Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
07-16-2018, 11:14 AM,
#1
Star  Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
माँ बेहाल बेटी छिनाल --1

डॉली बड़ी खुशी मे घर आई जब वो गयी थी तब लड़की थी लेकिन राज ने उसे औरत बनाके भेजा था. डॉली को पता भी नही था कि उसकी ज़िंदगी एक रात मे इतनी बदलेगी. उसके दिल-ओ-दिमाग़ मे अब राज चाचा बस गये थे. वो जानती थी कि राज चाचा के लिए वो कुछ भी करेगी. अपनी बेटी को इतनी खुश देख कर उसकी मा शन्नो को भी अच्छा लगा. डॉली का बाप हर्बार जैसे टूर पे गया था. उसकी मा ने बताया कि उसके डॅडी 4 दिन के बाद आनेवाले थे. राज चाचा के प्लान के मुताबिक डॉली ने उसकी मा को बार-बार बताया कि कैसे एक अजनबी ने उसे ट्रेन के सफ़र मे मदद की और उस भीड़ भरी बुगी मे बैठने के लिए रात भर जगह दी. डॉली ने जान बूझके राज चाचा की बहुत तारीफ की. शन्नो ने भी सोचा कि कितना भला अजनबी था जिसने उसकी बेटी के लिए इतनी तक़लीफ़ उठाई. शन्नो बोली, "आरे बेटी तूने उस आदमी को चाइ पे बुलाना चाहिए था जिसने तेरी इतनी मदद की. " राज चाचा का प्लान सही होता देख डॉली खुशी से बोली, "मुझे क्या तूने बुद्धू समझा है मा? तेरे बताने के पहले ही मेने उनको कल शाम को चाइ पे बुलाया है. वो मुझे बोले कि पहले अपनी घरवालो से पूछ लो, लेकिन मेने उनको आने की ज़िद की तो वो मान गये. " अपनी बेटी के प्लान से अंजान शन्नो को अच्छा लगा कि उसकी बेटी ने एक अच्छा काम किया और वो बोली, "तूने ठीक ही किया बेटी जो उनको बुलाया. नही तो आज की दुनिया मे इतना भला आदमी कहाँ मिलता है जो दूसरो की मदद करे? " अपनी मा की हां से डॉली बड़ी खुश हुई. उसे यकीन था कि उसके राज चाचा उसकी मा को ज़रूर चोदन्गे. उसे इस बात से खराब नही लग रहा था कि वो अपनी मा को एक पदाए मर्द से चुद्वाने मे उस पदाए मर्द की मदद कर रही थी. दूसरे दिन शाम को शन्नो अपनी बेटी के राज चाचा से मिलने तय्यार हुई. शन्नो 37 साल की बड़ी सेक्सी औरत थी. एक बेटी को जनम देने के बाद उसने अपनी फिगर पहले जैसे मेनटेन की. उसका पति रमेश ज़्यादातर टूर पे ही रहता था लेकिन इसके बाद भी उसने किसी गैर मर्द से रिश्ता नही रखा था. ऐसा नही कि वो कोई रिश्ता नही रखना चाहती थी पर वो समाज से डरती थी. वो भीड़ मे अपना जिस्म अंजान मर्दो से मसलके लेती थी लेकिन उसके आगे कुछ नही. जब जिस्म की गर्मी ज़्यादा ही बढ़ती थी वो मोमबत्ती या बैंगन से चूत चुदवाति. इससे उसे आराम तो मिलता पर शांति नही मिलती. शादी के पहले उसका आफ़फियर था और उसके बॉय फ्रेंड ने उसे खूब चोदा था. यहाँ तक कि जब वो मैके जाती थी तब भी उससे चुदवाति थी. लेकिन जब से उसका बॉय फ्रेंड नौकरी के लिए बाहर चला गया था तब उसके बाद से उसने अपना कदम ग़लत नही पड़ने दिया. शन्नो ने डार्क रेड कलर की साड़ी पहनी. उसपे स्लीव्ले ब्लाउज था. शन्नो के सफेद जिस्म पे वो लाल साड़ी और ब्लाउज जच रहे थे. उसने साड़ी टाइट पहनी थी जिससे उसके जिस्म का अंग-अंग झलक रहा था. टाइट पहनी साड़ी मे उसका नंगा पेट और गोल गांद देख कर कोई भी मर्द घायल हो सकता था. चहेरे पे हल्का पाउडर और होंठो पे लिप स्टिक लगाई उसके बाल कंधे तक थे जिससे उसने क्लिप से बाँध रहे थे. माथे पे लाल बिंदी थी. अपना रूप आईने मे देख कर उसे अच्छा लगा और वो हॉल मे जाके बैठी. 10 मिनिट बाद डॉली एक आदमी को ले आई. घर मे आके वो बोली, "मा यह है राज चाचा जिनके बारे मे मेने तुमको बताया था और चाचा यह है मेरी मा. " डॉली ने देखा कि राज चाचा की आँखो मे चमक आई. वो उसकी मा को घूर के देख रहे थे और उसकी मा भी राज को देख रही थी. राज जीन्स और टी शर्ट पहना था जिसमे से उसकी टाइट फ्ज़िक झलक रही थी. शन्नो देख रही थी कि राज सही मे पंडित लग रहा था. इतना तगड़ा और मर्दाना रूप था उसका. उन्होने एक दूसरे को नमस्ते किया और बैठे. डॉली उसके बाजू मे बैठके बोली, "मा यह राज चाचा बहुत पैसेवाले है और बहुत अच्छे इंसान है. मेने बताया ना तुमको कि इन्होने मुझे रात भर बैठने की जगह दी? और 1-2 लड़के बट्तमीज़ी कर रहे थे तो चाचा ने उनको मारके ठीक किया था. यह नही होते तो ना जाने मे वो सफ़र कैसे करती. " यह कहते डॉली खुद से हस्ते दिल ही दिल मे बोली सीट देने के बदले मुझे खूब चोदा था चाचा ने. बहुत बदमाश है चाचा, मा तुम बच के रहना आज वो तो तुझे भी चोदने वाले है. तुझे फास के आज चोदने ही आए है वो. राज को अच्छा लगा जब डॉली उसके बताए डाइलॉग बोल रही थी. शन्नो की आँखो मे आँखे डालते वो बोला, "आरे इसमे क्या बेटी, यह तो मेरा फ़र्ज़ था, आप होती तो आप भी ऐसा करती ना डॉली जैसी खूबसूरत लड़की के लिए भाभी? " शन्नो राज की नज़र देख कर ज़रा सहम जाती है लेकिन उसकी हां मे हां मिलाती है. राज की नज़र देख कर डॉली समझ जाती है कि उसकी मा को चाचा आज ज़रूर चोद्के रहेगा. वो किचन से चाचा के लिए पानी लाके अपनी मा से बोलती है, "मा मुझे ज़रा सुमन से काम है. मे 15 मिनिट मे आती हूँ, तुम चाचा का ख़याल रखना. चाचा आप आरामसे जाना, मे अभी आती हूँ. " इतना कहते अपनी मा को कहे बिना डॉली वहाँ से निकल जाने लगती है. शन्नो उठके उसे रोक कर हल्के से मीठी की दुकान से कुछ मिठाई लाने बोलती है. डॉली हां बोलती है लेकिन उसे पता होता है कि वो अब 2-3 घंटे आनेवाली नही. राज ने ही उसे ऐसा करने बोला था और राज को यह देख कर खुशी हुई कि उसकी डॉली रंडी उसकी बात बारबार मान रही थी. शन्नो फिर राज के सामने बैठती है. उसके उतने बैठने मे पल्लू ज़रा सरक जाता है और अब उसका एक मम्मा पल्लू के बाहर आता है. राज उसका वो मम्मा देखते बोलता है, "बड़ी प्यारी बेटी है आपकी भाभी, बहुत नेक और शरीफ. कल स्टेशन पे मुझे बार-बार थॅंक्स भी बोली. उसने बताया होगा कैसे मेने रात भर उसे मेरी गोदी मे बिठाया था. " डॉली के नंगे जिस्म का सोचते और अब उसकी मा का वो मम्मा देख कर राज का लंड उठने लगा था. शन्नो राज की नज़र समझते पल्लू ठीक करते सोचती है कि क्या इस आदमी ने उसकी डॉली को गोद मे बिठा के कुछ ऐसा वैसा तो नही किया होगा ना? डॉली तो नादान है, उसने समझा भी नही होगा कि यह मर्द उसके जिस्म से मज़ा ले रहा है. शन्नो को सोच मे डूबे देख राज बोला, "क्या हुआ भाभी? क्या सोच रही हो? कहाँ खो गये? " अपने विचारो से बाहर आते शन्नो बोली, "नही ऐसा कुछ नही भाई साहब. मेरी बेटी की मदद करने के लिए थॅंक्स. डॉली भी आपकी बहुत तारीफ करती है. वैसे राज भाई क्या लेंगे आप? ठंडा लेंगे या कुछ गरम. " राज शन्नो का नंगा पेट देख कर सोचता है, तुझे ही लेने आया हूँ साली, कल बेटी को चोदा आज तुझे चोदना है. अभी तू ठंडी है लेकिन थोड़े टाइम मे तुझे गरम करके चोदुन्गा. फिर ज़रा स्माइल देके बोलता है, "आरे आप जो भी पिलाओगी तो पी लेंगे भाभी, पर यह तकालूफ क्यों? वैसे मुझे चाइ चलेगी. " शन्नो उठके बोलती है, "आरे तकल्लूफ क्या इसमे, यह तो मेरा फ़र्ज़ है. आपने मेरी बेटी के लिए इतना किया तो क्या मे आपको चाइ भी नही पिला सकती? " राज की तरफ स्माइल करके वो चाइ बनाने उठके किचन की तरफ जाती है. शन्नो को राज की नज़र मे हवस नज़र आ रही थी पर एक फ़र्ज़ के तौर पे उसे यह करना ही था. उसे पक्का यकीन हुआ था कि राज ने उसकी कमसिन नादान बेटी को ज़रूर मसला होगा. राज उसकी मटकती गांद देख कर खुश होता है. पीछे से शन्नो का जिस्म देख कर वो बोला, "वैसे एक बात है भाभी, डॉली बिल्कुल आप पे गयी है, वोई चहेरा, वोई रंग, एकदम आपकी कॉपी है वो. एक आपकी हाइट और. . . . . , मेरा मतलब एकदम मस्त बेटी है आपकी. " राज की इस बात पे शन्नो ज़रा चमकते उसे देखती है. राज की नज़र से अब हवस टपक रही थी. वो बिंडास्ट उसकी तारीफ कर रह था. उसने करीब-करीब बोला कि डॉली और उसकी हाइट और मम्मे या पिछवाड़ा छोड़के बाकी सब एक जैसा है. शन्नो पहली बार ऐसे मर्द के सामने थी जो पहली मीटिंग मे ही इतनी बोल्ड्ली बात कर रहा हो. अपना पल्लू पीछे से घूम कर कमर मे डालते वो बोली, "अब मेरी बेटी है तो रंग रूप मेरा ही लेगी ना वो राज भाई? " राज बिंडास्ट शन्नो के सामने उसके जिस्म को देखते बोला, "हां आपकी बेटी आपका ही रूप लेगी. आपको पता है परसो रात भर वो बे-फिकर होके सोई थी मेरी गोदी मे. जैसे ट्रेन चली और हवा आने लगी वो सो गयी. " राज की इस बात पे अब शन्नो को करीब-करीब यकीन होता है कि इसने कुछ तो ज़रूर किया होगा उसकी बेटी के साथ. कितनी तारीफ कर रहा है यह मेरी बेटी की. डॉली को भी कितना अच्छा लगा यह आदमी. फिर राज की हवस भरी नज़र देखते वो बोली, "मेरी डॉली को बहुत जल्दी नींद आती है. खाना खाने के बाद वो 10 मिनिट मे सो जाती है. और एक बार सो गयी तो सुबह तक उठती नही, गहरी नींद सोती है वो. " "हां मे तभी समझ गया जब डॉली मुझसे एकदम लिपट के सोई. सुबह भी स्टेशन आने पर उसे हिला-हिलाके जगाना पड़ा मुझे. " राज यह सब बोल रहा था लेकिन उसे याद आ रहा था कि कैसे रात भर उसने डॉली को चोदा था. राज की यह बात सुनके शन्नो शर्मा जाती है. वो समझती है कि राज ने रात भर मे डॉली के साथ खूब खेला है. डॉली की ऐसी लापर वाही से यह डॉली किसी दिन किसी मर्द से चुद जाएगी. भोली लड़की को पता नही यह मर्द कितने हरामी होते है और उसकी जैसी कमसिन लड़की को चोदने को कैसे बेकरार होते है. यह राज शर्मा था, पंडित था, इसने ज़रूर उसकी बेटी को खूब मसला होगा. शन्नो को सोच मे डूबी देख राज किचन मे जाके बोलता है, "आरे किस सोच मे फिर से खो गयी आप भाभी? " शन्नो राज को किचन मे देख कर चोन्क्ते बोलती है, "नही कोई बात नही राज भाई, आप आप बैठो ना हॉल मे, अभी मे चाइ लाती हूँ. " राज एक चेर खीच के बैठते बोलता है, आरे उतनी दूर से ठीक से बात नही होती इसलिए यहाँ आया हूँ. वैसे भाभी जी आप एक बात पूछता हूँ, आप बुरा मत मानो, आप डॉली को पूरे कपड़े क्यों नही पहनाती हो? मतलब खुद को देखो कितनी सज सवर्ति हो पर बेटी को एक सलवार कमीज़ बस? बाकी कोई कपड़े भी नही देती उसे आप? " राज की बात से शन्नो को जैसा झटका लगता है. हैरानी से राज की तरफ देखते वो बोलती है, "क्या-क्या मतलब है आपका? मे कुछ समझी नही राज भाई. " राज शन्नो का हाथ पकड़के चेर पे बिठाते बोलता है, "आरे भाभी आप देखो, यह लाल साड़ी, उसपे यह स्लीव्ले ब्लाउज, उसके नीचे के कपड़े पहनी हो पर डॉली सिर्फ़ सलवार कमीज़ मे थी, नीचे कुछ नही पहना था उसने, क्या यह अच्छी बात है? " राज के हाथ पकड़ने से शन्नो के जिस्म मे एक करेंट दौड़ता है. अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करते वो बोलती है, "यह आप कैसी बात कर रहे है मुझसे? और मेरा हाथ क्यों पकड़ा है? " राज शन्नो का दूसरा हाथ भी पकड़ते उसको देखने लगता है. शन्नो की हाथ छुड़ाने की कोशिश को देखते बोलता है, "आरे कौनसी ग़लत बात की मेने भाभी? जवान बेटी है तो कपड़े भी अच्छे चाहिए ना? वो टाइट सलवार कमीज़ मे अपने देखा उसका बदन कैसे उभर आया था? कोई मनचला कुछ भी हरकत कर देगा उसे ऐसा देख कर. खुद को ही देखो कैसे अच्छे कपड़े पहनी हो, कितनी सुंदर लगती हो और बेटी को कैसे कपड़े पहनाती हो? " राज की बोल्डनेस और डेरिंग देख कर शन्नो दंग रह गयी. शादी के बाद पहली बार उसे किसी मर्द ने ऐसा पकड़के उसकी तारीफ की थी. शादी के पहले उसका शरद नाम के एक लड़के के साथ चक्कर था. शरद ने 19 वी साल मे पहली बार उसे चोदा था और शादी के एकदिन पहले तक वो शन्नो को चोद्ता रहा और शन्नो के जिस्म की प्यास भुज़ाई थी. शादी के बाद जब भी वो मेके जाती तो शरद से ज़रूर चुदवाति. शादी के 3 साल तक वो शरद से चुदवाति थी पर जब शरद नौकरी के चक्केर मे देल्ही जाके सेट्ल हुआ तबसे तो ना उसे शरद जैसा मर्द मिला और ना चुदाई मे वैसा मज़ा. शन्नो राज के अंदर वही जोश फील करती है. इसे लगता है कि राज तो शरद से भी अच्छा होगा. अभी डॉली भी घर पे नही है तो वो राज को बढ़ावा दे सकती है पर उसे बदमानी का डर भी लगता है. राज की ऐसी बातो से वो समझी कि डॉली की रज़ामंदी से उसने डॉली को खूब मसला होगा. इससे पता होता है यह मर्द लोगो की नीयत कैसी होती है. लेकिन बेचारी शन्नो को पता नही था कि डॉली तो राज से चुद चुकी है और उसने राज के कहने पे ही उसे घर बुलाया था उसकी मा को चोदने. यह सब सोचते-सोचते शन्नो राज के किसी भी सवाल का जवाब नही दे पे. उसे चुप पाके राज अपना हाथ शन्नो के कंधे पे रखते उसके पास चेर सरकाते कहा, "शन्नो भाभी आपने अभी डॉली को ठीक से देखा है? उसका बदन कितना भर गया है, जवान हो गयी है वो. इतनी खूबसूरत लड़की को कोई भी मवाली उठाके ले जाएगा तो सोचो क्या होगा? अगर आपने उसपे ध्यान नही दिया तो आपके जैसी इतनी खूबसूरत बेटी गवा दोगि. ट्रेन मे भी 1-2 लड़को ने उसको टच किया तो मेने उनकी मा बेहन एक की लेकिन हर जगह मे तो नही हो सकता ना? आप डॉली को ब्रा भी तो नही पहनाती हो, अब उसका जिस्म भर गया है, उसे अब ब्रा पहनानी शुरू करो. " शन्नो कैसे भी अपना हाथ छुड़ाते खड़ी होती है. राज की बाते सुनके उसका दिल ज़ोर्से धड़कने लगता है. वो तो अब सीधे बोला कि डॉली ब्रा नही पहनती, इसका मतलब इस हरामी ने उसकी बेटी के मम्मे ज़रूर मसले है. उसे अब राज से आँख मिलाने मे भी डर लग रहा था फिर भी वो राज को चाइ देते उसको देख के बोली, "जी ठीक है राज भाई, अब मे इस बात का ध्यान रखूँगी और डॉली को ढंग के कपड़े पहनाउंगी. यह लो चाइ पिओ आप. " चाइ का कप टेबल पे रखते राज फिर हाथ शन्नो के कंधो पे रखते बोला, "वैसे भाभी आपने तो खुद को काफ़ी अच्छा मेंटैनेड रखा है. इस उमर मे भी आप डॉली की मा नही बेहन लगती हो. " राज के हाथ और डाइरेक्ट ऐसा बोलने से शन्नो को अच्छा तो लगता है लेकिन डर से वो बोलती है, "राज भाई प्लीज़ हाथ दूर करिए, यह आप क्यों बार-बार मुझे टच कर रहे है? " राज अब शन्नो की नेक सहलाते बोलता है, "आरे कुछ नही भाभी, अब आपको बताता हूँ उन लड़को ने आपकी डॉली को कैसे टच किया, कैसे उसके जिस्म के साथ खेला और उसे तंग किया. " असली मे शन्नो को राज का हाथ शरद जैसा फील हो रहा था. राज का हाथ भी वैसा ही कड़क लग रहा था जैसे शरद का था. शन्नो को अच्छा लग रहा था लेकिन आपने आपको सम्हालते वो राज से बोलती है, "देखो राज भाई, किसी की बीवी हूँ आप मुझे ऐसे हाथ मत लगाए. आप शरीफ आदमी लगते है और मेरी बेटी की मदद की इसलिए मे अब तक चुप थी. लेकिन अब आप प्लीज़ कोई भी ऐसे वैसे हरकत मत करना और मुझे मत छूना. " शन्नो की बात उनसुनी करके राज उसके पल्लू से खेलते बोलता है, "आरे भाभी मे शरीफ हूँ ही इसलिए तो आपकी बेटी को रात भर गोदी मे सुलाया और अब आपको बोल रहा हूँ कि डॉली ब्रा पहनने की उमर की हो गयी है. क्या आपको जानना नही कि उसको ब्रा नही पहनाने से आपकी बेटी को उन लड़को ने कैसे छेड़ा था ट्रेन मे? कैसे उसके बदन से खेले थे? कहाँ-कहाँ हाथ लगाया था आपके बेटी के जिस्म पे? " शन्नो अब राज की हरकत और बातो से और सिहर्ती है. वैसे तो पति टूर पे रहने से वो सेक्स के लिए बहुत तड़प रही थी. इतने सालो से उसने अपनी फीलिंग्स पे कंट्रोल रखा था पर आज इस राज के सामने वो बेबुस थी. शन्नो उसे रोकना चाहती थी लेकिन एक तो राज ने डॉली को मसला और अब उसे टच करके डॉली के बारे मे ओपन बात करके वो शन्नो को गरम कर रहा था.
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07-16-2018, 11:15 AM,
#2
RE: Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
शन्नो को भी तो शरद जैसा मर्द नही मिला था और राज की बातो और टच से उसे आंदार से ऐसा फील होता है कि राज एक असली मर्द है उसे तडपा-तडपा के चोद सकता है. राज के हाथ पे हाथ रखते वो बोली, "आरे यह सब मुझे डॉली ने नही बताया. उसने सिर्फ़ बोला कि 2-3 लड़के उसे छेड़ रहे थे और आपने उनको भगाया लेकिन बाकी कुछ वो नही बताए मुझे राज भाई. " हाथ पे हाथ रखने से राज समझा कि शन्नो ज़्यादा रेज़िस्ट नही कर रही. उसने शन्नो का पल्लू और नीचे करते अब ब्लाउज से उपर का नंगा सीना सहलाते कहा, "आरे भाभी वो लड़के डॉली के पीछे ऐसे पड़े थे जैसे कुत्तिया के पीछे कुत्ते. पहले दोनो डॉली की कमर मसल रहे थे. फिर एक लड़का कमीज़ के नीचे हाथ डालके उसकी नंगी कमर सहला के उसका बिना ब्रा का सीना सहलाने लगा. तब दूसरा लड़का डॉली को पीछे से दबोचके उसकी जाँघ पे हाथ घुमा रहा था. अब आपको पता है ना कि बिना ब्रा से डॉली का सीना कितना मस्त दिखता है. भाभी उस वक़्त अगर मे नही होता तो वो आपकी बेटी के साथ सुहगरात मना लिए होते वो लड़के. " बेशर्मी से यह बात करते, शन्नो का नंगा सीना मसल्ते राज उसको आँख मारते खुद से बोला, आरे शन्नो उन लड़को ने सिर्फ़ उसे छुआ लेकिन मेने तेरी बेटी को तो पूरी तरह चोद्के मेरी रंडी बनाया है. शन्नो राज के बाते सुनके बहुत शरमाती है. डॉली को कुत्ति और उन लड़को को कुत्ते के रूप मे सुनते वक़्त शन्नो को कैसा तो लगा. राज का हाथ लगाने से उसे अच्छा लगता है और वो फीलिंग चहेरे पे दिखती भी है लेकिन फिर भी राज का हाथ दूर करने की झूठी कोशिश करती है. अब वो राज से चुद्वाने का मन बना चुकी है बस उसको फिकर है कि कही डॉली ना आए बीच मे. इसी सब सोच मे वो कोई जवाब नही दे पाती राज की बातो मे ना ही कुछ बोल पा रही थी. हाथो से शन्नो का ब्लाउज के उपर का सीना मसल्ते राज पल्लू इतना साइड मे करता है जिससे अब शन्नो का पूरा ब्लाउज एक्सपोज़ होता है. इससे शन्नो के टाइट स्लीव्ले लाल ब्लाउज मे शन्नो के कड़क मम्मे दिखने लगते है. ब्लाउज की तरफ ललचाई नज़र से देखते वो बोलता है, "आरे भाभी आपको मालूम नही यह लड़के बड़े हरामी होते है, आपकी फूल जैसी बेटी का रेप भी कर देते आगर मे नही होता. बेचारी का नंगा सीना कमीज़ के नीचे बहुत मसलके उसका पिछवाड़ा भी खूब रगड़ा. मुझे डॉली ने सब बताया कि उन लड़को ने क्या किया उसके साथ इसलिए मुझे इतना डीटेल मे सब मालूम हुआ. आपको इतनी कमसिन बेटी को जानवर जैसा नोच रहे थे वो मदेर्चोद लड़के. " इतनी गंदी गाली सुनके शन्नो को ज़रा खराब लगा लेकिन उसे ज़्यादा उसे राज की डेरिंग लगी. शन्नो की कोई भी बात ना मानते वो जैसा चाहे वैसा कर रहा था. पल्लू हटने से उसका धड़कता सीना अब राज के सामने था. वो भगवान से दुआ कर रही थी कि इस वक़्त उसकी बेटी ना आए. लेकिन उसे क्या पता था कि यह सब खेल डॉली की जानकारी से ही हो रहा था और वो कम्से कम 2 घंटे तो घर नही आनेवाली थी. अपना पल्लू सीने पे लाने की नाकाम कोशिश करते शन्नो बोली, "लेकिन डॉली ने तो मुझे कुछ नही बताया. वैसे भी मुझसे कुछ नही छिपाती है डॉली राज जी. और प्लीज़ राज देखो डॉली अब कभी भी आ सकती है, उसे हमे ऐसा देखा तो क्या सोचेगी? " भाई से जी पे शन्नो आई थी, इसका मतलब अब वो उसे रोकने वाली नही थी यह राज समझा. जवाब मे शन्नो का पल्लू पूरी तरह नीचे करते वो बोला, "कैसे बताती वो बेचारी यह सब? वो सब मारे सामने हुआ इसलिए मुझे बताई, आपसे यह सब बताने मे उसे शर्म आई होगी ना? आरे भाभी, डॉली आए तो भी मेन डोर बंद है. वो डोर खोलके यहाँ आने तक मे आपका यह लाल ब्लाउज मे भरा सीना पल्लू से ढक दूँगा, आप चिंता मत करो. " अब शन्नो की चूत बहुत गीली हो चुकी थी. राज उसके साथ बिंडास्ट होके बात और हरकते कर रहा था. वो राज से शर्मा भी रही थी क्योंकि एक अंजान मर्द उसके जिस्म से ऐसे खेल रहा था जैसे वो उसकी बीवी या रखैल या कोई रंडी है. अपने सीने पे घूमता राज का हाथ वही सीने पे दबाते शन्नो बोली, "लेकिन राज जी आज से पहले उसको जब भी कोई लड़का छेड़ता था या ऐसा कुछ होता तो वो मुझे ज़रूर बताती थी. अब शन्नो की नंगी कमर मे हाथ डालके राज शन्नो को अपनी पास खिचता है. शन्नो का जिस्म उसके इतने पास है कि उसे शन्नो के जिस्म की खुश्बू आती है. टेन्षन से आया पसीना शन्नो की नेक को भिगोते उसके ब्लाउज मे जा रहा था. शन्नो का पसीने से गीला सीना उंगलियो से मसल्ते राज बोला, "इसका मतलब आपको ठीक से समझा नही कि उन लड़को ने कितनी नीच हरकत की डॉली के साथ. अब मे आपको ठीक से बताता हूँ. आपके पास नाइटी है कोई भाभी? " शन्नो अब राज का हाथ लगने से सिकुड रही थी और उसे शर्म आती है पर मज़ा भी आता है. वो शरमाते बोलती है, "हां शायद मे ठीक से समझी नही होगी कि उन लड़को ने मेरी बेटी को कैसे छेड़ा होगा. आप ठीक से बताओ मुझे. " नाइटी की बात सुनके शन्नो कुछ सोचके बोलती है, "राज जी अब नाइटी तो है मेरे पास पर ज़रा ज़्यादा ट्रॅन्स्परेंट है, घुटनो तक है. मे बस उसे रात को बेडरूम मे सोने के लिए पहनती हूँ. और नाइटी से मेरी बेटी को छेड़ने की बात का क्या वास्ता है? " शन्नो के पास और भी नाइटीस थी लेकिन उसे जान बूझके सिर्फ़ इस नाइटी की बात की. उसकी चूत की गर्मी अब उसके दिमाग़ पे हावी हो गयी थी. लेकिन फिर भी यह सब बताते वक़्त भी शन्नो शर्मा रही थी लेकिन अब वो चुदाई के लिए तड़प रही थी. राज समझा कि यह औरत तो उसके हाथ आई है. यह साली तो प्यासी लगती है. डॉली से भी जल्दी यह चुदेगि. बहनचोद वो ट्रॅन्स्परेंट नाइटी पहन फिर देख तेरा गोरा बदन कैसे चोदुन्गा. यह दोनो मा बेटी एकदम गरम है. मज़ा आएगा इसको चोदने मे. आगर वो चाहता तो अभी शन्नो को नंगी करके चोद सकता था पर वो शन्नो को और गर्म, बेबुस और बेशरम करके चोदना चाहता था. वो शन्नो का नंगा पेट दोनो हाथो से मसल्ते बोला, "आरे वाह अच्छा है ना फिर, डॉली की कमीज़ भी उतनी ही तो थी. नीचे उसने सलवार पहनी थी लेकिन वो जाने दे. आप ऐसा करो वो नाइटी पहनो पर नीचे जैसे डॉली ने ब्रा नही पहना वैसी रहो, चाहो तो चड्डी पहनो लेकिन सीने पे ब्रा नही होनी चाहिए आपके. यह वो नाइटी पहनो फिर मे तुझे दिखाता हूँ डॉली को कैसे हैरान किया था उन लड़को ने. इस अंजान मर्द के सामने वो ट्रॅन्स्परेंट नाइटी मे बिना ब्रा के आने की बात सोचके शन्नो शरमाई. उसे पता था कि राज उसे चोद्के ही रहेगा और वो भी वही चाहती थी पर फिर भी शरम आ रही थी उसे वो नाइटी पहनने मे. अपनी ब्लाउज के उप्पर के नंगे सीने पे हाथ रखते वो बोली, "आप क्या बोल रहे है राज जी? मे आपके सामने उस छोटी नाइटी मे आउ? उउफफफ्फ़ नही ऐसा कैसे हो सकता. नही-नही आप वैसे ही बता दो क्या किया था उन लड़को ने मेरी डॉली के साथ? " अब आवाज़ मे ज़रा सा गुस्सा और ज़रा सी ज़बरदस्ती दिखाते राज शन्नो की कमर मे हाथ डालके उसे बेडरूम की तरफ ले जाता है. पहली बार अब शन्नो के मम्मो पे हाथ रखते उनको हल्के मसल्ते वो बोलता है, "आरे तुझे बोला ना वो नाइटी पह्न तो पेहन्के आओ. बेटी को हार्डिन कमीज़ ने नीचे नंगी रखती हो, एक बार तू भी देख बिना ब्रा के कैसा लगता है. कैसी मा है तू जो यह सच मे जानना नही चाहती कि तेरी बेटी को वो लड़के कैसे मसल रहे थे तो उसको क्या हो रहा था. जा कपड़े चेंज करके आ जल्दी शन्नो. " इतना बोलके राज हल्के से शन्नो को बेडरूम मे धकेल्ता है और बाहर से दरवाज़ा बंद करता है. राज का मम्मो पे लगा कड़क हाथ और आवाज़ मे रुबाब शन्नो को शरद की याद दिलाती है. राज जिस अधिकार से अब उसे सीधे नाम से बुला ले उसको बेडरूम मे लाके, मम्मे मसल्ते वो नाइटी बिना ब्रा के पहनने को बोलता है वो सब शन्नो को अछा लगता है. शन्नो की चूत बड़ी रसीली हुई थी और यह बात वो राज से छुपाना चाहती थी पर वो अब इस पंडित से चुद्वाने तय्यार थी. अब उसे कोई शर्म या डर रोक नही सकता था क्योकि शन्नो को अब इस तगड़े और उसपे हुकुम चलाने वाला पंडित अच्छा लगने लगा था. उसे पता था कि यह पंडित उसे बहुत तडपा-तडपा के चोद्के उसकी चूत शांत करेगा. डोर बंद होने के बाद उसका दिल चुदाई के बारे मे सोचके ज़ोर्से धड़कने लगा. उसने सोचा कि राज क्या सोचेगा कि डॉली की मा एक रंडी है जो इतनी जल्दी चुदाई के लिए तय्यार हो गई पर अब उसका अपनी दिल पर बस नही चल रहा था क्योकि अब उसकी चूत बहुत तड़प रही थी. शन्नो अपनी आधी खुली साड़ी और पेटिकोट निकालती है. आईने मे अपना जिस्म देखते वो ब्लाउज और ब्रा भी उतार देती है. मम्मो पे निपल राज के मसल्ने से एकदम टाइट खड़े देख कर वो शरमाती है. उसकी चूत गिल्ली होने से पैंटी गिल्ली हुई होती है. कपबोर्ड से वो प्लेन ऑफ वाइट नाइटी निकालके पहनती है. आईने मे भी उसे अपने निपल सॉफ दिख रहे थे. वो आज शादी के बाद पहली बार एक पराए मर्द के सामने करीब-करीब नंगी जानेवाली थी यह सोचके वो शरमाई और फिर अपनी बाल ठीक करके उसने बेडरूम का दरवाज़ा खोला. बेडरूम मे खड़ी अपनी छोटी रंडी डॉली की मा को उस नाइटी मे देख कर राज का लंड उछलने लगा. नाइटी पहन के भी शन्नो उसके सामने नंगी थी. उसके मम्मो की गोलाई, निपल्स का ब्राउन कलर, ब्रा स्ट्रॅप की मार्किंग और ब्लॅक चड्डी उसे सॉफ दिखाई दे रही थी. यह रंडी औरत आज बेरहमी से चुद्नेवालि थी. बेडरूम मे आके शन्नो की चारो तरफ घूम कर उसका जिस्म वो देखने लगा. नाइटी से झलक रहे उसके निपल्स देख कर राज खुश होके समझा कि यह रांड़ हाथ आ गई. उसकी टाइट नाइटी मे दिख रहा जिस्म और नीचे गोरी टाँगे घुरके देखते राज सोचता है कि या तो इसका मर्द इसे ठीक से चोद्ता नही या फिर यह पति से काफ़ी दिन से ना चुद्वाने से इतनी जल्दी कपड़े बदल के आई. पीछे से शन्नो के गोल टाइट चूतर देख कर तो वो और खुश होके उनको मसलता है. इस शन्नो रंडी की गांद उसे बहुत पसंद आई. इस उमर मे ऐसी टाइट गांद वो पहले बार देख रहा था. शन्नो के पूरे जिस्म पर हाथ घुमाते वो बोला, "वाह शन्नो तू तो इस नाइटी मे डॉली जैसी लगती है. वोई टाइट गोरा जिस्म, वैसा ही तना हुआ सीना, वैसे ही गोरी टाँगे. तू भी तेरी बेटी जैसी मस्त माल है शन्नो. कसम से तेरा यह मस्त जिस्म देख कर कोई भी मर्द तुझे अपनाना चाहेगा. " शन्नो के पीछे खड़े होते उसके जिस्म को सहलाते राज बोला, "अच्छा ऐसा सोच तू ट्रेन की भीड़ मे खड़ी है यहाँ और मेरा एक हाथ एक लड़का है और दूसरा हाथ दूसरा लड़का. भीड़ मे एक लड़की पीछे से डॉली के कमीज़ के नीचे से ऐसे हाथ डाला हुआ था(राज नाइटी के नीचे से हाथ डालके उसकी जाँघ सहलाता है)और दूसरा लड़का उसका सीना मसल रहा था(अब दूसरे हाथ से नाइटी के उप्पर से राज शन्नो के मम्मे मसल्ते निपल्स से खेलता है) समझी कुछ तुम शन्नो? " शन्नो राज के मसल्ने से मचलती है. राज के कड़क हाथ उसे अपने दूध को मसल्ते अच्छे लगते है. अपनी टाइट चूतर पे घूम रहे हाथ उसकी चूत को और गरम करते है. डॉली की बात बताते वक़्त राज का उसके जिस्म से खेलना शन्नो को पागल कर रहा था. राज एकदम बिंदाश्त होके उसका जिस्म मसल रहा था. अपनी गांद ज़रा पीछे करते और राज को कोई भी रुकावट ना डालते शन्नो बोलती है, "श अहह उम्म्म्म तो ऐसा किया मेरी बेटी के साथ उन नालयक लड़को ने? यह अच्छा हुआ राज के तुम वहाँ थे नही तो सच मे मेरी बेटी की इज़्ज़त लूट लेते वो. अब तुमने मुझे पूरी बात समझाई है राज अब प्लीज़ छोड़ो ना मुझे, यह क्यों मेरा जिस्म मसल रहे हो तुम राज? " शन्नो के मूह से सिर्फ़ राज सुनके राज समझा कि लाइन अब क्लियर है. बेफिकर होके उसने खुद से कहा, लड़को ने मसला उसको पर मेने तो टाय्लेट मे चोदा उस कमसिन चूत को. शन्नो के कड़क मम्मे रगड़ते अब हाथ शन्नो की गांद पे आता है और राज उसकी टाइट गांद मसलता है. शन्नो का मस्त जिस्म मसल्ते राज सोचता है कि यह साली शन्नो ने खुदको मस्त मेंटैनेड रखा है. इस मदेर्चोद को चोदने मे मज़ा आएगा. शन्नो सिसकारिया लेते मज़े से अपना जिस्म राज से मसलवाने लगी. वो सोच रही थी कि राज उसके इस बर्ताव से उसके बारे मे क्या सोच रहा होगा? कितनी गिरी और चालू औरत है यह शन्नो.

क्रमशः..................................................................
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07-16-2018, 11:15 AM,
#3
RE: Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
माँ बेहाल बेटी छिनाल --2

गतान्क से आगे……………………….

यह सब सोचने के बाद भी वो राज को ज़रा भी नही रोक रही थी. शन्नो की कमर मे हाथ डालके उसकी गांद अपने लंड पे दबाते राज बोला, "आरे तुमको बता रहा हूँ कि डॉली को कैसे मसल रहे थे वो लड़के. ऐसा कुछ टाइम डॉली के कमसिन मम्मे मसल्ने के बाद डॉली के मम्मे मसल्ने वाला लड़का पीछे आया और डॉली को पीछे से पकड़के खुदका लंड डॉली की गांद पे मसल्ने लगा ऐसे जैसे अभी मैं मेरा लंड तेरी इस मस्त गोल टाइट गांद पे मसल रहा हूँ. ऐसे ही खूब मसल रहे थे तेरी बेटी को वो मदेर्चोद लंड. तेरी सेक्सी बेटी बेचारी उन जानवरो के बीच घबरा के खड़ी थी. मेने उसको बचाया नही तो तेरी बेटी को चोद डालते वो लड़के. " यह कहते राज अपना खड़ा गरम लंड शन्नो की गांद पे रगड़ते उसके मम्मे मसल्ने लगा. राज के अब डाइरेक्ट आक्षन से शन्नो खुश होती है. अपनी गांद पे राज का मोटा लंड जैसे ही उसे फील होता है वो बेकरार हो जाती है चुदाई के लिए. राज के लंड का साइज़ उसे अपनी पति के लंड से बड़ा फील होता है. राज के मूह से निकल रही गंदी गलियाँ और उसकी बेटी के बारे मे की गयी बाते उसे ज़रा भी खराब नही लग रही थी. उसके लिए डॉली अब उसकी बेटी नही बल्कि कोई अंजान लड़की थी जिसकी कहानी राज आक्षन के साथ उसे बता रहा था. आहे भरते वो भी राज से अपना जिस्म मसलवा के मज़े ले रही थी. फिर शन्नो ने सोचा कि अगर वो राज को तडपाएगी तो वो और ज़ोर्से उसे मसलके चोदेगा. अपने मम्मो पे घूम रहे राज के हाथ खुद अपने मम्मो पे ज़ोर्से दबाते शन्नो अब राज से बोली, "आह्ह्ह्ह, तो ऐसे हुआ यह सब? इतना मसला उन्होने मेरी बेटी को? तभी तो वो मुझे कुछ नही बताई. अब वो बेचारी कैसे बताती कि लड़को ने ट्रेन मे उसका नंगा जिस्म मसला? राज अब तुम पूरी बात जल्दी बताओ नही तो डॉली के पापा . जाएँगे. तेरी कहानी सुनके मुझे कपड़े भी पहनने हैं. डॉली के डॅडी आधे घंटे मे आनेवाले है. अब जल्दी बताओ सब बात. " पति के आने की बात सुनके राज ज़रा चमकता है. डॉली ने तो बताया था कि उसका बाप 4 दिन के बाद आनेवाला है. क्या डॉली ग़लत बोल रही थी या शन्नो झूट बोल रही थी. सच्चाई जानने के लिए राज ने अपना बदन शन्नो से अलग करते कहा, "ओह अच्छा तेरा पति आनेवाला है? फिर तो मुझे जाना ही चाहाए, चल मे चलता हू शन्नो, डॉली से फिर कभी मिलूँगा. " इतना कहते राज बेडरूम से निकल के जाने लगता है. राज की बात सुनके शन्नो की चूत मे और भी कुलबुली सुरू होती है. वो तो राज को तड़पाने चली थी लेकिन यहाँ तो राज ने ही बाज़ी पलट दी उसपे. शन्नो तो अब किसी भी हाल मे राज से चुद्ने का मन बनाई थी. असल मे उसका दिल करता था कि राज उसे जल्दी से नंगी करके खूब तड़पाके चोदे. उसके जाने लगने से शन्नो को लगता है जैसे उसने अपने पति के आने का झूट बोलके ग़लती की है. कही राज सच मे चला गया तो उसकी गर्म चूत का क्या होगा यह सोचके शन्नो झट से वैसे ही दौड़ के राज के सामने आके उसे रोकते बोलती है, "आरे तुम तो नाराज़ हो गये. मे तो मज़ाक कर रही थी. वैसे भी डॉली के पापा रात को 10 से पहले नही आते. वो डॉली आ सकती है और मुझे इस हालत मे देख कर क्या सोचेगी इस डर से मेने तुमसे झूट बोला राज. प्लीज़ बताओ आगे क्या हुआ? " अपनी चाल कमियाब होते देख राज शन्नो को घुमा कर फिर अपना लंड उसकी गांद पे रगड़ते आगे से नाइटी उठाके शन्नो की चूत चड्डी के उपर से सहलाने लगता है. उंगली से शन्नो की चूत रगड़ते राज बोला, "शन्नो मे जानता था कि तू झूठ बोल रही थी मुझे तड़पाने के लिए लेकिन मे वो मर्द नही जो औरत के सामने झूकू यह याद रख. वैसे डॉली की पूरी स्टोरी आक्षन के साथ बताने मे टाइम लगेगा. तू डॉली के आने की चिंता चूर और उसके साथ क्या हुआ और क्या हो सकता था यह सुन. " शन्नो खुश होती है कि राज ने उसे फिर बाँहो मे लिया. वो हाथ उठाके पीछे राज की गर्दन मे डालते और अपना सीना आगे निकालते बोली, "राज तुम मुझे डॉली की पूरी बात बताओ चाहे कितना भी टाइम लगे. मुझे सुनना और महसूस करना है कि मेरी बेटी के साथ क्या हुआ था. " इस बात से शन्नो ने राज को बताया कि वो अब उसे रोकने वाली नही थी. शन्नो यह जान गयी कि जितना टाइम राज कहानी सुनाने लगाएगा उतना टाइम राज शन्नो के उस तड़प्ते जिस्म को मसल्ते रहेगा जिससे जब राज उसे चोदने लगेगा तब वो और मस्ती से चुद्वाने का मज़ा ले सकती है. शन्नो की चूत रगड़ते और दूसरे हाथ से निपल्स को सहलाते राज बोला, "जब वो पीछे वाला लड़का पीछे से डॉली की गंद पे लंड रगड़ रहा था तो पहले लड़के ने उसकी सलवार के उप्पर से डॉली की चूत चड्डी के उपर से सहलाने लगा जैसे अब मे तेरी चूत सहला रहा हूँ. तू सोच शन्नो तेरी बेटी की क्या हालत हुई होगी इतनी छोटी उमर मे 2-2 लड़को से जिस्म मसलवाने मे . डॉली तो आँखे बंद करके ज़ोर्से सास ले रही थी बस और कुछ नही. अभी जैसे तूने तेरा जिस्म मेरे हाथ मे छोड़ दिया है बिल्कुल वैसी हालत डॉली की थी. पहले ही वो कमसिन अन्चुदि लड़की और उसपे उन लड़को का उसके साथ यह खेलना, सोच क्या हुआ होगा उसकी चूत मे शन्नो? " एक पराए मर्द से अपना जिस्म मसलवाते, उसकी गंदी बाते सुनके शन्नो बड़ी मस्ती से अपनी बेटी की स्टोरी सुन रही थी. शन्नो राज का लंड अपनी गांद पे रगड़ने से तड़पने लगती है. वैसे भी नाइटी इतनी पतली थी उसे ऐसा लगता है जैसे राज उसका लंड उसकी नंगी चूतेर पे मसल रहा है. जैसे- जैसे राज शन्नो की चूत और मम्मे मस्ती से मसल्ते रहता है तो शन्नो को और भी बैचैनि होती है और वो आखे बंद करके मोन करते मज़ा लेने लगती है. राज की उंगली शन्नो की चूत के रास से गीली होती है जिसे वो एक बार शन्नो को देखके चाट लेता है. फिर 2 उंगलियो से उसकी चूत को मसल्ते राज शन्नो को तड़पाने के लिए बोलता है, "शन्नो तेरा पति लेट आनेवाला है ना? नही तो तू फोन करके उसे कुछ काम बोल दे जिससे वो लेट हो जायऔर तुझे डॉली की पूरी कहानी बता सकु. और कोई तो नही आनेवाला ना अभी डॉली के सिवाइ? नही तो कोई मर्द तुझे इस नाइटी मे देखेगा तो वोई करेगा जो मे कर रहा हूँ, है ना? भले टाइम लगेगा लेकिन तुझे समझ आएगा कि तेरी बेटी के जिस्म से कैसे खेल रहे थे वो लड़के. " अब राज नाइटी पीछे से उपर करके पैंटी के उप्पर से शन्नो की गांद पे लंड रगड़ते आगे से पैंटी मे हाथ डालके शन्नो की नंगी चूत को उंगली करते हुए कहता है, "साली शन्नो तू भी तेरी बेटी जैसी गर्म माल है. देख कैसे बेटी की बात सुनते तू खुद तेरा जिस्म मसलवा के मज़े ले रही है. बहनचोड़ एकदम रांड़ है तू डॉली जैसी. बड़ी गर्म छीनाल माल हो तुम मा बेटी. " राज की इस बात से शन्नो समझती है कि राज ने डॉली को खूब मसला. उसकी बेटी कमसिन थी और यह सब उसके लिए नया था तो वो भी मज़ा लेती रही होगी. राज ने उन मा बेटी को रंडी, छीनाल कहा लेकिन यह जानने और सुनने के बाद भी शन्नो को खराब नही लगा. आज तो बस अपनी इस गर्म चूत को राज से चुद्वाने की पड़ी थी. अपनी नंगी गीली चूत मे राज की उंगली पाके शन्नो और मस्त होती है. शन्नो बड़ी बैचेन है और चाहती है कि किसी तरह से राज जल्दी चुदाई करे उसकी. पर राज भी औरत जात की नस-नस से वाकिफ़ है. वो जान बूझके शन्नो को तडपा रहा था. अपनी गांद राज पे लंड पे दबाते शन्नो बोली, "नही राज तुम इतमीनान से पूरी बात बताओ. आज मेरा पति तो बहुत लेट आनेवाला है. तुम उसकी बात जाने दो, डॉली की बात करो. शन्नो की गर्म गीली चूत मे उंगली करके राज समझता है कि यह औरत गर्म रांड़ है, यह तो अपनी बेटी और खुद को रंडी सुनके भी कुछ नही बोली. राज अब शन्नो की पैंटी पीछे से नीचे करके नंगी गांद पे लंड रगड़ते कहता है, "अच्छा है ना लेट आएगा तेरा पति? नही तो कहानी अधूरी होती. शन्नो अगर उन लड़को का बस चलता तो तेरी बेटी को लेट्रीन मे ले जाके चोद डालते, पर मेने उनकी बात सुनी और दोनो मदेर्चोदो को झापड़ मार कर भगाया और तेरी बेटी को मेरे साथ बैठाने की कोई जगह नही थी इसलिए लेट्रीन मे बैठा कर रातभर उसे अच्छे से मेरी गोदी मे सुलाया. " राज की टाय्लेट मे बैठने की बात सुनके शन्नो समझी कि इस हरामी ने ज़रूर डॉली को गर्म करके चुदाई करी है. जब ऐसे मर्द ने मेरी जैसी चुदि औरत को बातो से गरम कर दिया तो मेरी बच्ची अभी कितनी गर्म हुई होगी. अभी-अभी जवानी चढ़ रही है उसपे और सामने यह खिलाड़ी. तभी तो कल ट्रेन से आने के बाद डॉली अच्छे से चल भी नही पा रही थी, और मुझसे बोली कि पैर मे मोच आई है. अफ मेरी बेटी ने अपनी कोरी जवानी लूटा दी. इस राज के मोटे लंड ने तो उसकी चूत फाड़ डाली होगी. मेरी बच्ची का क्या हाल किया होगा. शन्नो इधर अपनी बेटी के हाल के बारे मे सोच रही थी लेकिन यहाँ राज के हाथो से अपना जिस्म मसलवा रही थी. वैसे अब उसे कोई फरक नही पड़ने वाला था कि राज ने डॉली को चोदा है क्योंकि अब उसे अपनी चूत की पड़ी थी. राज का एक हाथ अपनी मम्मो पे दबाते वो बोली, "अच्छा क्या तुमने उनको भगा दिया राज, तुमने सच मे बहुत अच्छा काम किया है. " शन्नो के निपल को हल्के से खिचते उनको मसल्ते राज बोला, "आरे भगाता नही तो क्या उन लड़को को तेरी बेटी चोदने देता? बहनचोड़ लड़के सालो के लंड मे ताक़त भी है क्या कि तेरी कमसिन लड़की को चोदे? बेचारी को गर्म करके 8-10 धक्को मे पानी निकालके चले जाते. उससे तेरी बेटी चुद्ति तो ज़रूर लेकिन पहली चुदाई का मज़ा कहाँ मिलता उसे. मदरचोड़ फिर मिले वो लड़के तो उनकी ही गंद मारूँगा. शन्नो तेरी बेटी की इज़्ज़त बचाना मेरा फ़र्ज़ था नही तो तुझसे मिल नही पाता और तेरे जिस्म से खेलते यह सब किसको बताता? वैसे शन्नो तेरी बेटी का जिस्म भी मस्त टाइट है. तेरा भी जिस्म, यह कसी-कसी गांद(लंड रगड़ता है गांद पे)मस्त कड़क मम्मे (निपल्स से खेलता है)और यह गीली गरम चूत(उंगली से चोद्ता है) एकदम तेरे बेटी जैसी है. तू इतनी बड़ी है पर जिस्म एक 16 साल की लड़की जैसा है तेरा. " शन्नो को पूरा यकीन हुआ कि राज ने ज़रूर डॉली को चोदा है और यह सब कहानी झूठी है. अब उस बात से कोई फरक नही पड़नेवाला था लेकिन फिर भी शन्नो बात बढ़ाते बोली, "ऊऊऊऊओ तो क्या तुमने मेरी बच्ची का बदन पूरा फील किया है राज? तुमने उसके साथ कुछ किया तो नही ना? देखो अभी वो बहुत छोटी है, जिस्म अभी भरके उभर रहा है, कुछ किया होगा तो बहुत बुरी बात है. " शन्नो की नाइटी के नीचे से उसकी पैंटी खिचके घुटनो तक लाते राज बेशर्मी से बोला है, "आरे भीड़ थी तो हाथ यहाँ वहाँ लगता है ना? तब उसका जिस्म फील हुआ अपने आप. रात भर गोदी मे थी तो गांद फील हुई उसकी. ठंड थी इसलिए जाकड़ लिया इसलिए मम्मे सहलाने को मिले. बाकी तेरी बेटी को जान बूझके टच नही किया मेने शन्नो. " यह मर्द एकदम हरामी था यह शन्नो को यकीन हुआ. उसे अपनी ही बेटी के जिस्म को मसल्ने की कहानी बता के गर्म किया और वो भी उसकी बातो मे आके चुदवाने को तय्यार हुई. जब राज ने शन्नो की पैंटी घुटनो तक खीची तो वो ज़रा नाटक करते बोली, "ऊऊओह यह क्या कर रहे हो राज? नहियीईईई प्लीज़ मेरे कपड़े मत उतारो ना. "
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07-16-2018, 11:15 AM,
#4
RE: Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
शन्नो जैसी औरतो को राज खूब अच्छे से जानता था. शन्नो की बात पे ध्यान दिए बिना राज उसकी नाइटी कमर तक उठाके उसकी नंगी गंद और चूत को रगड़ते बोला, "आरे मेरी शन्नो जान, मे तुझे दिखा रहा हू कि अगर मे नही होता तो वो लड़के तेरी बेटी के साथ क्या करते इसलिए तेरी चड्डी उतार रहा हूँ. तुझे पता नही कि तू उसे ब्रा नही पहनाती तो उसका हम मर्दो पे क्या आसार होता है और डॉली को क्या सहना पड़ता है? " राज की इस बेशर्मी का शन्नो कोई जवाब नही देती क्योकि वो भी अब यही चाहती है कि राज जी भरके उसकी चूत और गांद को रगडे और बाद मे चोदे. राज के मूह से शन्नो जान सुनके वो खुश होती है. उसे कोई परवाह नही थी कि राज उसकी बेटी की बात करके उसके जिस्म को नंगा करके मसल रहा है. शन्नो के चुप रहने पे राज ज़रा ज़ोर्से उसकी चूत को दो उंगलियो से चोद्ते, मम्मे भी ज़ोर्से मसल्ते बोलता है, "आरे बोल ना खुद महसूस नही करना कि मे नही होता तो आगे क्या होता तेरी बेटी के जिस्म के साथ मेरी गर्म चूत, शन्नो? " ज़ोर्से चूत और मम्मो से खेलने से शन्नो को दर्द होता है और वो ज़रा चिल्लाति है. बहुत दिनो बाद एक मर्द उसके साथ बेरहमी से पेश आ रहा था यह बात उसको तो अच्छी लग रही थी लेकिन दर्द बहुत हुआ उसे. चूत पे राज का हाथ दबाते वो बोली, "हां राज मेरे बदन के साथ वोई करके तुम दिखाओ कि डॉली के साथ क्या हुआ था पर ज़रा आराम से बताओ ना. बहुत दर्द हो रहा है जब तुम ज़ोर्से करते हो तब. " राज शन्नो की नाइटी और उप्पर लाके, शन्नो के मम्मे भी नंगी करता है. पैंटी शन्नो के घुटनो मे है और नाइटी उसके आर्म्पाइट्स के नीचे. शन्नो के गंद पे लंड रगड़ते राज बोला, "अच्छा दर्द होता है? तेरी बेटी को तो दर्द नही हुआ? तुझे कैसे दर्द होता है शन्नो? और क्या देखना चाहती हो मुझसे यह भी बता जल्दी. " शन्नो भी अब पूरी तरह बेशरम होके बोलती है, "राज राजा, क्या तुमने डॉली की चूत मे भी ऐसे उंगली डाली थी? और मुझे तुम बताओ कि वो लड़के मेरी डॉली के साथ और क्या-क्या कर रहे थे? " इस बात पे राज ने शन्नो के जिस्म से अपने हाथ हटाए और उसकी चड्डी उप्पर खिचते नाइटी नीचे लाके सोफे पे जाके बैठते बोला, "आरे शन्नो जान, डॉली को पिशाब लगी और पिशाब करते मुझे बोली कि लड़को से मसल्ने से चूत मे दर्द होता है तो मेने तेरी बेटी की नंगी चूत मसल्ते और उंगली अंदर डालके उसे ज़रा आराम दिया, जैसे अब तुझे दे रहा हूँ. वो लड़के और बहुत कुछ करना चाहते थे वो बताने के लिए तुझे नंगी होना पड़ेगा शन्नो. तू नंगी हो फिर मे तेरे जिस्म के साथ वो सब करके तुझे बताता हूँ. " राज के दूर जाने से शन्नो पहले तो कुछ समझी नही. वो अब बहुत गर्म और चुदासी हो गयी पर फिर भी सब कपड़े उतारते शर्मा रही थी. उसकी चूत मे बड़ी खुजली हो रही थी. अब वो बिना लंड के नही रह सकती थी. वो खुद राज के पास जाके बेशरम होके पॅंट के उप्पर से राज का लंड धीरे से पकड़के रब करते वो बोलती है, "राज अब जब तूने मेरी बेटी का पूरा जिस्म मसला तो यह बता कि क्या तूने मेरी बेटी की चुदाई की उस रात ट्रेन के टाय्लेट मे? " शन्नो के उस आक्षन और सवाल से राज चमकता है. वो समझता है कि शन्नो को पूरी बात मालूम गई है लेकिन फिर भी वो राज का लंड मसल रही है. उसे यकीन होता है कि यह औरत बहुत चुदासी है और वो इस बात का पूरा फ़ायदा उठाने का फ़ैसला करता है. इस लिए राज अब ज़रा सख़्त होते नाइटी के उप्पर से शन्नो के मम्मे ज़रा ज़्यादा बेरहमी से मसल्ते बोलता है, "मदरचोड़ तू तेरी इतनी कमसिन माल बेटी के बारे मे ऐसा कैसे सोच सकती है? कोई रांड़ भी ऐसा नही सोचती होगी बेटी के बारे मे. एक तो उसको उन मवालीयो से बचाया और तू ऐसा कहती है? " जिस हाथ से शन्नो ने राज का लंड पकड़ा होताहै उसपे राज एक फाटका मारता है पेर उसके बाद भी शन्नो राज का मोटा लंड नही छोड़ती, बल्कि लंड को ज़ोर-ज़ोर्से उपेर नीचे करते राज पे झुकके अपनी मम्मे राज के सीने पे रगड़ने लगती है.

क्रमशः..................
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07-16-2018, 11:15 AM,
#5
RE: Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
माँ बेहाल बेटी छिनाल --4

गतान्क से आगे……………………….

शन्नो राज का लंड बड़े प्यार से उपेर नीचे करते उससे चिपकते बोलती है, "राज मुझे और मेरी डॉली को हमेशा चोदते रहो. तुम हम दोनो से कभी भी दूर ना जाना, हम तुम्हारी रंडी बनके रहेंगे. राजा पहले मे तेरा लंड चुसुन्गि और बाद मे तू जहाँ चाहे अपना लंड डालके मुझे चोदना. " . शन्नो को नीचे बिठाते राज लंड उसके मूह पे घुमा कर होंठो पे रगड़ते बोलता है, "वाह शन्नो रांड़, तू सच्ची मे रंडी मा है जो खुद को मुझसे से चुदवाने के लिए अपनी कमसिन बेटी को भी मेरी रंडी बनाने को तय्यार है. मुझे तेरी और डॉली जैसी रंडिया बहुत अच्छी लगती है. मे तुम मा बेटी को 50000 रुपये हर महीने दूँगा मेरी रंडिया बनने के बदले समझी? मादराचोड परसो तेरी बेटी ने मेरा लॉडा खड़ा किया और अब तूने, इससे आराम कौन देगा छीनाल. " शन्नो राज का लंड सहलाके उसको पकड़ के मूह मे डालके चूसने लगी. अच्छे से 2-3 बार लंड चुस्के वो बोली, "मुझे मंज़ूर है राज. मे और मेरी बेटी आजसे तुम्हारी रंडी है और यह लंड आजसे मेरे और मेरी बेटी के लिए है. तुम जब बोलॉगे मे और डॉली इसको चूसेंगे और इससे चुद्वा लेंगे. तुम कहोगे उस मर्द के नीचे सोने को भी हम तय्यार है. " लंड से शन्नो का मूह चोद्ते राज आँखे बंद करता है. इन मा बेटी का मूह बड़ा गर्म है यह वो समझता है. लंड से शन्नो का मूह चोद्ते वो बोला, "आ साली अब समझा तेरी बेटी इतना गर्म कैसे और लंड चूसना कहाँ से सीखी. बेहन्चोद क्या मस्त लंड चूसा डॉली ने मेरा. बहुत गर्म माल है तेरी बेटी, बहुत मज़ा आएगा तुम मा बेटी को चोदने मे शन्नो. " शन्नो अब राज का लंड पकड़के बड़ी मस्ती मे उसे मूठ मारते चूस रही है. लंड पूरा गीला करके उसे चुस्के, बाहर निकालके उसको पूरा चाट के फिर मूह मे डालके ज़ोर्से चूस्ते अपनी मम्मे खुद मसल रही थी. अच्छे से राज का लंड चुस्के शन्नो अब राज की जाँघ पे बैठके अपने मम्मे उसके मूह मे डाल के कहती है, "ओह्ह्ह राज, मज़ा आया तेरा लंड चूसने मे . तूने मेरी कमसिन बेटी को चोदा यह जानके पहले तो मुझे बुरा लगा लेकिन तेरा लंड देख कर जहाँ मे एक शादी शुदा औरत पिघल सकती है वहाँ मेरी कमसिन बेटी की क्या बात है. राजा तेरे ऐसे लॉड के लिए मुझे कुछ भी मंज़ूर है. ओह राज राजा अब सहा नही जाता, आओ और इस शन्नो को चोद डालो. " अच्छे से शन्नो के मम्मे चुस्के राज उसे बेड पे उल्टा सुलाते उसकी गांद मसल्ते बोलता है, "मेरी शन्नो रानी, इस लंड को तेरी बेटी की गांद पे मसल्ते ही मेने उसे इतना गरम किया कि वो पूरी रात मेरे साथ बिताने तय्यार हुई. बड़ी मस्त है तेरी बेटी शन्नो. अब जो लंड तूने चुस्के गरम किया उस से तेरी यह मस्त गांद मारूँगा. तेरी जैसी शादी शुदा औरत की चूत तो पति मारता होगा लेकिन गांद कोई नही मारता. आज मे तेरी गांद मारूँगा क्योकि तेरी गोल टाइट गांद पे मेरा दिल आया है. " गांद मारने की बात सुनके शन्नो झट से टर्न होके अपने मम्मो पे राज के हाथ लाती है. राज अब बेरहमी से मम्मे मसलता है. दर्द और वासना से आहे भरती शन्नो उसे बोलती है, "राज दबा मेरे माम्मे, तेरे जैसे मर्द से मम्मे मसल वाने मे बड़ा अच्छा लगता है राजा. उउउम्म्म्ममम हाँहांआआअ और दबा राजा लेकिन प्लीज़ मेरी गांद मत मार. तेरा यह तगड़ा लॉडा मेरी गांद फाड़ देगा. देख तू भले मेरा मूह चोद या चूत लेकिन गांद नही. इतना तगड़ा लंड तो मेने चूत मे नही लिया और तू मेरी गांद मारने की बात करता है इससे तो डर लगता है. " राज अब बेरहमी से शन्नो के निपल खिचने लगता है. इस बेहद दर्द से शन्नो की आँखो मे आसू आते है लेकिन राज को कोई फ़र्क नही पड़ता. शन्नो के निपल्स और खिचते वो शन्नो का मूह चाट के बोला, "आरे हट साली बेहन्चोद, तेरी गंद किसी ने नही मारी इसका मतलब मे भी नही मारूँगा यह मत सोच. आज मेरे इस काले मोटे लॉड को तेरी गांद ही चाहिए. तेरी गांद मार कर ही मेरे लंड को शांति मिलेगी शन्नो. चल चुपचाप कुतिया बन जा मेरे सामने छीनाल. " दर्द से बहाल होके शन्नो की आँखो से आसू निकलने लगते है. राज के निपल खिचते हाथ अपने मम्मो पे ही दबाते वो रोती आवाज़ मे कहती है, "नही राज, प्लीज़ तू चाहे तो मेरी चूत चोद, मेरा मूह चोद, चाहे उतना बाकी दर्द दे लेकिन गांद नही मारना, इतना तो रहम खाओ मुझपे राजा. " शन्नो के बाल पकड़के राज उसे एक झापड़ मारते बोलता है, "समझ मे नही आता क्या तुझे बहेन की लौरी? मुझे सिर्फ़ तेरी यह गांद मारनी है साली बेटी चोद. शन्नो देख आरामसे मारूँगा तेरी गांद, चल अब जल्दी से कुतिया बनके मेरे सामने झुक. " शन्नो की आँखे दर्द और बेइज़्ज़ती से आसुओ से भर जाती है. वो समझती है कि राज उसकी गांद मारे बिना नही रहेगा अपने पति कोउसने गांद नही मारने दी और गांद मारते हुए राज उसे दर्द भी देगा और गांद भी मारेगा. इसलिए आँखो मे आसू के साथ शन्नो चुपचाप कुत्तिया बनते अपनी गांद पीछे करके बोलती है, "ले राज, मार मेरी गांद लेकिन प्लीज़ आरामसे मारो, मुझे दर्द मत देना राजा. आज तक इतना बड़ा लंड मेने नही लिया था गांद मे. शरद मारता था मेरी गांद लेकिन उसका लंड इतना नही था. ना जाने तुम को गंद मारने मे क्या मज़ा आता है औरत की? " शन्नो की गंद फैला कर राज पहले उसपे थूकता है वो थूक फैलाता है. 2-3 बार ऐसे थूक कर शन्नो की गांद मे उंगली करके उसकी गंद गीली करता है. फिर अपना लंड गांद पे रखके दबाता है. जैसे लंड गंद खोलते जाता है शन्नो दर्द से तड़पनी लगती है. शन्नो की गांद पे थप्पड़ मारते, अपना लंड गांद मे दबाते अब राज बोलता है, "तेरी मा की चूत साली, बड़ी टाइट गांद है तेरी, साली लंड घुसने मे भी दर्द हो रहा है मुझे. साली शन्नो, हम को घोड़सवारी करने की आदत होती है, अब यहाँ तो घोड़े नही हाँ तेरी जैसे मस्त औरत को घोड़ी बनाके हम चढ़ते है इसलिए हमे औरत की गांद मारने मे मज़ा आता है समझी? यह ले मेरी छीनाल जान. " शन्नो दर्द से बहाल होती है. इतना दर्द तो चूत फटने पे भी नही हुआ था उसे. अपने होंठ दातो के नीचे दबाते वो ज़ोर्से चिल्लाते बोली, "उुआाऐययईई माआआआ नहियीईईई माआआआआआ फ़िइइर्र्र्र्रूऊज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ज़्ज़्ज़, निकाल तेरा लंड मेरी गांद से. उफफफफफफ्फ़ बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज़ राज रहम खाओ मुझपे, इतना दर्द मत दे राजा. " लंड आगे पीछे करके ज़रा-ज़रा सा गांद मे घुसते राज बोलता है, "शन्नो साली शरद से इतनी चुदि यह गांद तब भी बड़ी गरम और टाइट है एम्म आ म्‍म्म्मम अहह उउउफफफफफफफफ्फ़ बहेनचोद्द्द्द्द्दद्ड कुतिया बेहेन्चोद बहेन की लौदिई, ऐसी टाइट गांद नही मिली कभी. आज तो फाड़ के रखूँगा तेरी गंद मादराचोड़. " राज शन्नो को कस्के पकड़ते धक्के मारते- मारते पूरा लंड उसकी गंद मे घुसाता है. पूरे लंड के घुसने के अहसास से शन्नो बोलती है, "राज, उस वक़्त शरद ने तो मेरी गांद मारी थी पर आज तूने मेरी गांद फाड़ दी. तू अपनी डॉली जान की मा को इतना दर्द क्यों दे रहा है राजा? " पूरा लंड घुसाने के बाद राज अब धक्का मारना बंद करके गंद के मसल्स लंड को अपने आप अड्जस्ट करने देते हैं फिर आहिस्ता से गांद को लंड से ड्रिल करते मम्मे दबाते शन्नो की गीली चूत मे उंगली करते कहता है, "उम्म्म्मम उूव क्या टाइट मस्त गांद है तेरी शन्नो. बहनचोड़ तू मेरी रंडी है इसलिए तुझे दर्द दे रहा हूँ मेरी रानी. अब तू देखती जा कि कैसे तेरी गांद का भोसड़ा बनाके रखता हूँ. " मम्मो से खेलते और चूत मे उंगली करके राज शन्नो की गंद का दर्द काम कर रहा था. 5-10 मिनिट ऐसा करने के बाद जब दर्द कम होने लगा तो शन्नो कमर पीछे करके राज के लंड से अपनी गंद भिड़ाते कहती है, "राज मेरे राजा अब मारो इस शन्नो की गांद, चोद चोद कर इसका भोसड़ा बनाओ. तेरे लॉड ने मेरी गांद फाड़ दी लेकिन मुझे मज़ा भी दे रहा है तेरा लंड. अब इतमीनान से मारो मेरी गांद राज. " राज शन्नो की कमर पकड़के उसकी गांद ज़ोर ज़ोर्से चोद्ते बोलता है, "शन्नो साली तेरी गांद मे तो मेरा लंड ऐसा घुसा हुआ है जैसे बिल मे साँप. साली कितना नाटक किया लेकिन अब कैसे गांद पीछे करके मरवा के मज़े ले रही है हरामी. यह ले और ले और ले. " शन्नो अब मस्ती मे थी. उसका दर्द ख़तम होने से और इतने सालो के बाद एक मस्त मर्द के तगड़े लंड से चुड़वाके वो मदहोश थी. अपनी जाँघो के बीच से हाथ डालते गांद मे अंदर भर हो रहा राज का लंड सहलाते बोलती है, "राज कैसे लगी मेरी गांद और मेरा बदन तुझे? मज़ा आ रहा है ना तुझे मुझे ऐसे चोदने मे? " शन्नो की गंद ज़ोर्से मारते राज मम्मे भी मसल रहा है. एक घोड़े जैसे वो शन्नो पे चढ़ उसकी गांद मार रहा था. चूत मे 2 उंगली डालते वो बोला, "म्‍म्म्ममम ह इनूउफफफफफफ्फ़ बहुत मज़ा आ रहा है तुझे चोदने मे शन्नो. मेने जैसा सोचा था उससे भी ज़्यादा मज़ा आ रहा है तुझे चोदने मे . तेरी कमसिन बेटी को भी चोद कर इतना अच्छा नही लगा जितना तुझे चोद कर लग रहा है. " शन्नो मम्मे ज़ोर ज़ोर्से हिलते है जिससे राज बड़ी बेरहमी से और दबा के गांद मार रहा है. 10-15 ऐसे ही शन्नो की गांद मारते, गालियाँ देते, मम्मे नोचते चूत मे उंगली करने के बाद राज को अब अहसास होता है कि वो अब झड़ने वाला है. इस चुदाई मे शन्नो 1 बार राज की उंगलियो पे झाड़ गयी थी. राज का पूरा हाथ शन्नो की चूत के पानी से गीला था. जब राज के लंड का बाँध टूटने लगा तो उसने शन्नो को कस्के दबोचते लंड पूरा गांद मे घुसाते कहा, "म्‍म्म्मम उउफफफ्फ़ बेहेन्चोद्द्द्द्द्द्द रांद्द्द्द्ददडिईईईईईई बेहेन्चोद्द गांद मार लेंगे बहेन की लाद्रिी, यह लीई साालल्ल्ल्ल्ल्ल्लीइीईई ई चहिन्न्न्नााआल . बहनचोड पूरा पानी निचोड़ रही है तेरी गांद मेरे लंड का हरमिीईईईई. " लंड का जोश निकलने के बाद राज वैसे ही शन्नो के बदन पे ढल गया. पूरा पसीना पसीना हो गया था उनका बदन. दोनो मे अब जोश ही नही था उठने का लेकिन राज ने अपना लंड शन्नो की गंद से निकाला और वो नंगी शन्नो को गोद मे लेके वैसे ही लेट गया. उनको वक़्त का ख़याल ही नही रहा और वो वैसे ही जिस्म पे जिस्म लगाके लेट गये. ना जाने वो कितना वक़्त ऐसे ही पड़े रहे. उन दोनो को होश तब आया जब उन्होने डॉली की तल्लियो के साथ उसकी आवाज़ सुनी. बेडरूम के दरवाज़े पे खड़ी डॉली तालिया बजाते बोली, "वाह राज चाचा आपने तो कमाल कर दिया. एक ही मीटिंग मे पूरा मामला सेट कर दिया मा के साथ? आप बड़े पहुचे खिलाड़ी है चाचा. " अपनी बेटी के सामने नंगी रहने मे शन्नो को शरम आई और उसने अपने आप को राज की बाँहो से छुड़ाते उठके वो फटी नाइटी से अपना जिस्म ढक लिया. यह देख कर राज बेशर्मी से नंगे ही उसके पास जाके वो नाइटी खिचके फेटके, शन्नो की नंगी कमर मे हाथ डालते डॉली के पास ले गया. दूसरा हाथ डॉली की कमर मे डालके वो उन मा बेटी को हॉल मे ले आया. डॉली को अपनी गोद और शन्नो को साइड मे बिठाते उसने कहा, "आरे शन्नो अब क्यों शर्मा रही हो? तुझे अब पता चला है कि मेने डॉली को चोदा, उसकी मदद से आज तुझे चोदा, डॉली ने हम दोनो को नंगा देखा तो अब यह शरम किस काम की रानी? " डॉली उसकी मा का हाथ पकड़ते बोली, "मा अगर मेने कुछ ग़लत किया होगा तो मुझे माफ़ करो पर इस चाचा ने मुझे इतना मज़ा दिया ट्रेन मे कि जब तेरी बात निकली तो मे ही बोली कि मे उनको आपके साथ 2-3 घंटे बिताने का मौका दूँगी. राज चाचा ने मुझसे वादा लिया कि मे तुझे उनके साथ चान्स लाने का मौका दूँगी. मेने वादा किया, पापा तो वैसे भी 4 दिन के बाद आनेवाले थे तो आज ही मेने उनको बुलाया और मे चली गयी. मा मुझसे कोई ग़लती हुई हो तो माफ़ करो मुझे. " तब अपनी बेटी को राज की गोद से उठाके अपनी गोद मे बिठाते शन्नो बोली, "सच बोलू तो मुझे खराब सिर्फ़ तब लगा जब मे समझी कि तू राज से चुद्वाइ है. लेकिन जब मेने राज का लंड देखा तो मे समझी कि तू क्यों तय्यार हुई होगी इससे चुदवाने को. बेटी एक हिसाब से यह बात ग़लत है कि मे तेरे पापा को छोड़ किसी और के साथ सोऊ लेकिन उसमे मेरी मजबूरी थी. तेरे पापा ज़्यादातर टूर पे रहते है और मुझे प्यासी ही सोना पड़ता है. लेकिन बेटी यह तो बता कि तू कब आई घर मे और मुझे कैसे नही पता चला. " राज शन्नो की बात सुनके खुश होते दोनो के मम्मे मसालने लगा. वो मा बेटी ज़रा शरमाई लेकिन फिर डॉली बोली, "मा जब राज चाचा तुझे नीचे बिठाके तेरे मूह पे लंड रगड़ रहे थे तब मे आई. मे घर आई और बेडरूम का दरवाज़ा ज़रा बंद देखा तो मे समझी कि राज चाचा ने तुझे पटाया है. तब से मे उस दरवाज़े से तुम्हारा खेल देख रही थी. तू राज चाचा के लंड और फिर बातो मे इतनी उल्ज़ी थी कि तुझे पता कैसे चलता कि मे आई हूँ? " इस बात पे शन्नो ने डॉली को बाहों मे लेके एक बार उसका गाल चूमा. उन मा बेटी को अपनी बाँहो मे लेके राज अब उनको बारी-बारी से चूमने लगा. उस रात को राज वही रुका और उन मा बेटियो के साथ पूरी रात गुज़ारी. उसके बाद पूरे दो दिन तक राज उस घर मे रहा. वो मन मे अपने बॉस को धन्यवाद दे रहा था जिसने उसे एमर्जेन्सी काम पे भेजा जिस वजह से उसे यह 2 गरम चूत मिली थी. इन मा बेटी को चोद कर अब 2-3 महीने गुजर गये. राज वापस मुंबई आया लेकिन उन दोनो से फोन पे बात बारबार चल रही थी उसकी. इस बीच उसे शन्नो ने बताया कि डॉली से एक लड़के ने चक्केर चलाया था. राज समझा कि चूत चुद्ने से अब डॉली लंड की भूकि थी इसलिए उस लड़के के हाथ आसानी से आई होगी. शन्नो और डॉली एकदम फ्री हुई थी एक दूसरी से इसलिए डॉली ने ही खुद अपनी मा को अपने अफेर के बारे मे बताया था. बेटी का तो ठीक था लेकिन राज से चुदवाने के बाद भी शन्नो ने किसी और मर्द को लिफ्ट नही दी थी. उसने फ़ैसला किया था कि वो अगर किसी गैर मर्द से चुदेगि तो वो राज ही होगा क्योंकि उसे अपनी असलियत सबसे छुपानी थी. भले वो लंड की प्यासी थी लेकिन उसे यह बात अपन पति और बाकी दुनिया से छुपाके रखनी थी. राज ने 1-2 बार उन मा बेटी के लिए अपनी फॅक्टरी के नये डिज़ाइन के अंडरगार्मेंट्स भेजे थे. उसने जान बूझके उन मा बेटी को बहुत ही रेवेलिंग गारमेंट्स भेजे थे. उन दोनो ने फोन पे बताया कि उनको राज की गिफ्ट अच्छी लगी और वो पहनती भी थी. फोन पे उन दोनो मे बहुत फ्री बात होती थी. राज को गंदी गलियों के साथ शन्नो से बात करता था. उसकी गालियाँ सुनके और उसके कहने पे शन्नो भी नंगी होके चूत मे उंगली करती. जब तक राज वहाँ नही आता शन्नो को ऐसे नकली चुदाई से ही खुश रहना पड़ता था. कई बार राज शन्नो को तंग करने के लिए उसे अपनी कोई सहेली या रिश्तेदार से मिलाने की बात करता था जिससे शन्नो गुस्सा होती थी. एक बार ऐसे ही बाते करते राज बोला, "शन्नो अब तो तुम दोनो को चोद चुका हूँ मे पर अब कोई नयी चूत दिलवा दे. " यह सुनते शन्नो ज़रा नाराज़ी से बोली, "क्यों राज? क्या हम मा बेटी से दिल भर गया तेरा? " राज बोला, "आरे नही मेरी जान, तू हमेशा मेरी ही रहेगी. तेरी बेटी तो नये लंड के साथ चुद्वा रही होगी पर मुझे यकीन है तू मेरे लिए ही तड़प रही होगी. शन्नो रानी तू यह मत सोच कि नयी चूत मिलने से मे तुझे भूल जायूंगा. भले तेरी बेटी को तुझसे पहले चोदा लेकिन मेरी रानी तू ही है. यह तो बस नयी चूत को चोदने के चक्केर मे रहता हूँ इसलिए तुझे बोल रहा हूँ कि तू कोई लड़की दिला दे मुझे. अब बोल जान, तू तेरी सहेली या कोई रिश्तेदार को कब मिलाएगी मुझसे?

क्रमशः……………………..
Reply
07-16-2018, 11:16 AM,
#6
RE: Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
माँ बेहाल बेटी छिनाल --5

गतान्क से आगे……………………….

" राज की इतने दिनो की बातो से उसे यकीन हुआ था कि राज सच बोल रहा है. उसे पता था कि भले राज उसको मा बेहन की गालियाँ देता है लेकिन वो उतना प्यार भी करता है. जवाब मे शन्नो बोली, "राज मे जानती हूँ कि तू मुझे सच मे चाहता है. तेरे उप्पर पूरा भरोसा है मुझे इस लिए मे भी सिर्फ़ तुझसे ही चुदवाति हूँ. वैसे तो राजा मेरी 1-2 सहेलिया है लेकिन सबसे खास दिखने मे है मेरी चचेरी ननंद सीमा. मेरे पति की कज़िन है वो. शादी के बाद यही रहती है वो मेरे घर के पास. उसकी शादी को 4 साल हो गये है, अभी 26 साल की है वो. तू आएगा तब देखती हूँ कोई चक्केर चलता है क्या तेरा ओके? और राजा इस बात की भनक डॉली को ना लगे इसका ख़याल रखना, वो छोटी बच्ची अगर कही कुछ बोल गयी तो सब गड़बड़ होगी. " शन्नो की इस बात पे राज खुश होते बोला, "वाह मेरी रानी यह अच्छी बात की तूने. तू एक बार उसे मुझसे मिलवा दे, बाद मे सब मेरा काम होगा उसे पटाना. बस उससे मेरी तारीफ करना अच्छी अच्छी. रही बात डॉली को ना बताने की तो वो मे ध्यान मे रखूँगा. अब जल्दी से जल्दी मे वहाँ आता हूँ और तू तब तक सीमा को मेरे बारे मे जो बताना है बता. " यह प्रोग्राम बनाने के बाद भी राज को जाने के लिए 2-3 महीने लगे. उसने शन्नो से बात करके भूसावल ऐसा टाइम चुना कि जब उसका पति टूर पे हो. सब प्रोग्राम फिक्स करके राज भूसावल आया. काम ख़तम करके वो सीधे शन्नो के घर पहुचा. राज अब 3-4 दिन शन्नो के ही घर मे रुकने वाला था. वो मा बेटी उसका इंतज़ार कर रही थी. दोनो को प्यार से बाँहो मे लेके चूमते यहाँ वहाँ की बाते हुई. राज अपने साथ उन मा बेटी के लिए अपनी कंपनी की नये डिज़ाइन के अंडरगार्मेंट्स लाया था. शन्नो और डॉली के लिए उसने 3 ब्रा पैंटी सेट, सेक्सी नाइटी और रेवेलिंग नाइट गाउन लाया था. खाना खाने के बाद उन तीनो ने पूरी रात मस्ती मे गुज़ारी. राज ने महसूस किया कि डॉली अब उसे पहले जैसा साथ नही दे रही थी. वो समझा कि डॉली को अब उस लड़के से प्यार हुआहै और उसे वो चाहने लगी थी इसलिए वो दिल खोलके उसका साथ नही दे रही. दूसरे दिन सुबह डॉली कैसे भी उठके कॉलेज जाने निकली. उसने देखा कि शन्नो और राज चाचा उसके बाप के बिस्तर मे एकदम नंगे सो रहे है. उसे याद आया कि सुबह 3 बजे तक उन तीनो की बड़ी मस्ती चल रही थी. उसकी मा तो पूरे जोश मे थी. वो समझी कि इतना थकने के बाद वो अब गहरी नींद मे होंगे. उसे कुछ ज़रूरी काम था और तो और अपने लवर सूरज से मिलना था इसलिए वो कॉलेज निकल गयी. जबतक डॉली साथ मे थी राज ने शन्नो से उसकी ननंद के बारे मे कोई बात नही की. सुबह 8 बजे उठने के बाद शन्नो ने दोनो के लिए चाइ बनाई. चाइ पीने के बाद दोनो साथ नहाने गये. साथ मे नहाने के बाद दोनो हॉल मे टीवी देख रहे थे. शन्नो ने तब राज ने उसे दी हुई एक ट्रॅन्स्परेंट रेड कलर्ड नी लेँगट की नाइटी पहनी थी. नाइटी ने तो जैसे उसके जिस्म को एक पर्दे मे ढका हुआ था. राज को उसका जिस्म सॉफ नज़र आ रहा था. राज सिर्फ़ शॉर्ट्स मे था. पूरी रात चुद्ने के बाद शन्नो को शांति मिली थी. अपनी बाँहो पड़ी शन्नो का जिस्म हल्के-हल्के मसल्ते राज ने बोला, "तो मेरी रानी, अब बोल मेरे काम का क्या हुआ? सीमा से क्या बात की तूने? " राज के नंगे चौड़े सीने पे हाथ घुमाते शन्नो बोली, "राजा, मेने तेरा काम तो किया है सीमा से तेरे बारे मे बात करके लेकिन मुझे डर है कि अगर वो मिली तो तू मुझे भूल जाएगा. " शन्नो को प्यार से चूमते राज बोला, "शन्नो, भगवान कसम भले सीमा से मेरी बात बने या ना बने मे तुझे कभी भी अपने से दूर नही होने दूँगा. तू भले डॉली के बाप की पत्नी है पर मेरे दिल की रानी है, मेरा तुझपे और तेरा मुझपे जो हक़ आज है वो हक़ हमेशा बरकरार रहेगा. " यह बात सुनके शन्नो को तसल्ली मिली. राज की बाँहो मे और घुसते वो बोली, "राजा मुझे पता है तू मुझसे कभी दूर नही होगा इसलिए मेने बिंडास्ट होके सीमा से तेरी बात की. सुनो राज राजा तेरे से बात होने के बाद मेने सीमा को घर बुलाया था. मुझे समझ मे नही आ रहा था कि उससे कैसे बात करू तेरे बारे मे. तब सीमा ने मेरे पास तेरे भेजे कपड़े देखे. उन गारमेंट्स की डिज़ाइन और टेक्सचर उसे बहुत पसंद आया. वो ट्रॅन्स्परेंट नाइटी तो उसे बहुत ही अच्छी लगी. सीमा भी वो कपड़े खरीद ना चाहती थी तो जब उसने मुझे पूछा कि यह कपड़े मेने कहाँ से खरीद लिए है तो मेने बताया कि एक सेल्समन है जिसका नाम राज है जो महीने मे 1-2 बार आता है. मेने सीमा को यह भी बताया कि तुम अच्छी ब्रा पनटी देते हो. तुम्हारे लुक्स के बारे मे भी बताया कि राज एक लंबा चौड़ा और स्मार्ट सेल्समन है. मेने उसे बोला कि अबकी बार जब राज आएगा तो मे उसे तेरे पास भेज दूँगी. सीमा हां बोली तो मेरे राज राजा तू कल सुबह सेल्समन बनके उसके घर जा और तेरी किस्मत आजमा ले. " शन्नो का प्लान सुनके राज बहुत खुश हुआ और उसने जी भरके शन्नो को चूमते कहा, "क्या बढ़िया प्लान बनाया तूने जान, मान गया तुझे. वैसे रानी, अगर सीमा को सम्झाउ कि मे तुझे चोद्ता हूँ तो क्या तुझे कोई तक़लीफ़ होगी? " "राज तू खुद उसे मत बता कि मे तुझसे चुदवाति हूँ पर अगर वो तुझसे चुदि तो उसे समझा आ गया तो कोई बात नही. हम दोनो मे यह बात सीक्रेट रहेगी क्योंकि दोनो ने बाहर मूह मारा है. राज अब तूने तो कल सब गारमेंट्स हमे दे दिए है तो सीमा को क्या देगा? " "आरे मेरी रानी, मे शाम को जाके मेरे डीलर से 4-5 ब्रा पैंटी सेट और नाइटी लाता हूँ जो कल सीमा को दिखाने ले जाउन्गा. " ऊस्दिन दोनो घर मे अकले थे. शाम को राज जाके गारमेंट्स के 4-5 सेट लाया. डॉली भी शाम को 8 बजे आई. वो तो अब पूरी बहक गयी थी. आज दिनभर सूरज के साथ बिताया था उसने**** रात को भी राज ने शन्नो और डॉली के साथ लेट तक मस्ती की. दूसरे दिन डॉली 8 बजे चली गयी और नहाने के बाद राज सीमा के घर जाने को निकला. शन्नो ने फोन करके सीमा को बताया था कि वो सेल्समन राज आज उसके घर आएगा सुबह 11 बजे. सीमा एक 26 साल की जवान खूबसूरत औरत थी. 4 साल पहले उसकी शादी रवि से हुई थी. शादी के 5 साल तक बच्चा ना पैदा करने का उसका प्रोग्राम था इसलिए अभी तक उसे कोई बच्चा नही था. वो 58" लंबी, ज़रा सावली औरत थी. सावली होने के बाद भी उसके फीचर काफ़ी सेक्सी थे. बच्चा ना होने से उसकी फिगर मेंटैनेड थी. आज सीमा ने स्काइ ब्लू साड़ी पहनी थी, उसके नीचे ब्लॅक ब्लाउज था. वो ब्लाउज का फ्रंट और बॅक का गला काफ़ी बड़ा था**उसने साड़ी काफ़ी टाइट पहनी थी कि जिससे सीमा का चूतर उठा हुआ लग रहा था. गले मे मन्गल्सुत्र, कान मे झुमके, हाथ मे चूड़िया, माँग मे सिंदूर, कमर मे चाबी का गुच्छा था और पैरो मे एक पायल भी पहनी थी उसने. राज एक मीडियम सूटकेस लेके शन्नो के बताए अड्रेस पे गया और उसने डोर बेल बजाई. सीमा ने दरवाज़ा खोला जिससे राज ने उसकी देखी फोटो से पहचाना. उन गेहेनो और साड़ी मे सजी सीमा का जिस्म उप्पर से नीचे देखते राज बोला, "नमस्ते, मे राज हूँ, मुझे वो शन्नो रा. . . . मेरा मतलब शन्नो जी ने भेजा है, आपको कुछ गारमेंट्स चाहिए थे ना? मे सेल्समन हूँ, आप सीमाजी ही है ना? " राज अंजाने मे शन्नो रांड़ बोलने वाला था लेकिन झट से अपनी ज़बान संभाली. अपने सामने उस स्मार्ट और हॅंडसम मर्द को अपने जिस्म को उपर से नीचे निहारते देख कर सीमा देखती ही रह गयी और फिर बोली, "हां, शन्नो का फोन आया था, आओ ना अंदर आप. " राज को अंदर आने के लिएसाइड देती सीमा साइड मे हुई. राज आंदार आया और सोफे पे बैठा. सीमा ने उसे पानी लाके दिया और वो उसके सामने बैठके बोली, "काफ़ी अच्छे डिज़ाइन, टेक्सचर और सॉफ्ट है तुम्हारे प्रॉडक्ट्स. " सीमा के साइन पे नज़र लगाते उसके ब्लाउज के डीप नेक से दिख रहा क्लीवेज देखते राज बोला, "हां बहनजी, एकदम मस्त प्रॉडक्ट्स है मेरे पास. शन्नोजि तो हर बार कोई ना कोई गारमेंट खरीद ही लेती है मुझसे. आपने तो देखा है मेरा माल कितना मस्त है. अच्छे और सेक्सी ब्रा पैंटी और नाइटी है मेरे पास, एकदम मस्त माल है. बोलो माल खोलके दिखाऊ क्या? " आँख मार के राज स्माइल करता है. राज का आँख मारना उसने देखा नही था पर राज जिस हिसाब से माल बोल रहा था वो सुनके सीमा शरमाते हुएअपनी आँख नीचे करते बोली, "बार-बार माल अच्छा है क्यों बोल रहे हो? मुझे पता है माल अच्छा है इस लिए तो तुमको बुलाया मेने. देखाओ क्या प्रॉडक्ट्स लाए हो. " राज सीमा का नंगा पेट देखते बोला, "आरे बहनजी, वो वर्कर लोग के साथ रहते-रहते मे भी उनके जैसा माल कहता हूँ. वैसे सीमाजी आपका बॉडी स्ट्रक्चर एकदम अच्छा है, बहुत जचेन्गे आप पर मेरे यह गारमेंट्स. ऐसी औरत देखते ही मुझे भी अपना सब माल दिखना अच्छा लगता है क्योंकि ऐसे जिस्मवाली औरत पे हमारे गारमेंट्स जचते है. " राज ने सोचा कि इस साली को नंगी करके उसका माल देख कर मेरा नंगा माल दिखा के चोदुन्गा. अभी तुझे बेहन बोलता हूँ और बाद मे बेहन्चोद बनूंगा सीमा. राज से तारीफ सुनके सीमा को अच्छा लगा. फिर वो उसे बेहन भी बोलता है तो वो राज को अच्छा आदमी समझती है पर फिर बार- बार माल सुनके बोली, "मतलूब क्या अच्छा माल का? आप माल मत बोलो प्लीज़. " बॅग खोलके सब गारमेंट्स फैलाते राज एक हाथ मे एक ब्रा और दूसरे मे पैंटी लेके बोला, "बहनजी मेरा मतलब अच्छी ब्रा पैंटी दिखाता हूँ, मस्त माल है मेरे पास जिसे देख कर आप खुश हो जाओगी. यह ब्रा पैंटी पहनोगी तो सब सहेलिया इसके बारे मे आपसे पूछेंगी. वैसे आपकी ब्रा पनटी की साइज़ क्या है बहनजी? " राज को ब्रा पनटी मसल्ते देख सीमा ज़रा शरमाती है. वो ब्रा पनटी उसे बड़ी सेक्सी, फॅषियनबल और नये डिज़ाइन की लगती है. वो ज़रा शरमाते बोलती है, "जी 34 की ब्रा का और 65सीयेम की वेस्ट, यह है मेरी ब्रा पनटी की साइज़. " "अच्छा, 34 की ब्रा और 65 की चड्डी पहनती है आप? मुझे लगता है कि ब्रा साइज़ बड़ी होगी, ज़रा अपनी कोई ब्रा और चड्डी दिखाना बहनजी. " सीमा राज की बिंडास्ट बातो से शरमाते बेडरूम मे जाके अपनी एक ब्रा पनटी लाके राज को देते बोलती है, "यह लो भैया. " वो ब्रा पैंटी देख कर राज समझता है कि यह सीमा की आज नहाने के पहले पहनी हुई ब्रा पैंटी है. पैंटी अपनी जाँघ पे रखते ब्रा के स्ट्रॅप्स को एक्सटेंड करते राज ब्रा को निहारता है. फिर ब्रा के दोनो कप अंजान बनके मसल्ते वो कहता है, "यह 34 तो है लेकिन आपके सीने के हिसाब से यह ब्रा के कप साइज़ ज़रा बड़े बड़े लगते है, आप ऐसा करो यह ब्रा पेहन्के देखो. " राज सूटकेस से एक 34 डी की डार्क पिंक ब्रा निकालके सीमा को देता है. राज के हाथो से ब्रा कप मसल्ते देख सीमा को ऐसा लगता है जैसे वो सीमा के दूध को मसल रहा है. एक अंजान सी लहर उसके बदन से दौड़ती है. शरमाते हुए राज के हाथ से ब्रा लेके उसके कप देखते वो कहती है, "जी वो मे तो जानबूझके बड़ा कप यूज़ करती हूँ जिससे आराम मिलता है. अब यह जो ब्रा अपनी दी है उसके कप छोटे लगते है, इससे सीने पे टाइटनेस महसूस होता है. यह छोटे कप की ब्रा मुझपे कैसे आएगा भयया? " अपने गरम हो रहे लंड पे सीमा की चड्डी रखते ब्रा मसल्ते राज बोला, "आरे वो पुराने टाइप की ब्रा थी बेहन, यह इंपोर्टेड स्टाइल की ब्रा है, छोटे कप मे भी टाइटनेस नही होगी आपको. वैसे आपके वो (राज मम्मो की तरफ उंगली करता है)गोल है या थोड़ा साग है उनमे बहनजी? " इस सवाल पे बड़ी शरमाते सीमा राज के हाथ से ब्रा लेके बोलती है, "भयया तुम भी ना कुछ भी सवाल करते हो? वैसे एकदम हल्का सा साग है नही तो गोल है. अगर यह ब्रा ठीक नही हो तो दूसरी देना, ठीक है भयया? " राज पैंटी मसलके कहता है, "हां बहनजी ट्राइ करो और बोलो, मे तब तक यह ब्रा पैंटी ठीक से देखता हूँ. " ब्रा लेके सीमा बेडरूम मे चली जाती है. तब यहा राज उसकी पैंटी उल्टी करके सूंगता है. ब्रा पनटी अपनी लंड पे रगड़ते वो अगले कदम सोचने लगता है. सीमा आईने के सामने खड़ी होके पल्लू उतार ब्लाउज निकालती है. फिर अपनी ब्रा उतार वो नयी ब्रा पहनती है. नयी ब्रा उसे टाइट लगती है और उसे ब्रा कप अपने मम्मो पे टाइट होने का अहसास भी होता है. वो उसी ब्रा पे ब्लाउज पेहन्के साड़ी ठीक करके दरवाज़ा खोलती है. जैसे वो राज को देखती है उसे एक झटका लगता है.

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Re: माँ बेहाल बेटी छिनाल
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Super memberPosts: Joined: 10 Oct 2014 10:09Contact: 




 by  » 15 Dec 2014 10:32
राज उसकी तरफ देखते ब्रा सूंघ के चाट रहा था. बेशर्म होके सीमा की तरफ देखते वो बोला, "क्या हुआ बहनजी, ब्रा पसंद आई आपको? सीने पे बराबर फिट तो हो रही है ना? " राज को ब्रा चाटते देख सीमा चोकते ज़रा उँची आवाज़ मे बोलती है, "यह क्या कर रहे है आप? वो मेरे कपड़े क्यो चाट रहे हो? " राज इनोसेंट बनके पूछता है, "क्या कर रहा था मे बहनजी? इतना गुस्सा क्या आया आपको? क्या ब्रा मे कोई तक़लीफ़ हुई जिससे आप इतनी नाराज़ हुई हो? " अब राज को क्या जवाब दे इस सवाल का यह सीमा को समझ मे नही आया था इसलिए वो बोली, "मुझे नही चाहिए यह ब्रा, बहुत छोटा है इसका कप, आप के पास दूसरी हो तो दो नही तो मे फिर बाद मे लूँगी. " राज सीमा की मजबूरी समझते बोलता है, "आरे ब्रा ठीक है, आपको पहन्नी नही आई होगी. यहाँ आओ मे पहनाता हूँ ब्रा आपको, आप साड़ी और ब्लाओज उतारो, देखो मे पहनाता हूँ ब्रा आपको. " राज की इस बात पे एकदम गुस्से से सीमा बोली, "यह क्या बोलते हो? देखो ज़्यादा होसियार मत बनो, जाओ यहाँ से मुझे नही चाहिए तुम्हारी ब्रा या और कोई कपड़े. " "आरे क्यों गुस्सा आया आपको? मेने क्या ग़लत कहा? क्यों नाराज़ हुई आप बहनजी? " "नही और कोई बात नही, आपकी ब्रा अच्छी नही है इसलिए मुझे नही चाहिए. " "आरे शन्नो जी को भी पसंद है मेरी दी हुई ब्रा पनटी. वो तो सबसे उसकी तारीफ करती है तो आपको क्यों पसंद नही आई यह ब्रा बहनजी? " सीमा राज के हाथ से अपनी पुरानी ब्रा पनटी खिचते बेडरूम की तरफ जाते बोलती है, "बस नही चाहिए, फिटिंग अच्छी नही लगी मुझे ब्रा की. तुम रूको मे आपको वापिस लाके देती हूँ आपकी ब्रा. " मौका देख कर राज भी सीमा के पीछे बेडरूम मे घुसते डोर लॉक करके कहता है, "बोलो बेहन जी आपको इस ब्रा मे क्या प्राब्लम है? मे सब परेशानी दूर करता हूँ आपकी. " सीमा डोर बंद होने से घबरा के कहती है, "यह क्या तुमने डोर क्यो बंद किया है भैया? भयया देखो ज़्यादा नाटक मत करो, तुम जाओ मेरे घर से. " डोर पे खड़े रहते राज सीमा को उप्पर से नीचे देखते बोला, "आरे बहनजी आपको कुछ बेचके ही जाउन्गा, इतना टाइम वेस्ट किया कुछ तो लेना पड़ेगा आपको. आप घबरा क्यो रही हो? मेने बेहन कहा है आपको ना तो क्यो इतना डरती हो? चलो पल्लू हटाओ मे देखता हूँ क्या प्रॉब्लम है. " सीमा अपनी माथे का पसीना पोचके बोलती है, "तुम यह क्या बोल रहे हो? देखो मे एक अच्छे घर की औरत हू और ऐसा मैं किसी गैर मर्द के सामने नही करूँगी, तुम जाओ मेरे घर से प्लीज़. " राज सीमा के पास आके उसकी पुरानी ब्रा उसके हाथ से खिचते वो दोनो हाथो से फैलाते बोलता है, "आरे बेहन तुम अच्छे घर की हो तो मे क्या खराब घर का हूँ? आपको कौनसी बात पे इतराज़ है बहना? देखो इतनी खराब ब्रा है आपकी? इसमे आपके दूध भी शेप्लेस बनते है. मेरी यह ब्रा पहनो और देखो दूध कैसे गोल बनके रहँगे. " सीमा अब पूरी डर गयी थी. राज का इतने ओपन्ली उसके मम्मो के बारे मे बात करना उसे कैसा तो लग रहा था. राज उसकी ब्रा ओपन करके उसके सामने दिखा रहा था. अपनी ब्रा राज के हाथो से खिचते वो बोली, "देखो मुझे नही लेना आपकी ब्रा आप जाओ यहा से प्लीज़. " जवाब मे राज सीमा का पल्लू पकड़के उसे हल्के से खिचते बोला, "अपने आपको देखो बेहन, इस ब्रा मे आपका सीना कैसे खराब दिख रहा है. " राज एक उंगली से सीमा का 1-1 मम्मा ब्लाउज के उप्पर से पोक करता है. "खुद देखो इसको कोई शेप है? आपकी सहेलिया कितनी हस्ती होगी आपके इस ड्रेसिंग पे है ना? " राज के इस आक्षन पे सीमा अब घबराई. इसे लगता है कि शोर मचाया तो उसकी ही कितनी बदनामी होगी, इसलिए वो समझाने की आवज़ मे बोलती है, "देखो राज तुम मेरे घर से जाओ, मे घर पे अकेली हूँ. " राज सीमा के पीछे जाके उसका पल्लू सीने से हटा के दोनो हाथ से उसके मम्मे नीचे से उठाके आईने मे उसे यह सब दिखाते बोलता है, "आरे बेहन, यह सब कपड़े तो औरत अकले मे ही ट्राइ करके ख़रीदती है, आपके घरवाले होते तो क्या उनके सामने ब्रा पैंटी ट्राइ करती आप? देखो बेहन इस पूरनी ब्रा मे तुम्हारे मम्मे कैसे लटक रहे थे और अब इस ब्रा मे कैसे शेप मे लग रहे है. क्या तुम्हारे पति को अच्छा लगता है तुम्हे ऐसा देखना? मेरी इस ब्रा मे तुझे देख कर उसे अच्छा नही लगेगा? " सीमा झटके से राज का हाथ मम्मो से हटाते पल्लू सीने पे लेती है. राज का यह बर्ताव उसे बिल्कुल अच्छा नही लगा. वो गुस्से से बोलती है, "देखो राज जाओ तुम यहाँ से. क्या कोई जबर्जस्ति है यह ब्रा खरीद ने की? मुझे नही लेना ब्रा, प्लीज़ निकल जाओ मेरे घर से तुम. " जवाब मे राज फिर सीमा को पीछे से पकड़के, उसका पल्लू नीचे डालते अब डाइरेक्ट्ली उसके ब्लाउज का हुक खोलते बोलता है, "आरे बेहन तू तो नाराज़ हुई अपने राज भाई से? देख मे चाहता हूँ कि मेरी बेहन सब औरतो मे मस्त दिखे इसलिए मे तेरे पीछे पड़ा हूँ यह ब्रा बेचने के लिए और तू मुझे जाने को बोल रही है? शन्नो को भी मेने ब्रा पहनाई थी, उसे भी पहले लगा था कि ब्रा अच्छी नही है लेकिन मेरे हाथ से पहनने के बाद उसने 12 सेट खरीदे है. " सीमा गुस्से से राज का हाथ अपनी ब्लाउज से हटाते हुए. शर्म और गुस्से से उसका चहेरा एकदम लाल हो जाता है. वो टर्न होके गुस्से से बोली, "राज, यह क्या बहूदी हरकत कर रहे हो? मुझे फिर से छूना नही. अभी के अभी यहाँ से निकल जाओ, मुझे कुछ नही खरीदना तुमसे. तूने शन्नो को कुछ भी बेचा होगा और उसने लिया होगा मुझे कुछ नही सुनना. तू जा अभी मेरे घर से. " सीमा को अपनी तरफ मूह करते खड़ी पाके राज फिर उसका पल्लू गिराते मम्मो पे हाथ घुमा कर ब्लाउज के हुक खोलने लगा. राज के इस आक्षन से सीमा बहुत घबराती है. इससे लगता है यह आदमी कितने डेरिंग वाला है जो बेहन-बेहन बोलके सीधे उसके मम्मे मसलके ब्लाउज खोल रहा है. उसे यकीन हुआ कि राज उसकी कोई बात नही माननेवाला. अपने मम्मो को मसल्ते ही सीमा के जिस्म मे एक मदहोशी महसूस होती है. ऐसा नही था की सीमा उसके पति से सॅटिस्फाइड नही थी. सीमा रवि की चुदाई से खुश थी. उसे सिर्फ़ इस बात का दुख था कि उसका पति अपने मन की कोई बात नही करता. वो तो सीमा की हर बात को हुकुम मानके उस मुताबिक चलता था, उसकी गुलामी करता था पर राज तो उसे कुछ समझ ही नही रहा था. यह औरत को उसकी औकात मे रखना जानता है. यह हर जवान औरत को सिर्फ़ हवस की नज़र से देखते उसको चोदना चाहता था. राज की बातो से सीमा को शक़ हुआ कि कही शन्नो का कुछ चक्केर तो नही इसके साथ. राज अब ब्लाउज खोलना छोड़ सीमा के मम्मे मसल रहा था. होश मे आते सीमा अब घबराई आवाज़ मे बोली, "नही राज जी, मुझे छोड़ो, यह क्या कर रहे हो? देखो मे शादी सुदा औरत हूँ, मेरी इज़्ज़त के साथ मत खेलो. " जवाब मे राज फिर सीमा को आईने की तरफ टर्न करके उसका ब्लाउज खोलके दोनो मम्मे हाथो मे लेके हल्के से मसल्ने लगता है. सीमा की गांद पे अपना गर्म लंड लगाते वो कहता है, "आरे बेहन तुझे क्या लगता है कि मे मेरी सीमा बेहन का घर बर्बाद करूँगा? देख मे तेरा भाई हूँ, और भाई कभी बेहन को तक़लीफ़ देगा क्या? मे सिर्फ़ चाहता हूँ कि तेरे जिस्म के बदन पे एकदम मस्त ब्रा हो जिससे यह दूध (मम्मे हल्केसे दबाते)उभरे- उभरे दिखे और नीचे(गांद पे लंड रगड़ते) मस्त चड्डी हो जिससे तुझे आराम मिले.

क्रमशः…………….
Reply
07-16-2018, 11:16 AM,
#7
RE: Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
माँ बेहाल बेटी छिनाल --6

गतान्क से आगे……………………….

मे तेरी बेइज़्ज़ती नही करूँगा. शन्नो भी पहले शरमाई थी लेकिन जब मेने उसे अपने हाथो से ब्रा पैंटी पहनाई तो उसे कोई तक़लीफ़ नही हुई. देख अब तू तेरी ब्रा उतार मे तुझे ब्रा पहनाता हूँ. " ब्लाउज खोलके एक हाथ से सीमा का सीना मसल्ते राज अब दूसरे हाथ से उसकी साड़ी पेटिकोट से निकालने लगता है. मम्मो पे राज का कड़क हाथ और चूतर पे उसका सख़्त लंड पाके सीमा मचलती है. उसके जिस्म मे बेचैनी बढ़ने लगती है, उसे ऐसा लगता है जैसे कोई मोटा डंडा उसके चुतर पे रगड़ रहा हो. वो सोचती है कि कितना मोटा और लंबा लंड है राज का और कितना कड़क हो रहा है. उसके पति का लंड भी अच्छा था लेकिन उसे कभी वो इतना सख़्त, गर्म और मोटा नही लगा. राज का लंड किसी भी चूत की चटनी बना देगा. अंजाने मे आँखे बंद करके सीमा अपने चूतर राज के लंड पे दबाती है. उसे लगता है कि जैसे उसकी चूत मे चीटियाँ चल रही हों. अब उसकी चूत धीरे-धीरे रसीली भी हो रही है. वो अपना जिस्म राज के हवाले करना चाहती है लेकिन यह ख़याल मन मे आते ही वो राज का हाथ पकड़के कहती है, "प्लीज़ नही, यह तुम मेरी साड़ी मत उतारो देखो नही मुझे, मुझे डर लग रहा है प्लीज़ छोड़ो ना मुझे. राज देखो ऐसा कोई भाई बेहन को अपनी कपड़े उतारने नही कहता, मुझे प्लीज़ जाने दो. " अपना हाथ सीमा के हाथो से छुड़ाते राज सीमा की साड़ी खोलके फिर उसका ब्लाउज भी उतारता है. सीमा का पेटिकोट और ब्रा मे दिख रहे जिस्म से वो खेलने लगता है. एक हाथ उसकी कमर मे डालके उसे अपने बदन से सटा कर लंड अब ज़रा ज़ोर्से उसकी गांद पे रगड़ता है. राज समझता है कि यह सीमा चुदवाना चाहती है पर डर रही है. खुद अपनी गांद मेरे लंड पे रगड़ रही है यह. इसको पहले प्यार से नंगी करूँगा और फिर मस्ती से चोदुन्गा. ब्रा पे से सीमा के निपल्स से खेलते राज बोला, "आरे सीमा बेहन मुझसे कैसा डरना? मेरा तो यह हर्दिन का काम है, पहले तो तेरी जैसे शादी शुदा औरत मुझसे डरती शरमाती है लेकिन एक बार मेरे हाथ से ब्रा पैंटी पहनने के बाद बहुत फ्री होती है जैसे शन्नो हुई है. मुझे पता है कि तुझे एक पराए मर्द के सामने कपड़े उतारने मे शरम आती है पर एक बार तू भी मेरे हाथ से ब्रा पहन फिर देख तुझे कितना अच्छा लगेगा. चल तू अपनी ब्रा खोल बेहन. " सीमा अब राज से अपने जिस्म को ऐसा मसल्ने और रगड़ने से मचलते बेशर्म होके अपना चूतेर राज के मोटे लंड पर बार-बार रगड़ती है. वो अपना चूतेर ऐसे पोज़िशन मे रखती है कि राज का लंड उसकी गांद पे हो. राज की बातो और खेल से सीमा और ही बैचैन होती है, उसकी चूत और भी तड़पने लगती है और वो चुदाई के लिए बैचिन होने लगती है. उसका पति उसे वो चाहे तब चोद्ता था पर रवि की चुदाई मे वो मर्दानगी नही थी जो अब राज उसे दिखा रहा था. सीमा ऐसी मर्दानी चुदाई के लिए कब्से बहाल थी पर इसके बाद भी उसने अपने कदम कभी ग़लत नही गिरने दिए. लेकिन आज वो राज के सामने बेबस थी. यह आदमी तो मन मानी कर रहा था उसके साथ. जब राज उसे बेहन बोलता उसके जिस्म से खेलता था तो उसे बहुत अजीब सा लगता है कि एक भाई को आपने जिस्म से ऐसा खेलने दे रही थी. आजतक सीमा ने इस रिस्ते को बड़ा पवित्र माना था पर आज राज के बर्ताव से वो समझी कि ऐसा कोई रिश्ता नही होता. रिश्ता होता है सिर्फ़ जिस्म से जिस्म का. राज की गिरफ़्त से छूटने की कोशिश करते वो बोली, "नही राज देखो तुम मुझे बेहन बोलते हो और मेरे जिस्म के साथ क्या-क्या कर रहे हो? राज कोई भी बेहन अपनी भाई के सामने कपड़े कैसे उतार सकती है? और एक भाई कैसे बेहन को बोल सकता है कि ब्रा चड्डी उतार कर मेरे हाथो से नयी ब्रा पैंटी पहन? राज मुझे जाने दे और कपड़े मत उतार मेरे. " राज सीमा की पेटिकोट का नाडा लूज करके उसे भी गिराते फिर सीमा को टर्न करके उसका पूरा जिस्म देखते, चूतरो को बारी-बारी मसलके मम्मे दबाता कहता है, "आरे सीमा बेहन, अगर मे तेरा पति होता तो हक़ से तेरे कपड़े उतारता, पर मे भाई हूँ इसलिए तुझे कपड़े उतारने को बोल रहा हूँ ना? उफ्फ सीमा बेहन बड़ा मस्त जिस्म है तेरा. तेरे राज भाई को बड़ा अछा लगा तुझे ब्रा पैंटी मे देख कर. अब तू देखती जाना कि मेरे दिए कपड़ो मे तेरा यह जिस्म कैसे खिल उठेगा. तू शर्मा मत मेरी बेहन, अपनी राज भाई पे भरोसा रख, यह तुझसे ग़लत हरकत नही करेगा. चल अब तू तेरी ब्रा उतार ताकि मे ठीक से तेरे दूध देख कर तुझे सही फिटिंग वाली ब्रा दूं. और सीमा बेहन, क्यो नही तू मेरे सामने कपड़े उतार सकती? क्या कभी टेलर के सामने कपड़े नही उतारे? और उस टेलर ने नाप लेने के बहाने तेरे दूध नही मसले या गांद नही दबाई? उस अंजान से जिस्म मसलवा सकती हो पर भाई के सामने नंगी नही हो सकती? चल जल्दी से ब्रा उतार. तुझे ब्रा पैंटी देके मुझे शन्नो के घर भी जाना है, उसकी बेहन की बेटी के लिए भी कपड़े देने, चल अब तू जल्दी ब्रा पैंटी उतार कर नंगी हो जा. " राज के मसल्ने से सीमा बहुत ज़्यादा गर्म होने लगती है. उसके दिमाग़ मे राज का मोटा लंड घूमने लगता है और वो चुदाई के ख़याल मे मे खो जाती है. राज का लंड पैंटी के उप्पर से अपनी चूत पे रगड़ते उसे बहुत मज़ा दे रहा था उसे यकीन हुआ कि राज उसे चोदे बिना नही जाने देगा. सीमा बिना रेज़िस्ट किए बोली, "राज पति की बात अलग है, वो जब चाहे तब मेरे कपड़े उतार सकता है पर तुम नही. देखो टेलर से मे जान बूझके जिस्म मसलवा के मज़े नही लेती, वो जानबूझके नाप लेते वक़्त मुझे मसलता है लेकिन तू तो बिना कुछ किए ही मुझे मसल रहा है. देखो राज मेने आजतक आपने पति का अलावा किसी को आपना जिस्म नही दिखाया है, तुम पहले मर्द हो जिसने अब मुझे ब्रा पैंटी मे देखा है. अब बस करो राज, आगे कुछ भी होगा वो ठीक नही होगा. " राज एक हाथ से सीमा के मम्मे मसल्ते दूसरे हाथ से अपनी पॅंट खोल के नीचे करते बोलता है, "सीमा बेहन, मे क्या तेरा जिस्म देखने आया हूँ यहाँ? तेरे इस मस्त जिस्म को इसलिए नंगा कर रहा हूँ ताकि मे देख सकु कि इस नंगे जवान जिस्म पे कौनसी ब्रा पैंटी जाचेगी. सीमा मेरा यह काम ही है कि नंगी औरत पे क्या जचे वो बेचना. देख डॉक्टर के पास जाती है तो वो भी पूरा बदन टच करता है ना तेरा तो मेने किया तो क्यो शर्मा रही है. देख अब सिर्फ़ ब्रा पैंटी है तेरे जिस्म पे, जल्दी उतार वो ताकि मे तेरा नंगा जिस्म देख कर महसूस करके तुझे राइट साइज़ की ब्रा पैंटी दे सकु. और सुन मेरी बहना तुझे नंगी होने मे शरम आ रही होगी इसलिए मे भी मेरे कपड़े उतार रहा हूँ ठीक है? " सीमा को बहुत अच्छा लगता है जब राज जब उसके मम्मे मसलता है. अब उसकी चूत से हल्का पानी निकलते हुए उसकी पैंटी को चूत के उप्पर गीली करने लगती है. राज जब उसकी गीली पैंटी देखता है तो और मस्ती से वो मम्मे मसल्ने लगता है. सीमा राज की पॅंट पकड़ते बोलती है, "नही प्लीज़ आपने कपड़े मत उतारो राज, रूको प्लीज़ यह क्या कर रहे हो तुम? नही राज, मुझे कपड़े उतारने के लिए मत बोलो देखो मुझे शर्म आराही है, मेने आजतक इतने कपड़े किसी भी गैर मर्द के सामने नही उतारे है, चाहे वो टेलर हो या डॉक्टर. प्लीज़ अब मुझे नंगी मत करो और तुम भी अपनी सब कपड़े पहनो. " सीमा का हाथ दूर करके राज अपनी पॅंट शर्ट उतारता है. उसके बदन पे भी अब सिर्फ़ एक अंडरवेर है और उसमे उसका खड़ा लंड सीमा को दिखता है. उस छुपे लंड का मोटापा देख उसका दिल ज़ोर्से धड़कने लगता है. राज सीमा की कोई बात सुने बिना उसकी ब्रा का हुक खोलते झट से नीचे होके उसकी पैंटी पूरी नीचे खिचते सीमा का नंगा जिस्म देखने लगता है. सीमा के 34 के मम्मे बड़े शान से निपल तन्के बिना झुकाव के खड़े है. उसका पेट एकदम फ्लॅट है, गोरी टाँगो के बीच गीले काले झांतो वाली चूत चमक रही थी. आईने मे उसे सीमा के कसे-कसे गोल चूतर नज़र आ रहे थे. सीमा की गिल्ली चूत मसल्ते हल्के से मसल्ते राज कहता है, "वाहह सीमा बेहन क्या मस्त जिस्म है तेरा. तेरे मम्मो मे बिल्कुल साग नही है और चुतर भी कितने कसे हुए दिख रहे है. गोरी-गोरी टाँगो मे गीली चूत तो लाजवाब दिख रही है. तेरा पति तो हर रात बहुत ऐश करता होगा ना तेरे जिस्म से? खूब मज़ा देता होगा ना तुझे बेहन? कस-कस्के पेलता होगा ना तेरी चूत मे उसका लंड सीमा बेहन? " राज के हाथो नंगी होके, अपने नंगे जिस्म की तारीफ और पति से हुई चुदाई की बाते सुनके सीमा बहुत शरमाती है उसका चेहरा लाल हो जाता है. अब उसे पूरा भरोसा हो गया था कि राज उसे बिना चोदे नही रहनेवाला था. वो भी अब राज से चुदवाने को तय्यार थी पर पूरी बेशरम नही हुई थी. एक हाथ चूत और दूसरा मम्मो पे रखते वो बोली, "उम्म नही राज यह क्या किया तूने? मुझे एकदम पूरी नंगी कर दिया. क्या कोई भाई अपनी बेहन को ऐसे नंगी करता है? प्लीज़ राज मुझे कपड़े दो मेरे, ऐसे तुम्हारे सामने नंगी रहने मे बड़ी शरम आ रही है मुझे. मेने इतनी ब्रा पैंटी खरीदी है आजतक लेकिन किसी भी सेल्समन ने उसके लिए मुझे नंगी नही किया. " राज सीमा के हाथ उसके नंगे जिस्म से हटाते उसका जिस्म सहलाते चूत को उंगली से रगड़ते हल्के से उसकी गीली चूत मे उंगली घुसाता है जिससे सीमा उचकति है. हल्के-हल्के चूत मे उंगली करते दूसरे हाथ से मम्मा मसल्ते राज बोला, "आरे अब नंगी हुई हो तो शरमाना कैसा? आरे बेहन को नंगी करनेवाले भाई की हिम्मत की तो दाद दो बेहन, तेरी जैसी बेहन को नंगी करके यह भाई कुछ भी करेगा. सीमा, मे ज़रा अलग टाइप का सेल्समन हूँ, जिस औरत को ब्रा पैंटी बेचता हूँ उसे पूरी नंगी करके, उसकी चुचि और गांद का नाप लेके मेरे हाथो से उसे ब्रा पैंटी पहनाता हूँ. अब मुझे देखने दे तेरी सब साइज़ ताकि तुझे एकदम मस्त फिटिंग वाली ब्रा पैंटी दे सकु. वैसे मुझे यह बता बेहन, तेरी यह चूत गीली कैसे हुई? तुझे क्या तुझे तेरे पति की याद आई बेहन? " राज से चूत मे उंगली करवाने मे सीमा को बड़ा अच्छा लगने लगता है लेकिन फिर भी वो राज को रोकने लिए उसका हाथ पकड़ती है. राज सीमा का वोई हाथ पकड़के अंडरवेर के उप्पर से अपने लंड पे रखता है. लंड पकड़ने से सीमा की चूत और गरम होके गीली होती है. राज का तगड़ा मोटा लंड पकड़ने से उसके जिस्म मे करेंट दौड़ता है. राज फिर सीमा का हाथ पकड़के उसे अपने अंडरवेर मे डालके नंगा लंड उसके हाथ देके बोलता है, "सीमा तू मेरे लंड की साइज़ देख बहना मे तेरी चूत की डेप्त नापता हूँ. मेरे लंड की लंबाई देख कर बता यह तेरी इस मस्त गीली चूत मे फिट बैठेगा या नही. मेरी बेहन की चूत मे मेरा लंड ठीक से बैठना चाहाए ना? सीमा तेरा पति हर रात अपना लंड तेरी चूत मे घुसा के मस्ती करता होगा ना? इतना मस्त जिस्म है तो खूब माज़े करता होगा वो, है ना? " सीमा अब बिना शरमाये राज के लंड को फील करने लगती है. उसका लंड फील करके सीमा के दिल की धड़कने और तेज हो जाती है. राज की बाते सुनके वो सोचती है कि इतना मोटा लंड उसकी चूत मे जाएगा तो क्या हाल होगा उसकी चूत का पर कितना मज़ा भी आएगा. राज के उंगली करने से वो मचलते मोन करने लगती है. चूत उंगली से चोद कर निकालके राज वो उंगली चाट कर फिर सीमा की चूत मे डालके उंगली करते बोलता है, "सीमा बेहन अच्छा लगता है ना मेरा लंड पकड़कर तुझे रानी? यह बोल मेरी बहना रानी मेरा लॉडा तेरे पति से छोटा है या बड़ा? बहना दोनो हाथो से मसल मेरा लॉडा और देख कितना मज़ा आएगा. तेरी वो शन्नो को बहुत पसंद है मेरा लंड, जी भरके सहला अपनी भाई का लॉडा मेरी बहना रानी. " राज को चूत मे डाली उंगली चाटते देख सीमा की आग और भड़की और वो राज से चिपक गये. वो राज का लंड और मस्ती से मसल्ने लगी. राज से शन्नो की बात सुनके उसे ज़रा सा धक्का लगा पर उसने उस बात पे ज़्यादा ध्यान नही दिया. राज अब उसे बहना रानी बुला रहा था और उसके पति के बारे मे बात कर रहा था. राज ने उसकी किसी बात को ना मानते उसे नंगी करके अब मज़े लूट रहा था. राज की इस मर्दानगी पे सीमा फिदा हुई पर अभी भी वो राज की कोई भी बात का जवाब नही दे रही थी. अपनी चूत मे राज से उंगली करवाते, उसका लंड मसल्ते वो राज से लिपट गयी थी. सीमा की खामोशी देख कर राज को ज़रा गुस्सा आता है. इतना मसल्ने के बाद भी सीमा ओपन नही हुई यह देख कर उसने अपना असली रूप दिखाना बेहतर समझा. अपनी अंडरवेर निकालके नंगा लंड सीमा के हाथ मे देके सीमा के मम्मे ज़रा ज़ोर्से मसल्ते उसने बोला, "क्यो मेरी रंडी सीमा बहना, पसंद आया अपने राज भाई का लंड? यह लॉडा चुसेगी या उसे चुद्वा के लेगी? बहनचोद तुम तो एकदम मस्त माल हो, शन्नो से भी मस्त है तू रंडी बहना. तुझे तो दिन रात चोदना चाहाए रानी. अब नीचे बैठके लंड मूह मे लेती है या गांद मारू तेरी सीमा छीनाल? " राज के ज़ोर्से मसल्ने से सीमा को दर्द होता है लेकिन उससे ज़्यादा राज की गालियाँ उसे हैरानी मे डालती है. यह अचानक राज को क्या हुआ जो वो उसे गालियाँ देने लगा यह सीमा नही समझ पे. ज़िंदगी मे पहली बार किसी मर्द से गाली सुनके उसे बुरा भी लगा और गुस्सा भी आया.

क्रमशः………………
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07-16-2018, 11:17 AM,
#8
RE: Maa Beti Chudai माँ बेहाल बेटी छिनाल
माँ बेहाल बेटी छिनाल --7

गतान्क से आगे……………………….

राज के लंड से हाथ हटाते वो ज़रा गुस्से और दर्द से बोली, "ह उईईइ माआआ आप मुझे गाली क्यो दे रहे हो राज? छोड़ो मुझे और निकल जाओ मेरे घर से. मुझे कुछ नही लेना तेरे से. " राज इस बात पे ज़रा भी ना डरते और उसे फर्म लो टोन मे सीमा के मम्मे वैसे ही मसल्ते बोलता है, "सुन मेरी प्यारी रंडी बहना मुझे ऑर्डर नही देना कभी. मुझे मेरे सामने की नंगी औरत को गुलाम बना के रखना अच्छा लगता है. तूने ज़्यादा नाटक किया तो तुझे तेरे ही घर से नंगी निकाल दूँगा यह याद रख. मेरी रंडी बहना तेरा ये भाई, जिसने तुझे नंगी किया है वो तुझे चोद कर ही तेरे घर से जाएगा यह याद रख. चल मेरा लंड सहलाती रह सीमा जान. " राज की आवाज़ से सीमा डरती है. मम्मे दबाने से दर्द हो रहा है लेकिन मस्ती भी छा रही थी उसपे. राज का गुस्से से भरा चहेरा देख कर वो बोली, "राज सॉरी, मे कभी तुझसे ऐसे बात नही करूँगी पर तू मुझे गालियाँ मत दे. राज तुम तो बोल रहे थे कि सिर्फ़ मुझे नंगी करके, मेरे जिस्म का नाप लेके, मुझे ब्रा पैंटी पहनाके जाओगे. पर अब मुझे नंगी करके तुम मेरे जिस्म से खेल रहे हो और फिर मुझे चोदने की बात भी कर रहे हो, यह सब झूट क्यों बोला तूने? " सीमा के मम्मे चुस्के अब निपल्स से खेलते राज बोला, "हां बोला था मेरी रंडी बहना पर आगर तू खुद तेरे कपड़े उतारती तो, मुझे तुझे नंगी करना पड़ा इसलिए अब तुझे चोद कर ही जाउन्गा. चल नीचे बैठ सीमा रानी और मेरा लॉडा चूस. खोल अपना गर्म मूह और मेरा मोटा लंड ले मूह मे. " सीमा नीचे बैठके राज का लंड सहलाने लगती है. उसे अब राज से डर लगता है कि अब आगर उसने राज की बात नही मानी तो राज कुछ भी कर सकता है. वैसे भी वो तो राज से चुदवाना चाहती थी इसलिए सीमा ने राज की बात मान ली. राज सीमा के बाल पकड़के लंड उसके मूह मे घुसाते उसे लो टोन मे कहता है, "चल मूह खोल रंडी बहना और मेरा लॉडा चूस. साली तेरी जैसी गर्म औरत कितनी जल्दी हाथ आती है? 2 झापड़ क्या मारे लाइन पे आ गई हो. अब ठीक से लंड चूस मेरा नही तो जीना हराम कर दूँगा तेरा सीमा रानी. " सीमा मूह खोलके राज के मोटे लंड को आपने गर्म मूह मे डालते चूसने लगती है. राज की गालियों से उसे बहुत बुरा लगता है पर राज की लगाई आग को मिटाने के लिए वो बेशरम होके उसका लंड चूसने लगती है. सीमा का मूह लंड से हल्के-हल्के चोद्ते राज बोलता है, "आहह अच्छा लग रहा है तेरे मूह मे लंड देना रांड़. अब बोल मेरा लंड चाहिए, चुदेगि मेरे लॉड से या जाउ मे? " राज लंड सीमा के मूह से निकालता है. ऐसा करने से सीमा बेशरम होके राज की नंगी कमर मे हाथ डालके उसका लंड फिर चूसने लगती है. राज के लंड का साइज़ देख कर उसे अब चुद्ने का बहुत मन करता है. अब पूरा लॉडा अच्छे से चूस्ते वो बोली"प्लीज़, राज अब तेरी सीमा बेहन को ऐसे प्यासी छोड़ के मत जाओ. मुझे अब तेरा लंड चूसना है . " राज लंड सीमा के मूह से निकालके टर्न होके बोलता है, "आरे तब तो मुझे जाने को बोल रही थी अब क्यों मेरा लंड खुद पकड़के चूस रही हो मेरी रंडी बहना? चूत गर्म हुई तो राज भाई का लंड चाहिए क्या तुझे? सीमा रानी अब मे गया तो अच्छा ही होगा ना? तू सती सावित्री बनके रहेगी रंडी बेहन. चल अब छोड़ मेरा लंड, मुझे अब तुझे नही चोदना छीनाल बेहन. " सीमा आगे होके फिर से राज का लंड पकड़के चूस्ते बोली, "नही रुक जाओ ना राज, प्लीज़ मेरी प्यास को भी शांत करो जैसे तुमने शन्नो भाभी की शांत की थी. मुझे तेरे लंड की बड़ी ज़रूरत है अभी राजा, मुझे ऐसे बहाल करके बीच मे मत जाओ. " इस बात पे राज सीमा के बाल पकड़के अपना लंड उसके मूह मे घुसा कर कहता है, "बहनचोड़ बहना उसके लिए तेरी शन्नो भाभी मेरी छीनाल बनी, मेरी रखैल है वो. बोल मेरी हरामी सीमा बेहन, क्या तू मेरी रंडी बनेगी? भीक माँग मुझसे रंडी नही तो तुझे नही चोदुन्गा. साली तेरी जैसी गर्म औरत की नस-नस जानता हूँ, बहुत नाटक करती हो तुम रंडिया. " पूरी तरह बेशरम होके अब सीमा बोली, "हां राज, मे कुछ भी करने को तय्यार हूँ. तुम तेरी इस सीमा बेहन को तेरी रंडी या रखैल या छीनाल कुछ भी बना वो उसके लिए तय्यार है. मे तुझे शन्नो भाभी से ज़्यादा मज़ा दूँगी राज भाई, तेरी यह रंडी बहना सब कुछ करेगी तेरे लिए. अब तूने मुझे नंगा देखा, मुझसे आपना लंड भी चुस्वाया, अब मुझे अधूरा मत छोड़, अपने इस तगड़े, सख़्त, मोटे लंड से अपनी चुदासी बेहन की चूत चोदो राज भाई. मुझे इस आग मे जलती छोड़के मत जाओ. " सीमा इतना बोलके फिरसे राज का लंड चूसने लगती है. राज खुश होके सीमा से अपना लंड चुसवाने लगता है. झुकके उसके मम्मो को रगड़ते वो अब सीमा का मूह चोद रहा था. वो प्यासी औरत भी बड़े मस्ती से बेशरम होके राज का लंड चूस रही थी. बेहन बोलके राज ने उसे नंगी करके पूरी तरह अपने हाथ मे लिया था. अपना लंड अपनी उस रंडी मूह बोली बेहन से अच्छे से चुस्वाके उसने अपना लंड निकालके सीमा को बेड पे सुलाते हुए कहा, "सुन मेरी बहना, तू मेरी रंडी बनना चाहती है तो जैसे शन्नो ने मेरी गांद चाती थी वैसे तू भी मेरी गांद चाट, तब मे तुझे मेरी रंडी बेहन मान लूँगा. आगर तूने मेरी गांद चाटने से इनकार किया तो तुझे बिना चोदे यहाँ से चला जवँगी. बोल चातेगी ना मेरी गांद सीमा बहना? " गांद चाटने की बात सुनके सीमा को कैसा तो लगा लेकिन वो इतनी गर्म हुई थी कि वो किसी भी बात के लिए तय्यार थी. बिना कुछ बोले उसने हां मे अपना सिर हिलाया. सीमा की रज़ामंदी देख कर राज खुश होके दोनो हाथो से अपनी गांद फैलाक़े बेड पे सोई सीमा के मूह पे बैठा. एक बार राज की गांद देख कर सीमा ने अपने हाथ उसकी कमर मे डालके, उसकी गांद को पास लाते जीब बाहर निकाली. पहले तो अजीब सा टेस्ट लगने से उसने जीब हटाई लेकिन फिर दिल पे पत्थर रखके जीब गांद पे लगाई. 2-3 बार हल्के से गांद चाट कर उसने फिर पूरी गंद पे जीब फेरनी शुरू की. सीमा को अपनी गांद फैलाक़े चाटने लगने के बाद राज उसके मम्मो से खेलने लगा. सीमा जैसे-जैसे अच्छे और ज़ोर्से गांद पे जीब घुमाने लगी तो राज ने अपना लंड सीमा के हाथ मे देते झुकके उसकी चूत मे उंगली करते कहा, "ह साअलिइीइ क्या मस्त चाट रही है मेरी गांद. और चाट डाल अपनी ज़बान मेरी गांद मे, अपनी ज़बान से मेरी गांद मार सालीइी उूउउफफफफफ्फ़. मेरे लंड को और ज़ोर्से हिला मेरी रंडी बहना. " अपनी गंद सीमा से चत्वाके राज झुका और अपना मूह सीमा की गीली गर्म चुत चाटने लगा उंगली से उसकी गंद रगड़ने लगा. चूत मे राज की जीब और गंद पे उंगली पाके सीमा और सिहर उठी. उसने अपनी कमर उप्पर करते राज के मूह पे अपनी चूत रगड़ते कहा, "अफ फ़िइरररोज़्ज़्ज़्ज़्ज़ और चतत्तत्त मेरी चूत, बहुत दिनो से प्यासी है राजा तेरी सीमा बेहन की चूत, मेरा पति कभी-कभी मेरी चूत चाट लेता है. राज जी भरके चाट मेरी चूत मेरे भाई हाईईईई उूउउइईई माआआआअ. " सीमा की चूत जीब से चोद्ते, उसकी गांद मे उंगली डालते राज बोला, "सीमा यह चूत मेरी रानी की नही मेरी रंडी बेहन की चूत है. मेरी रंडी बेहन का मस्त कमसिन बदन है . मे तेरा भाई और यार हूँ और तू मेरी रखैल बेहन है समझी मेरी कुतिया रानी? " राज की गांद चटके गीली करते सीमा पूरा लुफ्ट उठा रही थी. उसे अब गांद चाटने मे ज़रा भी खराब नही लग रहा था. किसी मर्द से ऐसा मज़ा उसे आज पहली बार मिल रहा था. राज की गांद और गोतिया चाट के, उसके लंड को मसल्ते वो बोली, "हां राज राजा समझी मे लेकिन प्लीज़ अब मुझे चोद डालो मेरे राजा भयया. देख तेरे रंडी बेहन की चूत कैसे तरस गयी है तेरे लंड से चुदवाने को, प्लीज़ राज भाई अब चोद डालो मुझे, अपनी इस छीनाल बेहन को और मत तरसाओ. " सीमा की चूत मे 2 उंगलिया डालके राज बोला, "हां रंडी सीमा आज तुझे जी भरके चोदुन्गा मे. तेरे पति से भी अच्छा चोदुन्गा, जो मस्ती तेरा पति चोद्ते वक़्त तेरे साथ नही करता वो सब मे करते तुझे चोदुन्गा. शन्नो बता रही थी कि तूने बच्चे की प्लॅनिंग की है ना? आज मेरी रंडी बहना को चोद कर तुझे मेरा बच्चा दूँगा सीमा बेहन. बच्चे को नाम तेरा पति देगा लेकिन वो औलाद तेरे इस राज भाई की होगी जान. " सीमा ताव मे आके ज़ोरो से राज के लंड को मूठ मारते बोलती है, "ओह्ह राज राअज़ाआा तुझे जो करना है कर लेकिन मुझे जी भरके चोद राजा. मे ज़रूर तेरे बच्चे की मा बनूँगी, मे पहली औरत रहूंगी जो अपने भाई से चुद्वा कर उसके बच्चा को पैदा करूँगी. आओ राजा अब चोद डालो अपनी सीमा बहना को. " राज उठ के सीमा की टाँगे खोलके उसमे बैठता है. सीमा की चूत फैला कर वो बोलता है, "चल मेरी बहना अब तुझे चोद डालु. मेरे बदन के नीचे तेरा मस्त बदन मेरा लंड तेरी चूत मे डालके और उसको चोद चोद कर तुझे शांत करू. तेरे जैसी मस्त बेहन आज तक मे नही चोद सका पर आज तुझे जी भरके चोदुन्गा. सीमा बेहन चल अपने भाई का लंड पकड़के अपनी चूत पे रख ताकि मे उसको तेरी चूत मे घुसा के तुझे चोद सकु. " राज का एक हाथ अपने मम्मो पे रखते सीमा राज का लंड पकड़के अपनी चूत पे रखते बोली, "यह ले राज, तेरी बेहन ने तेरा लंड अपनी चूत पे रखा है, अब तू लंड घुसा और अपनी इस रंडी बेहन को चोद कर बेहन्चोद बन जा. " राज सीमा की बात सुनके, उसके मम्मे मसल्ते लंड ज़ोर्से चूत मे दबाता है. करीब-करीब आधा लंड चूत मे घुस जाता है. ऐसे मोटे लंड की आदत ना होने से सीमा को हल्का सा दर्द होता है और वो चिल्लाते कहती है, "हाईईईईईईईई राज आरामसे डाल ना मेरी चूत फाड़ डालने का इरादा है क्या तेरा? तूने मेरी चूत फाडी तो मे अपने पति को बता भी नही सकती कि इस चूत को मेरे भाई ने फाडा है. " राज सीमा के मम्मे मसल्ते और 2-3 ज़ोर्के धक्के मारता है. जब उसका पूरा लंड आंदार जाता है तो वो सीमा की कमर पकड़के उसे चोद्ते कहता है, "साली रंडी बहना, यह ले अपनी भाई का लंड. आरे अभी तो चूत फटेगी और बाद मे तेरी गांद भी फाड़ुँगा. तेरा पति कुछ बोले तो तू सीधे मेरे घर आ जाना. मेरे घर मे अपनी रंडी बहना को चोदने के लिए बहुत जगह है. मेने तेरी चूत मे इतने ज़ोर्से लंड इसलिए घुसाया क्योंकि तू इतने सालो के बाद मिली. आज तेरे जिस्म की ऐसे की तैसी कर दूँगा. यह ले रंडी बेहन अपनी बेहन्चोद भाई का लंड. " राज अब ज़ोर्से सीमा को चोद्ते उसके मम्मे बेरहमी से मसल्ने लगता है. सीमा राज को कस्के पकड़ते अपनी चूत नीचे से उठा-उठाके चुद्वाने लगती है. राज का पूरा लंड चूत मे घुसने से उसे बहुत मज़ा आने लगता है. वो राज को पूरा सहयोग देके अपनी चूत चुद्वाते बोलती है, "हाीइ और चोदो राजा, मार मेरी चूत साली बहुत गरम है. काश मे तेरी सग़ी बेहन होती राज, तो अपने भाई से जब चाहती तब चुद्वा सकती थी. राज ऐसा नही कि रवि की चुदाई से मे खुश नही थी लेकिन जिस हिम्मत से तूने मेरी कोई बात सुने बिना मुझे नंगी करके झुकाया उससे मे तुझपे मर गयी. तेरे जैसे मर्द के सामने झुकके उससे चुद्वाने मे अच्छा लगने लगा मुझे. जी भरके चोद भयया मुझे और ले मेरा दूध पी राजा. आज तू मेरा दूध चूस कल तेरा बेटा यही दूध चुसेगा राज भयया. " चुदाई की स्पीड और फास्ट करते, सीमा के दूध अच्छे से चुस्के राज बोला, "सीमा तू मेरी सग़ी बेहन नही हुई तो क्या आज से मेरी मूह बोली रंडी बेहन तो है ना? अब जब चाहू तेरे घर मे भाई बनके रहते हुए तुझे जब चाहू तब चोद सकता हूँ. तेरे पति को भी कुछ शक़ नही होगा. बड़ी गर्मी है ना तेरी चूत मे मेरी छीनाल बहना तो यह ले चुदवाले मेरे लंड से अपनी चूत रंडी साली. पहले कितने नाटक किए तूने, बड़ी सीधी साधी बन रही थी और अब देख उछल-उछल के चुद्वा रही है. तेरी जैसी गर्म औरत का यही नाटक मुझे पसंद है सीमा, उससे तेरेको चोदने मे और मज़ा आता है मुझे. " फिर राज का मूह अपनी निपल पे दबाते बोली, "अफ मेरे राज राजा, आरे शरमाना, नाटक करना यह तो औरत के गहने है. अगर मे सीधे से तेरे हाथ आती तो इतना मज़ा कहाँ मिलता जो अब मिल रहा है. मेने नखरे किए इसलिए तो तू अब मुझे ऐसे चोद रहा है. राज आजसे मे तेरी बहना बेगम हूँ. जब मौका मिलेगा तब मेरे घर आके रुक और मुझे आपने नीचे सुला के चोद राजा. हाीइ राज राजा बड़ा सकुन मिल रहा है तेरी चुदाई से. देख मेरा पूरा जिस्म कैसे तुझसे चुद्वाते वक़्त उछल रहा है. आज कितने दिन के बाद पहली बार मेरी चूत को मेरे भाई का दामदार लंड मिला है राजा. और ज़ोर्से चोद मेरी चूत. राज आज तेरे लंड का पानी मेरी चूत मे डाल ताकि मे तेरे बच्चे को जनम दे सकु, अपने भाई की औलाद पैदा कर सकु. " राज अब और ज़ोर्से बेरहमी से सीमा की चूत चोद्ते मम्मे मसल्ते बोला, "अफ साली पहली बार अपनी बेहन की चूत चोद रहा हूँ. बहुत अच्छा लगा तुझे चोदने मे सीमा, तेरी जैसे बेहन की चूत चोदने को मेरा लंड हमेशा गर्म रहता है रानी. अब मे भी ज़ड़नेवाला हूँ और तेरी इस चूत मे ज़ड़के मेरी औलाद दूँगा बहना. ले रांड़ बेहन साली डालता हूँ तेरी चूत मे मेरे लंड का पानी. तू तो साली एकदम छीनाल है. दिल तो करता है तुझे अब मेरे साथ ही रखू और दिन रात तेरा यह जिस्म ऐसे ही चोद्ता रहू. लीईई मेरााआआअ पाणियीईईईईईई टर्र्र्र्रृिई चहुउऊुउउत्त्तत्त माआआऐययईईईई. " सीमा भी राज को कासके पकड़ते अपनी चूत उसके लंड पे दबाते बोलती है, "हां भैया डालो अपना पानी मेरी चूत मे और मुझे बच्चा देदो. यह तेरी बेहन तेरी रंडी बेहन इस बच्चे को जनम देके तुझे तेरी मेहनत का फल देगी. ऐसे ही चोद्ते रहो मुझे. " दोनो शांत होने के बाद राज उठके उन दोनो के बदन सॉफ करता है. फिर चाइ पीने के बाद जवानी का तूफान फिर शुरू होता है और इस बार राज अपनी मूह बोली बेहन की गांद मारता है. शाम तक सीमा को चोदने के बाद राज उसके घर से निकलते वक़्त अपने साथ लाए सब गारमेंट्स गिफ्ट मे सीमा को देता है.

----------------------दा एंड---------------------------------------------------
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