हैं , लेकिन वो अभी भी मदहोशी की हालत में थी.

आँचल को हाथ पैर फैलाकर नंगी बेड में लेटी देखकर जस्सी का फिर से लंड खड़ा हो गया…....उफ़फ्फ़…….साली कितनी मादक लग रही है.

वो जल्दी से बेड में चढ़ा और आँचल को बेड में पेट के बल उल्टा लिटा दिया फिर उसके नितंबों को ऊपर उठा दिया. टाइम बहुत कम था, जस्सी ने जल्दी से आँचल की चूत में लंड घुसा दिया और डॉगी स्टाइल में उसे चोदने लगा.

आँचल का चेहरा बेड में था लेकिन उसकी बड़ी गांड उठी हुई थी. जस्सी के पीछे से धक्का लगाने से आँचल की बड़ी चूचियाँ बेड से रगड़ने लगी. जस्सी अपने लंड से उसे तेज़ी से चोद रहा था.

“आअहह…...उहह…....ओह…....ओइईईई……. माँ आ…....” जस्सी की रफ चुदाई से आँचल ज़ोर से सिसकने लगी.

जस्सी बहुत जल्दी में था , वो आँचल की चूत में तेज तेज शॉट मारने लगा. आँचल के उठे हुए नितंब धक्कों की मार से ज़ोर से हिलने लगे . जस्सी आँचल की कमर पकड़कर धक्के लगाता रहा. 

रवि को खड़ा देखकर जस्सी बोला, “फटाफट स्टूडियो ठीक कर दे यार. वो लोग पहुँचते ही होंगे.”

आँचल को तेज़ी से चोदते हुए जस्सी ने उसकी गांड के छेद में भी अंगुली घुसा दी. आँचल का मुँह बेड में दबा हुआ था , गांड में अंगुली घुसने से नितंबों को हिलाते हुए वो चिल्लाई ….ऊओह्ह …....

रवि ने देखा, जस्सी तो अपने मोटे लंड से आँचल की बुरी तरह से ठुकाई कर रहा है. उसका खूबसूरत चेहरा और चूचियाँ धक्कों से बेड में रगड़ खा रहे हैं. भाभी में जान ही नही बची है और जस्सी बेरहमी से उसे चोद रहा है.

रवि को डर था की ये जस्सी आँचल को चोदे जा रहा है कहीं सुनील और रिया ना आ जाए. 

जस्सी ने रवि से स्टूडियो ठीक ठाक करने को कहा लेकिन रवि वहाँ से नही हिला और अपनी भाभी की बेरहमी से होती चुदाई देखता रहा. रवि ने देखा, जस्सी ने आँचल की गांड में पूरा अंगूठा घुसा दिया है और उसे पीछे से चोदते जा रहा है. जस्सी का बदन पसीने से भीग गया है और साँसें भी फूल गयी हैं. आँचल का चेहरा उसके बालों से ढक गया है और अपने चेहरे से बाल हटाने की भी ताक़त उसके पास नही बची है , वो उसी पोज़ में चुद रही है.

कुछ ही मिनट बाद जस्सी ने एक ज़ोर का शॉट आँचल की चूत में मारा और उसके लंड से वीर्य निकल गया. 
आँचल की गांड में तेज़ी से अंगूठा घुमाते हुए जस्सी ने चूत को वीर्य से भर दिया.

फिर वो दोनो थकान से चूर होकर बेड में लुढ़क गये. 

उनकी चुदाई खत्म होने के बाद रवि जल्दी से अपने कपड़े पहनकर स्टूडियो ठीक ठाक करने लगा.

स्टूडियो ठीक करके रवि वापस रेस्टरूम में आया. वहाँ अभी भी बेड पर आँचल और जस्सी नंगे पड़े हुए थे. 

रवि ने नंगी आँचल को बाँह पकड़कर बेड में बिठा दिया और उसके गाल थपथपाकर उसकी मदहोशी तोड़ने की कोशिश करने लगा. आँचल के आँखें खोलने पर रवि ने उससे जल्दी कपड़े पहनने को कहा. लेकिन उसने देखा ये तो कपड़े पहनने की हालत में ही नही है. फिर उसने जस्सी से आँचल को कपड़े पहनाने में मदद करने को कहा.

रवि ने जस्सी की मदद से आँचल को ब्रा, टीशर्ट और जीन्स पहना दिया. 

लेकिन जस्सी ने आँचल को पैंटी नही पहनाई और मुस्कुराते हुए बोला ,”भाभी ये आपकी कच्छी मैं अपने पास रख रहा हूँ, आज की चुदाई की याद में…..” और फिर आँचल के होठों का चुंबन ले लिया.

रवि ने देखा, आँचल भाभी भी जस्सी के चुंबन का जवाब दे रही है. फिर रवि और जस्सी आँचल को पकड़कर बाथरूम ले गये . बाथरूम में आँचल ने मुँह धोया पर वो अभी भी बहुत थकी हुई लग रही थी, उसकी टाँगें काँप रही थी.

बाथरूम से वापस आकर जस्सी ने आँचल के बाल ठीक ठाक कर दिए और उसको स्टूडियो में सोफे पर बिठा दिया. 

उसके बाद जस्सी बोला, “दोस्त अपना काम निकल गया , अब तू यहाँ से जा. शर्त तो मैं जीत ही गया हूँ लेकिन वो बातें बाद में करेंगे. रिया पहुँचने वाली होगी.”

लेकिन रवि को बहुत फिकर हो रही थी ,” यार वो सब तो ठीक है लेकिन भाभी की हालत तो ऐसी हो रखी है , सुनील से क्या बोलोगे ?”

“कुछ भी बोल देंगे यार , तू फिकर मत कर. मैं सब सम्हाल लूँगा. लेकिन तुझे यहाँ देखकर रिया को शक़ हो जाएगा. तू जल्दी निकल.”

रवि अनमने मन से अपनी कार लेकर चला गया पर उसे आँचल की हालत देखकर घबराहट हो रही थी की सुनील और रिया को कैसे समझाना पड़ेगा ?

रवि के जाने के कुछ ही देर बाद सुनील और रिया स्टूडियो पहुँच गये.

जस्सी ने बताया की आँचल को चक्कर आ गया था और वो कमज़ोरी महसूस कर रही है.

सुनील आँचल के पास बैठकर उससे तबीयत पूछने लगा. पर रिया को जस्सी की बात पर यकीन नही हुआ. वो कभी जस्सी का मुँह देख रही थी , कभी आँचल का. उसे शक़ हो गया था की तबीयत वगैरह कुछ नही , यहाँ स्टूडियो में फोटो सेशन की बजाय जस्सी और आँचल का चुदाई सेशन चला है. बहुत थकी हुई दिख रही है , आँखें भी नशीली हो रखी हैं. लेकिन उसे भी मालूम नही था की कोई तीसरा भी इनके साथ था.

फिर सुनील और रिया के साथ आँचल घर आ गयी. रात में अपने बेडरूम में रिया ने आँचल से उगलवा ही लिया की स्टूडियो में जस्सी ने उसे चोदा था. 

अगली सुबह सुनील और आँचल चंडीगढ़ से देल्ही वापस आ गये.
Reply
12-08-2018, 12:15 PM,
#67
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
चंडीगढ़ से देल्ही वापस लौटने के बाद सुनील फैक्ट्री चला गया. शाम को फैक्ट्री से घर लौटने के बाद आलोक जोशी (ससुर) अपनी प्यारी बहू को देखकर खुश हो गया. डिनर के वक़्त उसने आँचल को देखकर मुस्कुराहट बिखेरी लेकिन आँचल ने शरमाकर सर झुका लिया. ससुर सोचने लगा , ये तो पहले का जैसा बिहेव कर रही है , शरमा रही है. फिर वो हमारी फोन पे बातचीत का क्या हुआ ? 

अगले कुछ दिनों में ससुर ने महसूस किया की आँचल उससे दूर ही रहने की कोशिश कर रही है ,अकेले में बात ही नहीं हो पा रही. सुबह वो सुनील के साथ फैक्ट्री चला जाता था और देर शाम को ही लौटना हो पाता था. फैक्ट्री की हालत डांवाडोल थी इसलिए सुनील के भरोसे छोड़ना भी ठीक नही था. 

चंडीगढ़ में जस्सी के साथ जमकर हुई चुदाई के बारे में सोचकर आँचल के गाल लाल हो जाते थे , होठों पे मुस्कुराहट आ जाती थी और चूत गीली हो जाती थी. आँचल की उस चुदाई की थकान उतरने में ही कुछ दिन लग गये. आँचल को मालूम था की ससुरजी अकेले में मिलना चाह रहे हैं लेकिन उसने ससुर से दूरी बनाए रखी. सास की तबीयत भी अब कुछ सुधर गयी थी तो सास के द्वारा पकड़े जाने का भी डर था. कुछ दिन ऐसे ही चंडीगढ़ की मीठी यादों में गुजर गये. 

सुनील भी अपने पुराने ढर्रे पर लौट आया था. मन हुआ तो किसी दिन आँचल की चुदाई कर देता था वरना करवट लेकर सो जाता था. 

ऐसे ही चार पाँच हफ्ते निकल गये. ससुर बेचैन था की आँचल को कैसे पटाऊँ. उधर आँचल भी कब तक चुदाई की पुरानी यादों के भरोसे रहती , उसकी चूत भी खुजलाने लगी थी.

ऐसे में एक दिन ससुर को एक मौका हाथ लग ही गया. 

हुआ ये की एक दिन फैक्ट्री में आलोक के एक पुराने दोस्त बलवंत का फोन आया की मेरी बेटी की शादी है , ज़रूर आना है. 

ससुर ने सोचा की क्यूँ ना सुनील को शादी में भेज दूं ताकि आँचल से अकेले में मिलने का मौका मिल जाए.

ससुर बोला, “ सुनील , चकरपुर से बलवंत का फोन आया है , उसकी बेटी की शादी है. मैं सोच रहा हूँ की तुम शादी में हो आओ. दुल्हन के लिए साड़ी और एक सोने का हार गिफ्ट ले जाना. ज्यादा महंगा मत लेना , ठीक है ? पुराना दोस्त है इतना तो देना ही पड़ेगा. “

सुनील ने हामी भर दी.

शाम को घर लौटकर सुनील ने आँचल को बताया,”अगले सोमवार को रौतेला अंकल की बेटी सोनू की शादी है , पापा ने मुझसे जाने को कहा है.”

आँचल ने पूछा,”ये रौतेला अंकल कौन हैं ?”

“रौतेला अंकल पापा के बहुत पुराने दोस्त हैं. नैनीताल डीएसबी कैंपस से दोनों ने साथ ही ग्रेजुएशन की. फिर पापा देल्ही आ गये . रौतेला अंकल सरकारी टीचर बन गये. “ सुनील ने बताया.

फिर सुनील ने आँचल से भी साथ चलने को कहा.

“आँचल तुम भी चलो, पहाड़ों की ठंडी हवा का मज़ा लिए बहुत दिन हो गये. वहाँ रिश्तेदारों से भी मिल आएँगे और शादी भी अटेंड कर लेंगे. पहले हल्दवानी जाएँगे और ताऊजी के घर रुकेंगे. फिर अल्मोड़ा चाचाजी से मिल आएँगे . उसके बाद हल्दवानी लौटकर शादी अटेंड कर लेंगे.”

सुनील ने 4-5 दिन का प्रोग्राम बना लिया. आलोक ने जब सुना की बेटा , बहू को भी साथ ले जा रहा है तो सर पीट लिया. इससे बढ़िया तो मैं ही दोस्त के घर शादी में हो आता.

सुनील और आँचल कार से हल्दवानी , फिर अल्मोड़ा जाकर रिश्तेदारों से मिल आए और उसके बाद ताऊजी के पास हल्दवानी लौट आए.

सोमवार को सुनील का प्लान था की चकरपुर जाकर शादी में शामिल हो जाएँगे और रात में हल्दवानी लौट आएँगे. 

आँचल ने ऑरेंज कलर की साड़ी और मैचिंग ब्लाउज पहन लिया. बैकलेस ब्लाउज में पीठ पर सिर्फ़ एक स्ट्रिप थी इसलिए आँचल ने ब्रा नही पहनी.

“कैसी लग रही हूँ ?”

“बहुत खूबसूरत “ , आँचल को अपनी बाँहों में लेते हुए सुनील बोला.
“लेकिन ये देल्ही नही है , हमें तो छोटे से कस्बे में जाना है . कुछ ज़्यादा ही मॉडर्न ड्रेस लग रही है.”

“दूसरी बदल लूँ क्या ? “

“अरे रहने दो यार , पहले ही देर हो रही है , फिर से एक घंटा और लगाओगी.”

सुनील को मालूम था उसकी खूबसूरत बीवी की ऐसी ड्रेस पर लोगों की निगाहें तो रहेंगी.

11 बजे सुबह सुनील और आँचल रौतेला अंकल के घर पहुँच गये. वहाँ सुनील ने आँचल को रौतेला अंकल और उनकी बीवी विमला आंटी से मिलवाया. रिवाज़ के अनुसार आँचल ने दोनों के पैर छुए. उन्ही के साथ 
एक 45 – 46 बरस की औरत खड़ी थी , सुनील ने कहा, ये रावत आंटी हैं. आँचल ने रावत आंटी के भी पैर छुए.

फिर रौतेला अंकल सुनील को अपने खास लोगों से मिलाने ले गये और रावत आंटी आँचल को औरतों के पंडाल में ले गयी. 

“आँचल मेरे साथ आओ, सब औरतें पंडाल में हैं. वहीं बैठते हैं.”

रावत आंटी मिलनसार स्वभाव की औरत थी , जल्दी ही आँचल से घुल मिल गयी. उसने आँचल को कुछ और औरतों से भी मिलवाया. 

रावत आंटी : ये आँचल है, देल्ही से आई है. रौतेलाजी के दोस्त की बहू है.

“बाहर से आई है , वो तो इसके कपड़ों से ही पता चल रहा है.” कोई मुँहफट औरत बोली.

आँचल को उसकी बात अच्छी नही लगी, उसने मुँह बनाया , हुह …...होगी कोई गँवार.

फिर उनके बीच आपस में बातचीत होने लगी.

रावत आंटी : “तो आँचल कैसी चल रही है सुनील के साथ तुम्हारी लाइफ ? अभी तक कोई मेहमान नही आया ,क्या बात ?” 

आँचल : “आंटी अभी डेढ़ साल ही तो हुआ है शादी को , उसके लिए तो अभी बहुत टाइम है.”

“तभी तो इतना सेक्सी फिगर मेनटेन किया हुआ है. इतना आसान थोड़ी है शादी के बाद.” बगल में बैठी औरत बोल पड़ी.

“अच्छा हुआ हमारे जैसे मर्द नही हैं जो की एक महीने में ही सारा फिगर बिगाड़ देते हैं. दबा दबा के लटका देते हैं.” रावत आंटी ने अपनी बड़ी लेकिन लटकी हुई चूचियों की तरफ इशारा करते हुए कहा.

आँचल शरमा गयी , अभी तो इन औरतों से परिचय हुआ है और ये ऐसे बातें करने लगी हैं. 

“बेचारी को क्यों तंग कर रही हो. चलो कुछ काम नही है क्या ? “, विमला आंटी ने आकर उन औरतों को चुप करा दिया.

फिर रावत आंटी ने आँचल को दुल्हन से मिलवाया,” सोनू ये है , आँचल. सुनील की बीवी. और आँचल ये है हमारी सोनू. बहुत होशियार है पढ़ाई में. हमेशा टॉप करती है.“

आँचल ने देखा सोनू दिखने में सुंदर है. मासूम चेहरा, गोरा रंग, पतली नाक, बड़ी बड़ी आँखें.

उसके बाद विमला आंटी ने आँचल को शादी का अरैंजमेंट दिखाया , कहाँ पर मंडप है, कहाँ खाने का इंतज़ाम है वगैरह. शादी में काफ़ी लोग आ चुके थे पर आँचल के लिए वो अंजाने चेहरे थे. मर्दों की निगाहें अपने बदन पर आँचल ने महसूस की पर उसे इसकी आदत थी , वो अपने अंदाज़ में इठलाती हुई इधर उधर घूमती रही. 

“अरे कोई ऊपर जाकर देखो सब ठीक से सज़ा है की नही ?” विमला आंटी ने आवाज़ लगाई.

“चलो आँचल ऊपर के कमरे देखते हैं.” रावत आंटी बोली.

रावत आंटी अपने साथ आँचल को फर्स्ट फ्लोर पे ले गयी. वहाँ उन्होने पहला कमरा चेक किया , उसमे सब ठीक से सज़ा था. 

तभी नीचे से विमला आंटी ने आवाज़ लगाई, “अलमारी की चाभी कहाँ है ? मिल नही रही …”

रावत आंटी बोली,”आँचल ये दो कमरे देख लो . मैं अभी चाभी देकर आती हूँ.”

“ठीक है आंटी.”

आँचल ने दूसरा कमरा देखा , वहाँ भी सब ठीक था. फिर तीसरे कमरे में गयी , वहाँ बेड पर चादर वगैरह ठीक से नही बिछी थी तो आँचल ने उसे ठीक कर दिया.

तभी आँचल को कुछ लोगों के बोलने की आवाज़ सुनाई दी. उसने कमरे की साइड वाली खिड़की से बाहर देखा तो उस तरफ की बालकनी में तीन लोग आपस में बातें कर रहे थे.

“यार अपनी तो किस्मत ही खराब है , ऐसी भैंस जैसी बीवी मिली है , चोदने का मन ही नही करता.” पहला आदमी बोला , जो करीब 40 – 42 का होगा.

“हाँ यार मेरी बीवी के भी दूध लटक गये हैं , अब मज़ा नही आता. कोई नयी चीज़ हाथ लगे तो मज़ा आए.” दूसरा आदमी बोला , जो करीब 50 बरस का होगा.

“यार रावतजी, पुलिस की नौकरी में मैंने बहुत औरतें चोदीं हैं. जब भी छापेमारी में कालगर्ल्स पकड़ता था तो बिना चोदे नही जाने देता था. मगर साला इसी चक्कर में सस्पेंड हो गया.” तीसरा आदमी दूसरे की तरफ देखते हुए बोला, वो भी 50 बरस के आस पास का हट्टा कट्टा आदमी था.

यानी की दूसरे आदमी का नाम रावतजी है.

“अरे दारोगाजी ऐसा क्या कर दिया ? “ , पहले आदमी ने पूछा.

“वर्माजी होना क्या था. एक बड़े कस्टमर ने अपने लिए देल्ही से दो कालगर्ल्स का इंतज़ाम किया. मुखबिर से मुझे ये जानकारी मिल गयी. मैं अपने खास बंदे लेकर होटेल पहुँच गया , जहाँ वो रंगरेलियाँ मना रहा था. मोटी आसामी हाथ लगी थी . वो आदमी कहने लगा , मेरा नाम खराब हो जाएगा. 2 लाख लेकर उस आदमी को छोड़ दिया और कालगर्ल्स की जमकर चुदाई की. अब बात ये है की मुझे गांड मारने का शौक़ है लेकिन वो लड़कियाँ गांड मरवाने को राज़ी नही हुई. ज़बरदस्ती करने में एक की हालत खराब हो गयी. उस समय तो मैंने डरा धमका कर कार से उन्हें भेज दिया पर वो रास्ते में हालत बिगड़ने पर हॉस्पिटल में भरती हो गयी . वहाँ से ये बात फैल गयी और दूसरे दिन अख़बार में छप गयी. और मुझे सस्पेंड कर दिया गया.”

उसकी बातें सुनकर आँचल डर गयी ये तो बहुत खराब आदमी लगता है. 

“अब ऐसे काम करोगे तो सस्पेंड तो होना ही था.” रावतजी हंसते हुए बोला.

“अरे उस ऑरेंज साड़ी वाली हुस्न की परी को देखा क्या ? साली की चूचियाँ ब्लाउज फाड़ने को तैयार हैं.” पहला आदमी वर्माजी बोला.

“हाँ , साली अधनंगी बन के आई है. पूरी पीठ नंगी है और ब्रा भी नही पहनी है. उसकी चिकनी गोरी पीठ चाटने का मन कर रहा है. साली का पति लगता है ज़ोर से चूचियाँ दबाता नही तभी तो तन के उठी हुई हैं. मेरे हाथ लगे तो दो हफ्तों में दबा दबा के लटका दूं.” रावतजी की आवाज़ थी.

“इतनी फैशनेबल लड़की यहाँ की नही लगती , कहीं बाहर से आई होगी. साड़ी तो ऐसी पहनी है की मटकती हुई गांड देखकर कोई भी लार टपका दे.” वर्माजी बोला.

“किसकी बात कर रहे हो यार तुम लोग. ये कौन हुस्न की परी आ गयी यहाँ ?” दारोगा की कुछ समझ नही आया.

“सुबह सुबह पी ली है क्या जो ऐसी खूबसूरत लड़की आँख नही दिख रही. चलो नीचे चलते हैं वहीं दिख जाएगी.” रावतजी ने जवाब दिया.

आँचल अपने बारे में उन लोगों को ऐसे बात करते देखकर सन्न रह गयी. उसने सोचा सुनील ने ठीक ही कहा था, बैकलेस ब्लाउज नही पहनना चाहिए था , पर अब क्या हो सकता था. 
फिर जब उसने सुना की वो लोग नीचे जाने की बात कर रहे हैं तो वो तेज़ी से कमरे से बाहर आकर नीचे आ गयी. 

कुछ देर बाद आँचल को सुनील मिल गया. उन्हें बात करते हुए कुछ ही मिनट हुए होंगे तभी सुनील बोला,” आँचल ये रावत अंकल हैं , जो आंटी से पहले मिलाया था ना , वो इनकी ही वाइफ है. और ये मेरी बीवी आँचल है.”

सुनील की बात पर आँचल ने पीछे पलटकर देखा , ओह…………...उसकी सांस रुक गयी. ये वही आदमी था जो फर्स्ट फ्लोर में उसके बारे में अनाप शनाप बक रहा था. 

आँचल को झिझकते देखकर सुनील ने उसे पैर छूने का इशारा किया. 

आँचल ने उसके पैर छुए.

उसने आँचल की नंगी बाहों को पकड़ते हुए ऊपर उठा दिया.अपनी मुलायम बाँहो में रावत अंकल की मजबूत पकड़ को आँचल ने महसूस किया, कितना कस के पकड़ रहा है, निशान बना देगा क्या. आँचल ने उसकी आँखों में अपने लिए हवस देखी. 

“अरे बहू तुम्हारी जगह पैरो में नही है.” फिर सुनील से बोला, “ सुनील तुम्हारी बीवी तो बहुत खूबसूरत है.” 

आँचल ने देखा इसकी नज़र मेरी चूचियों पर ही है. वो सोचने लगी सुनील इसकी इतनी रेस्पेक्ट कर रहा है और ये मुझ पर नज़रें गड़ाए है.

फिर आँचल उन दोनों को छोड़कर पंडाल में चली गयी.

“अरे आँचल कहाँ चली गयी , मैं कब से तुम्हें ढूँढ रही हूँ.” रावत आंटी उसको देखते ही बोली.

“तुम्हारा आदमी भी मुझे ही ढूँढ रहा है.” आँचल ने धीरे से जवाब दिया.

“क्या कहा आँचल ? मुझे सुनाई नही दिया…...“

“नही ……कुछ नही.”
Reply
12-08-2018, 12:16 PM,
#68
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
ससुर निश्चिंत था की जब आँचल चंडीगढ़ से लौटकर आएगी तो ज़रूर उसको चोदने देगी. फोन में तो कह रही थी की देल्ही वापस आकर आपके साथ प्यास बुझाऊँगी. पर उसे क्या पता था की आँचल तो जस्सी के साथ ही अपनी जी भरके प्यास बुझा आई थी. 

अगले कुछ दिनों में ससुर ने महसूस किया की आँचल उससे दूर ही रहने की कोशिश कर रही है. ससुर को आँचल से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नही थी. वो तो सोच रहा था की आँचल के वापस आते ही उसके साथ चुदाई का प्लान बनाएगा पर यहाँ तो आँचल उससे नॉर्मली बिहेव कर रही थी , पहले के जैसे. 

ससुर अनुभवी आदमी था उसे शक़ हो गया की आँचल ज़रूर चंडीगढ़ में किसी ना किसी के साथ चुदाई के मज़े ले के आई है तभी शांत हो रखी है और मुझे भाव नही दे रही. चेहरा भी खिला खिला है , पूर्ण संतुष्टि के भाव हैं. लगता है खूब अपने मन की करके आई है. हँसती खिलखिलाती रहती है , यहाँ मेरा कलेजा जल रहा है.

अकेले में बात भी नही हो पा रही थी. सुबह वो सुनील के साथ फैक्ट्री चला जाता था और देर शाम को ही लौटना हो पाता था. फैक्ट्री की हालत डाँवाडोल थी इसलिए सुनील के भरोसे छोड़ना भी ठीक नही था. ख़ान के दिए लोन से जैसे तैसे काम चल रहा था.

आँचल जानती थी की देल्ही वापस आने के बाद ससुरजी उसे चोदने का कोई मौका हाथ से जाने नही देंगे. लेकिन जस्सी ने उसे इतना चोदा था की उसकी प्यास कुछ दिनों बुझी रही. चंडीगढ़ में जस्सी के साथ जमकर हुई चुदाई के बारे में सोचकर आँचल के गाल लाल हो जाते थे , होठों पे मुस्कुराहट आ जाती थी और चूत गीली हो जाती थी. आँचल की उस चुदाई की थकान उतरने में ही कुछ दिन लग गये. 

सेक्सुअली सैटिस्फाइड होने के बाद आँचल को कुछ दिन तक पतिव्रता होने का सुर चढ़ा रहता था. उसने ससुर से पहले की तरह दूरी बनाए रखी. वैसे भी घर में इतने लोगो के होने से ससुर को आँचल से अकेले में अपने मन की बात करने का मौका नही मिल पा रहा था. सास की तबीयत अब ठीक थी , उसके द्वारा पकड़े जाने का डर भी था. 

आँचल के अगले कुछ दिन ऐसे ही चंडीगढ़ की मीठी यादों में गुजर गये. सुनील भी अपने पुराने ढर्रे पर लौट आया था. रिया के आने से उसकी लाइफ में जो एक्साइट्मेंट आई थी वो भी अब नही रही. मन हुआ तो किसी दिन आँचल की चुदाई कर देता था वरना करवट लेकर सो जाता था , फैक्ट्री की टेंशन में ही ज़्यादा रहता था.

ऐसे ही दो तीन हफ्ते निकल गये. सास अब अपने काम खुद कर लेती थी तो उसने सुनीता की छुट्टी कर दी. ससुर बेचैन था सुनीता भी गयी, आँचल को कैसे पटाऊँ. अपनी तरफ से पूरी कोशिश करता था , नाश्ते और डिनर की टेबल पर आँखों ही आँखों में इशारे करता था पर आँचल शरमाकर सर झुका लेती थी. ससुर को पता था सुनील आँचल को संतुष्ट नही कर पाता है. कुछ दिन इंतज़ार करना पड़ेगा.

पर आँचल भी कब तक चुदाई की पुरानी यादों के भरोसे रहती , उसको भी रगड़ के चुदाई की इच्छा होने लगी. रिया बता रही थी ससुरजी ने मोटे लंड से चोदकर बहुत मज़े दिए. पूरे तीन दिन मेरे ससुरजी के साथ मज़े करके गयी और मुझे खबर तक नही लगी. 
लिविंग रूम में सुनीता को चोदते हुए तो मैंने भी देखा था उस रात को. उफ कितनी रगड़ के चुदाई कर रहे थे उसकी अपने मोटे लंड से ससुरजी. मुझे भी वैसे ही चोदेंगे ससुरजी ? आँचल की चूत गीली हो गयी …….
नही नही ये ठीक नही होगा …. … किसी और मर्द की बात अलग है पर सुनील के बाप के साथ ? उसका दिमाग़ कह रहा था ये ग़लत होगा. लेकिन सुनील मुझे सेक्सुअली सैटिस्फाई नही कर पाता तो मैं क्या करूँ ? अजीब सी दुविधा थी.

धीरे धीरे उसने ससुर को रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया. उसके हाव भाव से ससुर को भी पता चल गया अब लाइन दे रही है. ससुर ने आँचल की आँखों में प्यास देखी. हाँ, अब सही मौका है. अब इसको कहीं बाहर ले जाकर चोदता हूँ. ससुर आगे का प्लान बनाने लगा.

कुछ दिनों बाद एक सुबह नाश्ते के समय ससुर को मौका मिल गया. 

सुनील नाश्ता करके उठ गया था.टेबल पर आँचल और उसके सास ससुर थे. आँचल की नज़रें ससुर से मिलती हैं , वो नाश्ता करते हुए उसी को देख रहा था. आँचल शरमा जाती है और चुपचाप नाश्ता करने लगती है. फिर सास उठी और अपनी प्लेट लेकर किचन में जाने लगी. आँचल ने भी नाश्ता कर लिया था वो उठ कर जाने लगती है . जैसे ही ससुर की चेयर के पास से गुजरती है तो ससुर पीछे से उसकी बायीं बाँह पकड़ लेता है . बाँह पकड़ने से आँचल घूम जाती है और उसका मुँह ससुरजी की तरफ हो जाता है .

"छोड़िए ना ……..सासूजी देख लेंगी." आँचल फुसफुसाती है.

"मुझे मालूम है तू तड़प रही है. सही कह रहा हूँ ना ?” ससुर भी धीरे से बोलता है.

" जाने दीजिए ना...."

किचन में पानी गिरने की आवाज़ आ रही है. सासूजी ने सिंक का नल खोल दिया. 

“देख , आज 11 बजे तू ब्राइट होटेल में आ जाना . वहीं तेरी प्यास बुझाऊंगा. आएगी ना ?”

आँचल ने कोई जवाब नही दिया. हाथ छुड़ाने की हल्की कोशिश करती रही. उसकी नज़र किचन की तरफ है , सासूजी किसी भी वक़्त बाहर आ जाएगी और यहाँ ससुरजी हाथ नही छोड़ रहे.

ससुर ने देखा , ये ऐसे नही मानेगी. अब ससुर ने आँचल का हाथ अपने पैंट के ऊपर से लंड पर रख दिया और दबाए रखा.

"देख ये भी तेरे लिए तड़प रहा है."

किचन में पानी गिरना बंद हो गया. सासूजी ने नल बंद कर दिया. आँचल की घबराहट बढ़ गयी.

"उन्न्नह...ससुरजी ...क्या करते हैं. सासूजी आ जाएँगी......छोड़िए मेरा हाथ."

“पहले हाँ बोल……... आएगी ना ?”

“जी……..आऊँगी…...” आँचल को अपनी जान छुड़ाने के लिए कहना ही पड़ता है.

ससुर आँचल का हाथ छोड़ देता है. उसी समय सास भी किचन से बाहर आ जाती है और आँचल ससुर से पीछा छुड़ाकर किचन में चली जाती है.

फिर ससुर सुनील के साथ फैक्ट्री चला गया. वहीं से उसने ब्राइट होटेल में एक रूम बुक करवा लिया. 

आँचल भी नाश्ते के बाद अपने बेडरूम में चली गयी.

ससुर फैक्ट्री से आँचल को फोन करता है. आँचल आ रही है ना , कन्फर्म करने के लिए. 

“होटेल में रूम बुक करवा दिया है. आ रही है ना ?”

“ये सही नही है , ससुरजी…..”

“तू डर मत. किसी को पता नही चलेगा. सही ग़लत कुछ नही. मैं तुझे बहुत मज़ा दूँगा.”

“उम्म्म…..”

“शर्माती क्यों है ? मैं हूँ ना तुझे खुश करने के लिए ......चल अब रखता हूँ. तू तैयार हो जाना .”

आँचल नहाने के लिए बाथरूम चली जाती है. नहाने के बाद होटेल जाने के लिए तैयार होने लगती है.
आँचल अपना वॉर्डरोब खोलती है . क्या पहनूं ? जिससे ससुरजी रीझ जाएँ. फिर वो एक ब्लैक कलर की साड़ी और मैचिंग ब्लाउज निकालती है. साथ में ब्लैक पेटीकोट और ब्लैक पैंटी. नेट वाली पैंटी थी बोयशॉर्ट टाइप की , जो V शेप की बजाय स्ट्रिप शेप की होती है और नितंबों का सिर्फ़ ऊपरी हिस्सा ढकती है. ब्लाउज बैकलेस था जिसमे पीठ पर एक पतली स्ट्रिप और एक डोरी थी. बैकलेस ब्लाउज होने से उसने ब्रा नही पहनी. ब्लाउज में बिना ब्रा के उसकी बड़ी चूचियों का शेप साफ दिख रहा था. ब्लाउज के ऊपर साड़ी के पल्लू से चूचियों को ढककर आँचल अपने को मिरर में देखती है. अच्छी लग रही हूँ. खुद ही अपने रूप पर मोहित हो जाती है. फिर हल्का मेकअप करती है ,परफ्यूम डालकर बेडरूम से बाहर आ जाती है.

तैयार होते हुए आँचल को अजीब सा रोमांच हो रहा था. उसका दिल जोरो से धड़क रहा था. कुछ घबराहट सी भी हो रही थी. कुछ ग़लत जैसा भी उसे महसूस हो रहा था. इसी का रोमांच भी था. 

सास को शॉपिंग के लिए जा रही हूँ बोलकर , 10:30 बजे आँचल कार से ब्राइट होटेल के लिए निकल गयी.

उधर ससुर भी फैक्ट्री में सुनील से बैंक में कुछ काम है कहकर होटेल के लिए निकल गया . होटेल पहुँचकर ससुर आँचल का इंतज़ार करने लगा. कुछ ही समय बाद आँचल भी वहाँ पहुँच गयी.

जब आँचल आई तो ससुर देखते रह गया, ब्लैक साड़ी और बैकलेस ब्लाउज में गोरे रंग की आँचल गजब की खूबसूरत लग रही है. ससुर का मन प्रसन्न हो गया , आज तो धन्य हो जाऊँगा.

“बहुत खूबसूरत लग रही हो बहू…..”

फिर ससुर ने रिसेप्शन से रूम की चाभी ली और दोनों लिफ्ट से ऊपर रूम में चले गये. रिसेप्शन में स्टाफ ने देखा , खूबसूरत लड़की है 25-26 से ज़्यादा की नही होगी और साथ में 54 – 55 का बड़ी उमर का आदमी है. इन दोनों का रिश्ता क्या है ? बुड्ढे ने कहाँ से पटायी ये अप्सरा ?

रूम में आने के बाद ससुर ने ……….
Reply
12-08-2018, 12:16 PM,
#69
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
होटेल के रूम में आने के बाद ससुर ने आँचल को अपनी बाँहों में भर लिया. कुछ पल उसके खूबसूरत चेहरे को एकटक देखता रहा. उसको विश्वास नही हो रहा आज उसकी दिल की तमन्ना पूरी होने जा रही थी. कितनी सुंदर है मेरी बहू …

आँचल ने ससुर को प्यार भरी नज़रों से अपने चेहरे को देखते पाया, शरमाकर उसने अपनी नज़रें झुका ली. फिर ससुर धीरे से अपना चेहरा झुकाते हुए आँचल के होठों के करीब अपने होंठ लाया. चुंबन की अपेक्षा में आँचल के होंठ कंपकपाने लगे. ससुर आँचल के रसीले होठों से रस चूसने लगा. आँचल ने आँखें बंद कर ली. उसके होठों को ऐसे ही कुछ पल तक चूसने के बाद ससुर ने आँचल के होठों के बीच जीभ डाल दी. आँचल ने अपना मुँह खोल दिया और ससुर की जीभ से अपनी जीभ मिला दी. कुछ पलों तक दोनों की जीभ एक दूसरे से लिपटी रही फिर चुंबन ने तेज़ी पकड़ ली. फिर ससुर ने आँचल की साड़ी के पल्लू के अंदर ब्लाउज पर दायां हाथ रख दिया और उसकी बिना ब्रा की चूचियों को सहलाने लगा. धीरे धीरे चूचियों पर दबाव बढ़ाकर ब्लाउज के बाहर से ही उनको दबाने लगा. 

आँचल के मुँह से घुटी घुटी सिसकारियाँ निकलने लगीं.
“उंगग्गग……...उग्गग……”.

ससुर अपनी जीभ आँचल के मुँह में घुमाने लगा और हाथ से आँचल की बड़ी और नरम चूचियों को पतले ब्लाउज के बाहर से मसलने लगा. आँचल के कड़े हो चुके निपल्स ससुर ने अंगुलियों से महसूस किए.

कुछ देर बाद दोनों के होंठ अलग हो गये. दोनों की साँसें गहरे चुंबन से भारी हो गयी थी. 

अब ससुर आँचल की साड़ी उतारने लगा. साड़ी उतरने के बाद अब आँचल सिर्फ़ काले रंगे के पेटीकोट और बैकलेस पतले ब्लाउज में थी. उस पतले ब्लाउज में आँचल की बड़ी बड़ी चूचियां बाहर आने को मचल रही थी.

ससुर अपनी कमीज़ के बटन खोलने लगता है. आँचल ब्लाउज और पेटीकोट में खड़ी है. ससुर को कपड़े उतारते हुए देखती है पर अपने कपडे नहीं खोलती. ससुर पैंट भी उतार देता है और अब वो सिर्फ़ बनियान और अंडरवियर में है. आँचल की नज़रें उसके अंडरवियर पर हैं जिसके अंदर ससुर का अधखड़ा लंड अंडरवियर के कपड़े को बाहर को ताने हुए है.

फिर ससुर आँचल के पीछे जाता है और उसका ब्लाउज उतार देता है. ब्लाउज उतरते ही आँचल की गोरी बड़ी चूचियाँ नंगी हो जाती हैं. आँचल का कमर से ऊपर का गोरा नंगा बदन नीचे काला पेटीकोट होने से और भी ज़्यादा मादक लग रहा है.

ससुर बेड में नीचे पैर करके बैठ जाता है और आँचल को साइड पोज़ में अपनी गोद में बिठा लेता है. बाएं हाथ को आँचल की नंगी पीठ के पीछे से ले जाकर उसकी बायीं बाँह को पकड़ लेता है और दायीं हथेली को उसकी बायीं चूची के ऊपर रख देता है और हल्के हल्के सहलाने लगता है. फिर अपना मुँह आँचल के दाएं गाल के करीब लाता है और उसका गाल चूमता है ,फिर दाएं कान को होठों से चूमता है और कान के निचले हिस्से को दांतों से खींचता है.

आँचल गोद में बैठे हुए सिसकती है, “ओह्ह ……………..उन्न्नज्ज्ग….”

फिर ससुर अपने होठों को कान से नीचे को लाता है और आँचल की गोरी गर्दन को चूमता है , जीभ लगाकर चाटता है. आँचल उसकी इस हरकत से सनसना जाती है और अपनी गर्दन हटाने की कोशिश करती है.

ससुर अपने होंठ और नीचे लाता है और आँचल के दाएं कंधे को चूमता है और हल्के से दाँत गड़ा देता है. आँचल आँखें बंद किए हुए उहह….. आह …...करते हुए सिसकती है. ससुर के हाथ दोनों चूचियों को दबाते और सहलाते रहते हैं. 

फिर दायीं चूची के निप्पल को अपने अंगूठे और दूसरी अंगुली के बीच में पकड़कर मरोड़ता है और घुमाता है , ऐसा ही बायीं चूची पर भी करता है.

आँचल से बर्दाश्त नही हो रहा है. सिसकते हुए उसके होंठ सूखने लगते हैं. वो होठों पर जीभ फिराकर गीला करती है.

ससुर आँचल के दाएं हाथ को अपने कंधे पर डालता है और उसकी दायीं चूची को हाथ से पकड़कर अपने मुँह में भरने की कोशिश करता है. बड़ी चूची है फिर भी जितना हो सके मुँह में भर लेता है और बच्चे के जैसे चूसता है. बहुत मुलायम चूची है. उसके चूची चूसने से आँचल पागल हुई जा रही है. उसकी चूत से रस बहने लगता है. ऐसे ही दोनों चूचियों और उनके निप्पल को चूसता है. कामातुर होकर ससुर आँचल की नरम चूचियों पर ज़ोर से दाँत गड़ा देता है. आँचल दर्द से तड़पती है ……आआहह……

गोरी चूची पर निप्पल के चारो और हल्के भूरे रंग के ऐरोला को ससुर जीभ से चाटता है और निप्पल को जीभ से छेड़ता है, आँचल से सहन नही होता और वो ससुर की गोद में ही उचकने लगती है.

जी भरकर आँचल की चूचियों से खेलने के बाद ससुर आँचल को गोद से उतार देता है. फिर खुद भी खड़ा हो जाता है और अपना अंडरवियर उतार देता है. उसका लंड तना हुआ तो है पर अभी अपनी पूरी लंबाई में नही आया है. 

आँचल की नज़र ससुर के मोटे और बड़े लंड पर पड़ती है. उत्तेजना से उसके होंठ सूख जाते हैं वो अपनी जीभ फिराकर होठों को गीला करती है. 

ससुर देखता है बहू मेरे लंड को देख रही है. वो आँचल के कंधे पर हाथ रखकर उसको नीचे झुकाता है. आँचल समझ जाती है और नीचे बैठकर ससुर के लंड को पकड़ लेती है. फिर सुपाड़े को जीभ लगाकर चाटती है. सुपाड़े के नरम माँस पर आँचल की जीभ लगने से ससुर सिसकता है. आँचल एक नज़र ऊपर करके ससुर को देखती है फिर सुपाड़े को मुँह में ले लेती है. और अपना मुँह आगे पीछे हिलाकर लंड चूसने लगती है. ससुर को मज़ा आ रहा है. वो आँचल के सर के पीछे अपने हाथ रख देता है. थोड़ी देर तक चूसने के बाद आँचल लंड को बाहर निकाल लेती है और लार से गीले हुए लंड को अपने हाथ से आगे पीछे करके तेज तेज मूठ मारती है. लंड अब काफ़ी मोटा और कड़ा हो चुका है. आँचल फिर से लंड को मुँह में भर लेती है और चूसने लगती है. एक हाथ से उसने लंड को जड़ पर पकड़ा हुआ है दूसरे हाथ से ससुर की लटकती गोलियों को सहलाने लगती है. फिर लंड को मुँह से निकाल देती है और लंड ऊपर को करके जड़ पर चाटती है और गोलियों को चूमती है. 

ससुर पगलाए जा रहा है. आअहह…….क्या चूसती है साली………..कहाँ से सीखी है पता नही………..बहुत एक्सपर्ट हो गयी है. 

“आहह………...बहुत मज़ा दे रही हो बहू .” ससुर सिसकता है.

आँचल तारीफ से खुश होती है , सिसकते हुए ससुर को देखती है. उसके होठों में मुस्कान आ जाती है. फिर वो और भी ज़ोर से लंड को चूसने लगती है. ससुर अपनी बनियान उतार देता है. अब पूरा नंगा हो गया है. आँचल अभी भी पेटीकोट पहने हुए है.

ससुर हाथ नीचे ले जाकर आँचल की चूचियों को मसलता है.

आँचल इतने मज़े से लंड चूसती है की कुछ देर बाद ससुर को लगता है ये तो पानी निकाल देगी. ससुर आँचल के मुँह से लंड बाहर निकालने की कोशिश करता है . पर आँचल लंड नही छोड़ती और फिर ससुर का पानी निकल जाता है. लेकिन तब तक ससुर लंड को आँचल के मुँह से बाहर निकाल रहा होता है. वीर्य की धार कुछ आँचल के मुँह के अंदर जाती है , कुछ उसके चेहरे और गले में पड़ जाती है. आँचल ससुर के अंडरवियर से अपना चेहरा और गला पोंछ लेती है. 

अब ससुर आँचल की पेटीकोट का नाड़ा खोल देता है और पेटीकोट फर्श पर गिर जाता है. आँचल अपने पैरों को उठाकर पेटीकोट निकाल देती है. ससुर देखता है आँचल ने तो फैंसी पैंटी पहनी हुई है. वो और भी एक्साइटेड हो जाता है.
ससुर आँचल को बेड में लिटा देता है और खुद उसके ऊपर आ जाता है. आँचल के होठों को चूमता है फिर नीचे को खिसकने लगता है. उसकी गर्दन चूमता है और फिर चूचियों को चूसने लगता है. निप्पल को चूसता है. आँचल सिसकारियाँ लेने लगती है.

“उनन्ं……आअहह…….. ओह्ह …...”

फिर नीचे को खिसकता है और आँचल के मुलायम गोरे पेट को चूमता है. उसकी गहरी नाभि को चूमता है फिर जीभ डालकर घुमाता है. आँचल तड़पने लगती है.

फिर और नीचे खिसक जाता है. आँचल के बाएं पैर के अंगूठे को अपने मुँह में भरकर चूसता है. ऐसे ही दाएं पैर के अंगूठे को भी चूसता है. काम की देवी के बदन के हर हिस्से को चूमना चाहता है. उसकी गोरी टांगों को चूमता है , घुटनों को चूमता है. फिर उसकी मांसल जाँघों को चूमता है. पैंटी के नीचे जाँघों के अंदरूनी हिस्से को जीभ से चाटता है. सेन्सिटिव भाग पर जीभ लगने से आँचल गनगना जाती है और अपनी जाँघें हटाने की कोशिश करती है.

अब ससुर पैंटी के ऊपर से चूत पर मुँह लगा देता है. आँचल की चूत की मादक गंध उसे महसूस होती है . कस्तूरी तो यहाँ छुपी है. वो पैंटी के बाहर से ही चूत को मुँह में लेने की कोशिश करता है. फिर दोनों हाथों से पैंटी नीचे को खींचता है. आँचल अपनी गांड उठाकर पैंटी उतारने में मदद करती है. ससुर आँचल की टाँगों से पैंटी उतारकर फर्श में डाल देता है. अब आँचल पूरी नंगी हो गयी.

पहली बार ससुर आँचल की चूत को देखता है. आँचल की पावरोटी जैसी फूली हुई गुलाबी चूत देखकर ससुर कामवासना से पागल हो जाता है. क्या फूली हुई चूत पाई है ! ऐसी तो पहले कभी नही देखी. चूत के ऊपर छोटे छोटे बाल हैं. शायद कुछ ही दिन पहले शेव किया है. ससुर तुरंत अपना मुँह चूत पर लगा देता है और फूले हुए होठों को चाटने लगता है. आँचल की क्लिट को जीभ से छेड़ देता है.

“आअहह…….. ओह्ह …...” आँचल सिसकने लगती है.

फिर ससुर आँचल की चूत के अंदर जीभ घुसा देता है और अंदर बाहर करने लगता है. आँचल की चूत गीली हो रखी है. ससुर की जीभ को उसके चूतरस का स्वाद आता है. वो जीभ से चूतरस चाटने लगता है. कामोत्तेजित होकर आँचल ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगती है और तड़पकर इधर उधर सर हिलाती है . अपने हाथों से चादर को कस के पकड़ लेती है और अपने नितंबों को ससुर के मुँह पर उछाल देती है.

“मज़ा आ रहा है बहू ?” आँचल को उछलते देख ससुर मुस्कुराता है.

कोई और होता तो अब तक आँचल उसका सर पकड़कर चूत पर दबा देती लेकिन ससुर की शरम से वो ऐसा नही कर पाती है. फिर ससुर चूत से जीभ बाहर निकाल लेता है और दो अँगुलियाँ चूत में डालकर तेज़ी से अंदर बाहर करने लगता है. आँचल बहुत उत्तेजित हो जाती है और नितंबों को ऊपर उछालने लगती है. कुछ ही देर में चूत से रस बहाते हुए वो झड़ जाती है.

“आअहह……. ओह …………ओइईईईईई…… माँआआ …..आह…….”

अब ससुर ने आँचल की चूत से अँगुलियाँ बाहर निकाल ली. दोनों अँगुलियाँ आँचल के चूतरस से भीगी हुई थीं. ससुर ने आँचल को दिखाते हुए अपनी गीली अंगुलियों को चाट लिया.

उसके बाद ससुर ने आँचल की टाँगों को घुटनों से मोड़ लिया और उसकी चूत के छेद में अपने मोटे लंड का सुपाड़ा लगाया. पहला झटका दिया मोटा सुपाड़ा अंदर घुस गया.

“आआआअहह ……ओइईईईईईईईईईईईईई…………...माँआम्म्म्माआआआआआआ…..”मोटा सुपाड़ा टाइट चूत में घुसते ही आँचल चिल्लाई.

उसका चिल्लाना देखकर ससुर रुक गया. 

“तेरी चूत तो बहुत टाइट है ”, धीरे धीरे लंड को और अंदर डालने की कोशिश करते हुए ससुर बोलता है.

“आआआअहह…….” मोटे लंड से आँचल को दर्द हो रहा था.

ऐसा करते करते कुछ देर बाद ससुर अपना पूरा लंड जड़ तक चूत के अंदर घुसाने में सफल हो गया. पूरा लंड घुसने के बाद ससुर कुछ पल रुका रहा. आँचल की गरम और टाइट चूत ने ससुर के मोटे लंड को बुरी तरह जकड़ लिया.

अब ससुर धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करके चूत पर धक्के लगाने लगा. आँचल को ऐसा लगा जैसे ससुर के मोटे लंड ने उसकी टाइट चूत को पूरा भर दिया है. 

मोटे लंड के चूत की दीवारों में रगड़ खाने से आँचल की सिसकारियाँ निकलने लगी.

“आअहह………...उंगग्गग…………. ओह्ह …..”

“अब मज़ा आ रहा है ना ? ” , आँचल को सिसकारियाँ लेते हुए देखकर ससुर बोलता है.

“आअहह ………..बहुत मज़ा आ रहा है…..ससुरजी……ओइईईईई …” उत्तेजना में आँचल बेशरम होकर अपने नितंबों को ऊपर उछालने लगी और ससुर को नीचे से धक्के मारने लगी.

आँचल को मज़े में अपनी गांड ऊपर उछालते देखकर ससुर भी हैरान हुआ. बहू तो बहुत कामुक है. इसे तो पूरी मस्ती चढ़ गयी है. 

अब ससुर भी जोश में आ गया और उसने आँचल की चूत में तेज तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए. उसकी गोलियाँ आँचल की उठी हुई गांड से टकराने लगी. पूरे कमरे में ठप ठप ठप की आवाज़ गूंजने लगी.

तेज धक्कों से आँचल का पूरा बदन हिलने लगा. उसकी बड़ी चूचियाँ छाती पर ऊपर नीचे हिलने लगी.

“ऊऊउीईईई……..ओह…….आआअहह…....उईईई……..माँआम्म्माआ…..” ससुर के तेज धक्कों से आँचल चिल्लाने लगी और फिर उसको ओर्गास्म आ गया और वो दूसरी बार झड़ गयी.

आँचल को झड़ते देखकर ससुर ने धक्के लगाना कम कर दिया और झड़ती हुई आँचल के चेहरे के बदलते भावों को देखते हुए मज़े लेने लगा. कुछ देर बाद उसने फिर से स्ट्रोक लगाने शुरू किए और गीली चूत में लंड के अंदर बाहर जाने से कमरे में फच फच फच की आवाज़ गूंजने लगी. 

आँचल ने मदहोशी में देखा , ससुर धक्के पर धक्के लगाए जा रहा है. ससुर आँचल की बड़ी गोरी चूचियों को दोनों हाथ से मसलते हुए धक्के लगाते रहा. आँचल थक चुकी थी पर ससुर एक बार झड़ने के बाद चुदाई को लंबा खींच रहा था.

आँचल अपने मन में सोचती है , ससुरजी तो थक ही नहीं रहे इस उम्र में भी बहुत स्टेमिना है .

कुछ देर बाद ससुर ने आँचल की चूत में वीर्य की धार छोड़ दी और उसे लबालब भर दिया. आँचल ने अपनी चूत में ससुर के गरम वीर्य को महसूस किया.

झड़ने के बाद ससुर थककर आँचल के बगल में लेट गया. दोनों के बदन पसीने से भीग गये थे और साँसें उखड़ी हुई थी.

आँचल अपने नंगे बदन पर चादर डाल लेती है. ससुर नंगा ही पड़ा रहता है. 

कुछ देर बाद ससुर ने आँचल की तरफ करवट ली और उसके चेहरे से बालों की लट हटाते हुए बोला,” मज़ा आया ना ?”

“हाँ ……ससुरजी…..” आँचल धीमी आवाज़ में जवाब देती है.

“अब तुझे फिकर करने की ज़रूरत नही. मैं तुझे ऐसे ही मज़ा दूँगा. ठीक है …?” आँचल के गुलाबी गालों पर प्यार से हाथ फेरते हुए ससुर बोला.

“ओह्ह …...ससुरजी…..”

ससुर को मालूम था की बस एक बार आँचल उससे चुद जाएगी तो फिर मना नही करेगी. 

ससुर ने आँचल को भी अपनी तरफ करवट पे कर लिया और दोनों के मुँह एक दूसरे की तरफ हो गये. फिर ससुर ने आँचल के बदन से चादर कमर तक खिसका दी और उसको आलिंगन में लेकर उसकी नंगी पीठ पर हाथ फिराने लगा. और उसके होठों , नाक और गालों को चूमने लगा. आँचल ने अपने मुलायम बड़े नितंबों पर ससुर के खुरदुरे हाथ घूमते हुए महसूस किए.

ससुर और आँचल दो बार झड़कर कामतृप्त हो गये थे. 15 मिनट ऐसे ही लेटे रहने के बाद ससुर बेड से उठ गया और अंडरवियर पहनने लगा. उसको कपड़े पहनते देख आँचल भी उठ गयी और फर्श से उठाकर पैंटी पहन ली और पेटीकोट बाँध लिया. फिर ब्लाउज पहनकर साड़ी पहनने लगी.

कपड़े पहनकर दोनों होटेल से बाहर आ गये. दोनों के चेहरे पर परम संतुष्टि के भाव थे. ससुर को अपनी मादक बहू के बदन का रस पीने को मिला था , और आँचल को ससुर के मोटे लंड से चुदने का मज़ा मिला था.

दोनों ही जानते थे अब उनकी आपस में एक दूसरे से ही कामसुख की प्राप्ति होते रहेगी. 

रिसेप्शन में होटेल स्टाफ ने ससुर के साथ आँचल को आते हुए देखा. दो घंटे चुदाई करके आये हैं ये दोनों. 

“क्या मस्त माल चोदा है बुड्ढे ने ?”

फिर ससुर फैक्ट्री चला गया और आँचल घर में दिखाने के लिए छोटी मोटी शॉपिंग करने चली गयी.
Reply
12-08-2018, 12:16 PM,
#70
RE: vasna kahani आँचल की अय्याशियां
अगले कुछ दिन तक ससुर को आँचल के साथ कोई मौका नहीं मिलता वो बेचैन हो जाता है. आँचल को ऑफिस से फोन करता है. 

“बहुत मन कर रहा है बहू…..”

“ओह्ह….ससुरजी…”

“अच्छा सुन ये बता सुनील कब सोता है ?”

“सुनील तो बेड में जाते ही सो जाते हैं.”

“आज सुनील के सोने के बाद लिविंग रूम में आ जाना. मैं वहीं तेरा इंतज़ार करूँगा.”

“नहीं नहीं ….कोई जाग गया तो…”

“कोई नहीं जागेगा बस तू 15 मिनट के लिए आ जाना.”

“ठीक है कोशिश करूँगी.”

“कोशिश नहीं तू आना ज़रूर .”

“ठीक है …आऊँगी …ससुरजी...”

रात में डिनर करके आँचल सुनील के साथ अपने बेडरूम में चली जाती है. सास और ससुर अपने बेडरूम में सोने चले जाते हैं. बेड में जाने के कुछ देर बाद सास खर्राटे लेने लगती है. आधे घंटे बाद ससुर लिविंग रूम में आता है और टीवी देखने लगता है. टीवी तो बहाना है वो आँचल का इंतज़ार करता है. जब उसको नींद नहीं आती तो वो अक्सर लिविंग रूम में आकर टीवी देखता है इसलिए उसे कोई फिक्र नहीं.

उधर आँचल बेड में लेट जाती है. सुनील बेड में लेटकर कोई नावेल पढ़ने लगता है. आँचल उसके सोने का इंतज़ार करती है. लेकिन सुनील सो नहीं रहा. 

“सुनील सो जाओ अब.”

“बहुत इंटरेस्टिंग नावेल है , थोड़ी सी बची है , खत्म करके ही सोऊंगा.”

थोड़ी देर इंतज़ार करने के बाद आँचल को नींद आ जाती है.

ससुर टीवी खोले बैठा है , बोर हो रहा है. पर आँचल नहीं आ रही. एक डेढ़ घंटे तक इंतज़ार करने के बाद टीवी बंद कर देता है. आँचल को कोसता है पता नहीं क्यूँ नहीं आई ? उसका मन नहीं मानता अपने बेडरूम में जाने की बजाय आँचल के बेडरूम के दरवाज़े पर जाकर कान लगाता है. कहीं आँचल के ऊपर सुनील तो नहीं चढ़ा हुआ है ? कोई आवाज़ नहीं आ रही , लाइट भी ऑफ है. लगता है सो गयी है. फोन या मैसेज भी नहीं कर सकता कहीं सुनील ना उठा ले . 

ससुर खिन्न होकर अपने बेडरूम में वापस आ जाता है. 

अगले दिन सास के भाई का लड़का मुकुल वहाँ आता है. उस समय घर पर सास और आँचल थीं. ससुर और सुनील फैक्ट्री गये हुए थे. मुकुल अपनी बुआजी को बहुत अच्छा मानता है. आज उनके साथ ही लंच करता है.

“बुआजी हमारे घर चलिए ना. कुछ दिन वहीं रहेंगी.”

“फिर आऊँगी बेटा किसी दिन.”

“नहीं नहीं आज ही चलिए ना मेरे साथ. आँचल भाभी आप बुआजी को मेरे साथ भेज दो ना.”

मुकुल बहुत ज़िद करता है. बुआजी को ले जाए बिना मानता नहीं. 

लंच के बाद सास अपना थोड़ा सामान बैग में रखकर मुकुल के साथ कार में उसके घर चली जाती है.

“बहू, मुकुल बहुत ज़िद कर रहा है. परसों आ जाऊँगी.”

शाम को फैक्ट्री से ससुर और सुनील घर लौटते हैं. आँचल उन्हें बताती है सासूजी मुकुल के साथ चली गयी हैं. परसों वापस आ जाएँगी. 

ये खबर सुनकर ससुर बहुत खुश हो जाता है. उसकी खुशी आँचल से छुपती नहीं. वो जानती है घर में सास के ना होने का ससुर पूरा फायदा उठाएगा. ससुर के साथ चुदाई की कल्पना से वो भी एक्साइटेड होती है .

डिनर के पहले ससुर आँचल से कहता है,” आज ज़रूर आ जाना. मैं दरवाजा खुला रखूँगा.”

आँचल शरमाती भी है और उसके चेहरे पर मुस्कान भी है ,” हाँ … आऊँगी …ससुरजी...”

“हाँ हाँ तो कल भी बहुत कह रही थी पर आयी नहीं.”

“आज आऊँगी…...”

डिनर के बाद ससुर अपने कमरे में चला जाता है. आज अकेले सोएगा.

सुनील और आँचल अपने बेडरूम में चले जाते हैं. 

सोते समय आँचल सोचती है आज तो ससुर के कमरे में जाना है , कोई सेक्सी लिंजरी पहनती हूँ, जिससे ससुर मस्त हो जाए. अपना वॉर्डरोब खोलती है और एक सेक्सी बेबीडॉल नाइटी निकालती है जो उसने कुछ समय पहले खरीदी थी पर कभी पहनी नहीं. आँचल अपना पंजाबी सूट उतार देती है और ब्रा भी उतार देती है. पैंटी के ऊपर बेबीडॉल नाइटी पहन लेती है जो पूरी पारदर्शी है. और उसमें आँचल की पैंटी साफ दिखती है.

उधर ससुर अपने बेडरूम की लाइट ऑफ करके नाइट बल्ब ऑन कर देता है. मेरी आँचल रानी कब आएगी , बेड में लेटे हुए इंतज़ार करता है.

सुनील देखता है आँचल बेबीडॉल में बहुत ही मादक लग रही है. उसका मन मचल जाता है और वो कामातुर हो उठता है. सुनील सोचता है आँचल मुझे रिझाने के लिए इतनी सेक्सी नाइटी पहन रही है.

“ये कब ली तुमने ? बहुत ही सेक्सी लग रही हो.”

“ ले आई थी. पर पहनी नहीं.”

“पीछे मुड़ के दिखाओ.”

आँचल को सुनील से ऐसे रिएक्शन की उम्मीद नहीं थी. सुनील को आकर्षित होते देखकर वो खुश होती है और पीछे घूम जाती है
सुनील देखता है पीछे से आँचल की पैंटी में सिर्फ़ एक पतली डोरी है और आँचल के गोरे बड़े नितंब नंगे दिख रहे हैं. 

वो बेड से उठता है और आँचल को अपने आलिंगन में कसकर उसके होंठ चूमने लगता है.

आँचल सोचती है , वाह रे बेबीडॉल , सुनील तो बहुत एक्साइटेड हो गया है. 

सुनील थोड़ी देर तक आँचल को चूमता है फिर उसको गोदी में उठाकर बेड में लिटा देता है.

आज सुरूर में है सुनील . आँचल को भी अच्छा महसूस हो रहा है. 

आँचल को बेड में लिटाने के बाद सुनील अपने कपड़े उतारकर फेंक देता है. चुदाई की जल्दबाज़ी में है. सुनील का लंड तन के फनफना रहा है , झटके मार रहा है. आँचल भी खड़े लंड को देखकर उत्तेजित होने लगती है. ससुर के पास जाना है, भूल ही गयी है.

उधर ससुर बेड में लेटे हुए बेचैन हो रहा है. लगता है साली आज भी सो गयी है.

नंगा होकर सुनील आँचल की पैंटी उतार कर फर्श में फेंक देता है. उसकी बेबीडॉल उतारता नहीं पर ऊपर को चूचियों तक खींच देता है. नंगी आँचल के ऊपर लेट जाता है और उसकी बड़ी चूचियों को मुँह में भरकर चूसने लगता है. सुनील तो सीधे चुदाई करने वालों में था , आज चूची चूसने का मन कैसे हो गया. आँचल भी खुश होती है. और खूब मज़े से अपनी चूची चुसवाती है. 

सुनील थोड़ी देर तक दोनों चूचियों को मसलता है उनका निपल मुँह में भरता है , आँचल कामोत्तेजना से पागल हुई जा रही है , उसकी चूत रस छोड़ने लगती है.

अब सुनील आँचल की गोरी मांसल जाँघों को दोनों हाथों में पकड़ता है और फैला देता है. खुद उसकी टाँगों के बीच आकर आँचल की गुलाबी चूत के छेद में अपने लंड का टोपा लगाता है. आँचल की चूत सनसनाने लगती है. सुनील एक झटका देता है और पूरा 4.5 “ का लंड एक ही बार में आँचल की चूत में घुसा देता है. 

“आअहह….ओह…...” , आँचल ज़ोर से सिसकारी लेती है. चूत में लंड घुसने का मज़ा ही कुछ और है. 

सुनील अपने लंड पर आँचल की चूत की गर्मी महसूस करता है. कामोन्माद में भरकर गीली चूत में धक्के मारने लगता है.

“ओह्ह सुनील…...आअहह…...” आँचल मस्ती में सिसकने लगी.

कमरे में ठप.. ठुप... ठप... ठुप की आवाज़ें गूंजने लगती है. कमरे की दीवारें पति पत्नी की चुदाई की गवाह बनी हुई हैं. बहुत कामुक दृश्य है. सुनील अपनी खूबसूरत और मादक बीवी की चूत में लंड पेल रहा है. 

“आअहह सुनील…. और जोर से चोदो ...आह…..आअहह…...” आँचल कामुक अंदाज में सुनील को और जोर से चोदने को उकसाती है. 

थोड़ी देर में आँचल की गरम चूत ने सुनील के लंड से पानी निचोड़ लिया.

सुनील आहह……भरते हुए आँचल की चूत में वीर्य छोड़ देता है. 

उसी के साथ आँचल भी जोर से सिसकारियां लेते हुए झड़ जाती है.

“ओह्ह ………उइईइइईइ……. माँआआ …...आअहह…...”

कामसंतुष्टि से खुश होकर सुनील अपने बेड में नंगा लेट जाता है. गहरी साँसें लेते हुए वो थोड़ी देर सीधा लेटे रहता है. आँचल भी साँसों पर काबू पाने की कोशिश कर रही है. कुछ देर बाद आँचल की तरफ पीठ करके करवट पे लेट जाता है . कुछ ही देर में खर्राटे लेने लगता है. 

आँचल अभी भी सीधी लेटी हुई है. सुनील को खर्राटे लेते देखकर आँचल बेड से उठती है और फर्श से उठाकर अपनी पैंटी पहन लेती है. फिर सुनील की साइड में जाकर उसे चादर ओढ़ा देती है . बेडरूम की लाइट ऑफ कर देती है और चुपचाप रूम से बाहर आ जाती है.

आँचल ससुर के बेडरूम में आती है. धीरे से दरवाज़े को खोलती है, ससुर बेड में लेटा हुआ है. 

नाइट बल्ब की बहुत हलकी रोशनी में आँचल को बेबीडॉल में देखता है. बहुत ही कामुक लग रही है बहू.
ससुर का लंड सीधे छत की तरफ खड़ा हो जाता है. वो बेड से उठता है और आँचल को अपनी बाँहों में भरकर बेतहाशा चूमता है. 

फिर दरवाज़े में लॉक लगा देता है. आँचल की बेबीडॉल और पैंटी उतारकर फर्श में फेंक देता है. आँचल को नंगी बेड में पटक देता है. और अपने कपड़े उतारकर नंगा हो जाता है.

ससुर के लंड से प्री-कम निकलने लगता है. आह…...कयामत है साली. नंगी देखने भर से मेरा पानी निकाल देती है.

आँचल ससुर का 7.5 “ का तना हुआ लंड देखती है. उफ कितना बड़ा और मोटा है ससुरजी का . जो खाते हैं इसी में लगता है शायद. उसकी चूत में फूरफ़ुरी दौड़ जाती है.

ससुर बेड में आकर आँचल की एक चूची को मुँह में भर लेता है और दूसरी चूची को ज़ोर से मसलता है.

“आहह…..” ससुरजी बड़े बेरहम हैं, हाथ भी कितने सख़्त हैं.

थोड़ी देर चूचियों को चूसकर ससुर नीचे को खिसक जाता है. आँचल की फूली हुई चूत के होठों पर जीभ लगाता है. 

“ओह्ह…उनन्नज्ग…. आहह ….” अपनी मुलायम चूत पर ससुर की खुरदूरी जीभ लगने से आँचल सिसकती है.

ससुर क्लिट को जीभ से कुरेदता है. चूत के होठों में गीलापन महसूस करता है.

ससुर खुश हो जाता है. बहू मेरे लिए बहुत गीली हो रखी है.

“ लगता है तू भी मेरे लिए बहुत तड़प रही है.”

“उनन्न…...ससुरजी……”

अब ससुर आँचल की चूत में जीभ घुसा देता है . चूत की दीवारों पर जीभ घुमाता है. 

जीभ में कुछ अजीब सा स्वाद आता है. आज बहू की चूत का स्वाद कुछ अजीब है , चूतरस गाढ़ा सा महसूस हो रहा है. क्या बात ?

ससुर अपनी जीभ को चूत से बाहर निकाल लेता है. चूत के अंदर दो अँगुलियाँ डाल कर अंदर बाहर करता है.

“आअहह…...ओह्ह…..उनन्नज्ज्ग……” आँचल आँखें बंद करके सिसकारियाँ लेती रहती है.

ससुर अपनी अँगुलियाँ बाहर निकलता है. सुनील का वीर्य उसकी अंगुलियों में चिपक जाता है. 

ससुर देखता है अँगुलियाँ सफेद हो रखी हैं , चूतरस नहीं है , ये तो साला वीर्य लग गया मेरी अंगुलियों में.

“बहू , ये तेरी चूत में तो ……... सुनील ने चोदा क्या तुझे ?”

“हाँ …ससुरजी.” आँचल शरमाते हुए धीमे से बोलती है.

अब आँचल भी आँखें खोल के ससुरजी को देख रही है और ससुर अपनी अंगुलियों को देख रहा है.

धत तेरे की………साली ने सुनील का वीर्य चटा दिया मुझे …..

“पहले क्यूँ नहीं बताया तूने ?”

“ओह्ह….ससुरजी……आपने मौका ही कहाँ दिया …” आँचल धीमे से मादक आवाज़ में जवाब देती है.

ससुर थू थू ……करके थूकता है. सब स्वाद बिगड़ गया मुँह का.

ससुर बेड से उठकर बाथरूम चला जाता है और साबुन से अपनी अँगुलियाँ धोता है. खूब कुल्ला करके मुँह साफ करता है.

बेड में बैठी आँचल उसकी इस हालत पर हँसी रोकने की कोशिश करती है पर रुक नहीं रही.

ससुर वापस बेडरूम में आता है और आँचल को पकड़कर बाथरूम ले जाता है. वहाँ उसकी चूत में अपनी अंगुलियों को डालकर पानी से साफ करता है और चूत के आस पास भी पानी से धोता है. आँचल को अभी भी हँसी आ रही है. 

फिर तौलिए से आँचल की चूत पोंछकर उसे बेड में पेट के बल लिटा देता है. आँचल की गोरी बड़ी गांड पहाड़ जैसी ऊपर को उठी है. ससुर अपने दोनों हाथों से आँचल के नितंबों को मसलता है. फिर अपना मुँह नितंबों पर लगा देता है.
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up Adult Kahani समलिंगी कहानियाँ sexstories 89 7,853 05-14-2019, 10:46 AM
Last Post: sexstories
Thumbs Up vasna story जंगल की देवी या खूबसूरत डकैत sexstories 48 19,810 05-13-2019, 11:40 AM
Last Post: sexstories
Star Porn Kahani हसीन गुनाह की लज्जत sexstories 25 13,459 05-13-2019, 11:29 AM
Last Post: sexstories
  Nangi Sex Kahani एक अनोखा बंधन sexstories 100 126,614 05-11-2019, 01:38 PM
Last Post: Rahul0
Star Hindi Sex Kahaniya प्यास बुझती ही नही sexstories 54 30,003 05-10-2019, 06:32 PM
Last Post: sexstories
Thumbs Up vasna story मेरी बहु की मस्त जवानी sexstories 87 67,391 05-09-2019, 12:13 PM
Last Post: sexstories
Thumbs Up Hindi Sex Stories तीन बेटियाँ sexstories 168 315,619 05-07-2019, 06:24 PM
Last Post: Devbabu
Thumbs Up non veg kahani व्यभिचारी नारियाँ sexstories 77 46,235 05-06-2019, 10:52 AM
Last Post: sexstories
Thumbs Up Kamvasna शेरू की मामी sexstories 12 14,590 05-06-2019, 10:33 AM
Last Post: sexstories
Star Sex Story ऐश्वर्या राई और फादर-इन-ला sexstories 15 16,326 05-04-2019, 11:42 AM
Last Post: sexstories

Forum Jump:


Users browsing this thread: 1 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


bahu nanad bane sasural mein randi pura paribar se mastaram sexsex video hindi dostoki momsouth singers anchors fakeहिनदी सेकस ईसटोरी मेरी और ननद कि चुत चुदाई हबशी के सातबहन सोई थी अचानक भाई ने आकर सेक्स के लिए तैयार कराया मम्सjeht aur bahu sex baba.netढोगी बाबा से सोय कहानी सकसीsexbaba hindi bhauझटपट देखने वाले बियफपोरा पोराचे नागडे फोटोkabile की chudkkad hasinaigulabi vegaynapriya Prakash pe muth marna indian porn videochiranjeevi nude sex babaxxxxnxxxx photo motta momatv actress smriti Irani naked xxx sex babaकाँख बाल सुँघा पसीनाAnushka sharma hairy body sexbaba videoskapde phade ka with bigboobsXXX GIRLE BOLL POTOS horince चूतजूहीमा चुदSexbabaHansika motwani.netसेक्सी स्टोरी फ्लॅट भाडे से मिलने के लिये चुदायीजवानीकेरँगसेकसीमेसवार मे नाहता हुवा xxx vidyoसोने में चाची की चुत चाटीxxx baba muje bacha chahiye muje chodo vidoeबाडी पहन कर दीखाती भाभीxxxvideoof sound like uhhh aaahhh xxx hindi kudiya ya mere andar ghusne ki koshi kiladki ksise padati hai secsi videogaon chudai story gaon ke do dosto ne apni maa behano Ko yovan Sukh diyaagar ladki gand na marvaye to kese rajhi kare usheFree टाईपास Marathi sexy aunty mobile number.comrandi sex2019hindiहिंदी मै बोलेचुदाई xxxcomgavbala sex devar chodo naबहन की फुली गुदाज बूर का बीजMother our genitals locked site:mupsaharovo.ruकामुकता डाटँ कामँwww.kombfsexhot dehati bhabhi night garam aur tabadtod sex with youxxx kahani 2 sexbabachuto ka samandar sexbaba.comXxx Aishwray ray ki secx phuto कच्ची कली नॉनवेज कहानीNude Ramya krishnan sexbaba.comgulabi vegaynaxxxx Kiya ker ne se ladki Razi hojayegi chudai my xxx fulBollywood actress sex baba new thread. Comxxnxnadanఅబ్బా నొప్పి మెల్లిగా నొక్కుsexbaba.net sex storyananya pandey latest nude fucked hd pics fakeSexbaba. Com comicsपति समझ कर पीछे से चुदाई करि बेटे बेटे से चुड़ै करवाई हिंदी सेक्स वीडियोtamanna sex babaPapa ne bechi meri jawani darindo se meri chudai karwayigarmi ki chudai pasina mal se gila xxxxxghar usha sudha prem chudai sexbabaheroin kirthi suresh sex photos sex baba netsex baba net thread Sex baba nude photosमुतते देखा मौसी को चोदो कि सेक्सी कहानीjenifer winget faked photo in sexbabanangi badmas aunty sex desiplay netपहले मुझे चोदो डैडीबेटियों की अदला बदली राज शर्माsuhagrat sexi video Hindi adua xxxstori andmalang ne toda palang.antarvasana.comhaweli aam bagicha incestpase dekar xx x karva na videoBudhe baba ki rep rep kahanimaa ne choty bacchi chudbaifullhindsaxShalemels xxx hd videosDesi indian HD chut chudaeu.comvirgin secretary sexbabaबेटी ने सहेली को गिफ्ट कर पापा से चुद बायाsex baba anjali mehtaहिनदी सेकस ईसटोरी मेरी और ननद कि चुत चुदाई हबशी के सातghusero land chut men meredesigner Rndiki boobpress vi