जीजी ना कहा कर
06-05-2017, 09:58 AM,
#1
जीजी ना कहा कर
बात उन दिनो की है जब मैं गयारहवीं कक्षा में पढ़ता था। हमारे पड़ोस में एक पंजाबी परिवार रहता था जिसमें सिरफ़ तीन ही सदस्य थे। एक 70 वर्षीय बुजुर्ग, एक लड़का और एक लड़की। लड़के की उमर लगभग 24-25 साल की रही होगी और लड़की की उम्र 20-21 साल की होगी। बुजुर्ग उन दोनों के पिता थे और अकसर बीमार से ही रहते थे। जबकि उन दोनों की माँ की मृत्यु हो चुकी थी। वैसे तो उस परिवार में 5-6 लड़कियाँ और भी थी लेकिन वो सब काफ़ी उमर की थी और सब की शादी हो चुकी थी और अपने पति के साथ अपनी ससुराल में ही रहती थी जो कि कभी-2 अपने पिताजी को देखने परिवार के साथ 2-3 दिन के लिये आती रहती थी। हमारा भी उस परिवार में काफ़ी आना जाना था।

लड़के का नाम राजेश और लड़की का नाम दीपाली था। दीपाली बहुत ही खूबसूरत थी। मैं राजेश को भाई साहब और दीपाली को जीजी कहता था। दीपाली का बदन मानो भगवान ने सांचे में ढाल कर बनाया हो। गोरा चिट्टा रंग हल्का गुलाबीपन लिये जैसे कि दूध में चु्टकी भर केसर डाल दी हो। शरीर 36-24-38। चूची एक दम सख्त और उभरी हुई और उसके चूतड़ भारी थे, लगता था कि उसके चूतड़ की जगह दो गोल बड़ी बड़ी गेंदें हो।

वो अधिकतर सलवार कुरता पहनती थी और जब चलती थी तो ऐसा मालूम होता था कि दो गेंद आपस में रगड़ खा रही हो। जब वो हंसती थी तो गालो में बड़े प्यारे गढ्ढे पड़ते थे जिस से वो और भी खूबसूरत लगने लगती थी। वोह बोलती बहुत थी और एक मिनट भी चुप नहीं बैठ सकती थी। उसमें एक खास बात थी कि वो किसी की भी चीज में कोई नुक्स नहीं निकालती थी चाहे उसको पसंद हो या ना हो। वो हमेशा यही कहती थी कि बहुत ही प्यारी है। यदि उसको कुछ खाने के लिये दो और वो उसको पसंद नहीं आई हो पर वो तब भी उसकी तारीफ़ ही करती कि बहुत ही स्वादिष्ट बनी है। इस बात की हम सब हमेशा ही दीपाली की तरीफ़ किया करते थे।

हमारी कालोनी के सभी लोग उसके दीवाने थे और एक बार बस उसको चोदना चाहते थे। मैं भी अकसर सोचता था कि काश मैं दीपाली को चोद सकूँ और एक दिन ऐसा मौका आ ही गया। सितम्बर का महीना चल रहा था। उस दिन रविवार था और सबकी छुट्टी थी और समय रहा होगा लगभग 11 बजे सुबह का। मैं किसी काम से अपनी छत पर गया था। हमारी दोनों की छत आपस में मिली हुई हैं और छत से उनके कमरे और बाथरूम बिलकुल साफ़ दिखाई देते हैं। तो उस रोज जब मैं छत पर गया तो दीपाली के गाने की आवाज आ रही थी सो मैं वैसे ही उनके घर की तरफ़ देखने लगा तो मैं चौंक गया कयोंकि दीपाली बिलकुल नंगी बाथरूम में पटरे पर बैठी थी और टाँगें चौड़ी कर रखी थी।

सच दोस्तो ! मैं तो देखता ही रह गया। दीपाली की चूचियाँ एकदम गोरी और तनी हुई थी और जैसा कि मैं ख्यालों में सोचता था, उससे भी अधिक सुंदर थी। उसकी गोरी चूचियों के बीच में हल्के गुलाबी रंग के दो छोटे-2 घेरे थे और उनमें बिलकुल गुलाबी रंग के निप्पल थे जो कि बाहर को निकले थे। उसका सारा शरीर बहुत ही चिकना और गोरा था और टाँगों के बीच में तो पूछो ही मत। वहाँ उसकी चूत पर काले रेशमी बाल नज़र आ रहे थे और उनके बीच हल्की सी गुलाबी रंग की दरार नज़र आ रही थी। दरार में ऊपर की तरफ़ एक छोटा सा चने जैसा दना चमक रहा था। वो उस वक्त कपड़े धो रही थी और उसका सारा ध्यान उस तरफ़ ही था।

दीपाली को इस हालत में देख कर मेरा लण्ड एकदम से तन कर खड़ा हो गया मानो वो इस हसीन चूत को सलामी दे रहा हो। मन कर रहा था कि मैं फ़ोरन ही वहाँ पहुँच जाऊँ और दीपाली को कस कर चोद दूँ पर मैं ऐसा नहीं कर सका। मैं काफ़ी देर तक वहाँ खड़ा रहा और दीपाली को ऐसे ही देखता रहा और ऊपर से ही अपने लण्ड को पकड़ कर सहलाता रहा। मेरी हालत बहुत खराब हो रही थी। मेरा गला एकदम से खुश्क हो गया था कि मैं थूक भी ठीक से नहीं निगल पा रहा था। मेरी टाँगें काम्प रही थी और ऐसा लग रहा था कि मेरी टाँगों में बिलकुल दम नहीं रहा और मैं गिर जाऊँगा।

मैं इस हालत में उसको करीब 15-20 मिनट तक देखता रहा। वो बार-2 सर झुका कर टाँगों में अपनी चूत की तरफ़ देख रही थी और एक कपड़े से चूत के बालों को रगड़ रही थी जिस से उसकी चूत के कुछ बाल उतर जाते थे। मैं समझ गया कि आज दीपाली अपनी चूत के बाल हेयर-रिमूवर से साफ़ कर रही है। मैं उसे बड़े ही गौर से देख रहा था कि अचनक उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ गई और उसने एकदम से बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया।

यह देख कर मैं बहुत डर गया और छत से नीचे उतर आया। मैं सारे दिन इसी उधेड़बुन में लगा रहा कि अगर जीजी इस बारे में पूछेंगी तो मैं क्या जवाब दूंगा लेकिन कुछ सूझ ही नहीं रहा था। मैंने सोचा कि मैं 2-3 दिन उसको दिखाई ही नहीं दूंगा और उसके बाद मामला कुछ शान्त हो ज़ायेगा और तभी देखा जयेगा कि क्या जवाब देना है। मैं एक दिन तो दीपाली से बचा ही रहा और उसकी नज़रों के सामने ही नहीं अया। अगले दिन पापा और मम्मी को किसी के यहाँ सुबह से शाम तक के लिये जाना था और ड्राइवर आया नहीं था तो पापा ने मुझको कहा कि मैं उनको कार से छोड़ आऊँ और शाम को वापस ले आऊँ।

मैं उनको कार से छोड़ने जा रहा था कि मैंने दीपाली को अपनी कार की तरफ़ तेजी के साथ आते हुए देखा तो डर के मारे मेरा हलक खुश्क हो गया। मम्मी पापा कार में बैठ ही चुके थे सो मैंने झट से कार आगे बढ़ा दी। हालांकि मम्मी ने कहा भी कि दीपाली हमारी तरफ़ ही आ रही है कहीं कोई ज़रूरी काम ना हो, पर मैंने सुना अनसुना कर दिया और गाड़ी को तेजी के साथ ले गया।

मैंने मन ही मन सोचा कि जान बची तो लाखों पाये और लौट कर बुद्धू घर को आये। जब मैं पापा मम्मी को छोड़ कर वापिस घर आया तो देखा कि वो हमारे गेट पर ही खड़ी है, जैसे ही मैंने कार रोकी, वो भाग कर कार के पास आ गई और मेरे से बोली कि कार को भगा कर ले जाने की कोशिश ना करना वरना बहुत ही बुरा होगा।

मैं बहुत बुरी तरह से डर गया और हकलाते हुये कहा- जीजी मैं कहाँ भागा जा रहा हूँ और मेरी इतनी हिम्मत ही कहाँ है कि जो मैं आप से भाग सकूँ?

इस पर दीपाली ने कहा- अभी जब तूने मुझे देखा था तब तो जल्दी से भाग गया था और अब बात बना रहा है।

मैंने कहा- जीजी, मुझ को कार को एक तरफ़ तो लगाने दो और फिर अंदर बैठ कर बात करते हैं।

वो बोली- ठीक है !

मैंने कार को एक तरफ़ लगा दिया और दीपाली के साथ अंदर अपने घर में चला गया। मैंने अपने कमरे में जाते ही ए सी ओन कर दिया क्योंकि घबराहट के मारे मुझे पसीना आ रहा था। फिर मैं अपने होंठों पर जबरदस्ती हल्की सी मुस्कान ला कर बोला- आओ जीजी बैठ जाओ और बोलो कि क्या कहना है। और ऐसा कहते-2 मैं रूआंसा हो गया।

वो बोली- डर मत ! मैं तुझको मारुंगी या डाँटूंगी नहीं ! मैं तो यह कहने आई हूँ कि तू उस दिन छत से क्या देख रहा था?

तो मैं अनजान सा बनने लगा और कहा- जीजी आप कब की बात कर रही हैं, मुझे तो कुछ ध्यान नहीं है।

तो उन्होंने हल्का सा मुसकरा कर कहा- साले बनता है ! अभी इतवार को सुबह छत से मुझे नंगा नहीं देख रहा था?

मैंने कोई जवाब नहीं दिया तो वो बोली- क्या किसी जवान लड़की को इस तरह नंगा देखना अच्छा लगता है? शरम नहीं आती?

तो मैंने कहा- जीजी आप हो ही इतनी खूबसूरत कि आपको उस रोज नंगा देखा तो मैं आँखें ही नहीं फेर सका और मैं आपको देखता ही रहा। वैसे मैं बड़ा ही शरीफ़ लड़का हूँ और आप को ही पहली बार मैंने नंगा देखा है।

तो वो हंस कर बोली- हाँ-हाँ ! वो तो दिखाई ही देय रहा है कि तू कितना शरीफ़ लड़का है जो जवान लड़कियों को नंगा देखता फिरता है।

मैंने भी झट से कहा- जीजी उस रोज आप टांगों के बीच बालों को बार-बार क्यों रगड़ रही थी तो इस पर वो शरमा गई और बोली- धत्त ! कहीं जवान लड़कियों से ऐसी बात पूछी जाती है !

तो मैंने पूछा- फिर किससे पूछी जाती है?

तो उसने इतना ही कहा- मुझे नहीं मालूम !

अब मैं समझ गया था कि वो उस रोज देखने से ज्यादा नाराज़ नहीं थी। उस समय तक मेरा डर काफ़ी हद तक कम हो गया था और मेरा लण्ड खड़ा होना शुरु हो गया था।

मुझे फिर मस्ती सूझी और मैंने फिर से दीपाली से पूछा- जीजी बताओ ना कि तुम उस रोज क्या कर रही थी?

यह सुन कर वो पहले तो मुस्कुराती रही और फिर एकदम से बोली- क्या तू मुझे फिर से नंगा देखना चाहेगा?

मेरा दिल बहुत जोरों से धड़कने लगा और मैंने हल्के से कहा- हाँ जीजी ! मैं फिर से आपको नंगा देखना चाहता हूँ।

तो वो बोली- क्या कभी तूने पहले भी यह काम किया है?

मैंने कहा- नहीं !

तो उसने कहा- आ मेरे पास ! आज मैं तुझको सबकुछ सिखाऊंगी और यह कह कर उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और मेरे होंट चूमने लगी। मैंने भी उसको कस कर पकड़ लिया और उसके होंठ चूमने लगा। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुसने की कोशिश कर रही थी तो मैंने अपना मुँह खोल कर उसकी जीभ चूसनी शुरु कर दी। इधर मेरा लण्ड भी चोट खाये काले नाग की तरह फ़नफ़ना रहा था और पैंट में से बाहर आने के लिये मचल रहा था। मैंने एक हाथ बढ़ा कर दीपाली की तनी हुई चूची पर रख दिया और बड़ी बेताबी के साथ उसको मसलने लगा। दीपाली का सारा शरीर एक भट्टी की तरह तप रहा था और हमारी गरम सांसें एक दूसरे की सांसों से टकरा रही थी। ऐसा लग रहा था कि मैं बादलों में उड़ा जा रहा हूँ। अब मेरे से सबर नहीं हो रहा था। मैंने उसकी चूची मसलते हुये अपना दूसरा हाथ उसके चूतड़ों पर रख दिया और उनको बहुत बुरी तरह मसलने लगा।

दीपाली के मुँह से हल्की सी कराहने की आवाज निकली- ओह्हह्हह्ह।।।।।अयीईई।।। और बोली- जरा आराम से मसलो ! मैं कोई भागी नहीं जा रही हूँ, जोर से मसलने पर दर्द होता है।

लेकिन मैं अपनी धुन में ही उसके चूतड़ मसलता रहा और वोह ओह्हह्हह्ह।।।।।।।।।।। अययययीए।।।।। करती रही।

यह आवाजें सुन कर मेरा लण्ड बेताब हो रहा था और पैन्ट के अंदर से ही उसकी नाभि के आस पास टक्कर मार रहा था। मैंने उसके कान में फ़ुसाफ़ुसाते हुये कहा- अपनी सलवार कमीज़ उतार दो !

तो पहले तो वो मना करने लगी लेकिन जब मैंने उसकी कमीज़ ऊपर को उठानी शुरु की तो उसने कहा- रुको बाबा ! तुम तो मेरे बटन ही तोड़ दोगे ! मैं ही उतार देती हूँ !

और यह कह कर उसने अपनी कमीज़ के बटन खोल कर अपनी कमीज़ उतार दी। अब वोह सिरफ़ सफ़ेद ब्रा और सलवार में खड़ी थी। मैं उसको देखता ही रह गया। उसकी बगल में एक भी बाल नहीं था, शायद रविवार को ही बगल के भी बाल साफ़ किये थे। मैंने अपना दहिना हाथ उठा कर उसकी बाईं वाली चूची पर रख दिया और ब्रा के ऊपर से दबाने लगा और दूसरे हाथ को मैं उसकी गाण्ड पर फिरा रहा था।

दीपाली का चेहरा लाल सुर्ख हो गया था और उसके मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी- अह्हह्ह।।।। अह्हह्ह।।।।। ओह्हह्ह।।।।

इस समय मेरे दोनों हाथ उसकी चूची और गाण्ड मसलने में व्यस्त थे और होंठ उसके होंठो को चूस रहे थे। मैंने उसको पलंग पर लिटा दिया और मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी कमर के नीचे हाथ लेजा कर सर को ऊपर उठाया और उसके होंठ चूसने लगा।

मैं इतना जोश में था कि कई बार उसने कहा- जरा आहिस्ता चूसो मेरा दम घुटता है।

कई बार तो एक दूसरे के होंठ चूसते-2 हम दोनों के मुँह से गूऊ।।।।।।न।।।।।।।।।।गू की आवाज निकल जाती।

अब मै पीछे से उसकी ब्रा का हूक खोलने लगा था और थोड़ी सी मेहनत के बाद उसे भी खोल दिया और हूक खुलते ही उसकी चूचियाँ एकदम से ऊपर को उछली मानो उनको जबरदस्ती दबा कर कैद किया गया था और अब उनको आज़ादी मिल गई हो। उसकी चूचियाँ बहुत ही गोरी चिट्टी और एकदम सख्त और तनी हुई थी। निप्पल बाहर को उठे हुये और एक दम तने हुये थे।

जैसे ही मैंने एक हाथ से उसकी चूची मसलनी शुरु की और दूसरी को अपने मुँह से चूसने लगा तो दीपली की हालत खराब हो गई और वोह जोर से कसमसाने लगी। अब उसके मुँह से स्ससीईई।।।।।। अह्हह्हह्हह्हह।।।।।।ओह्हह्हह्हह्ह मीएर्रर्रर्रि माआआआआअ मर्रर्रर्र गयीईई रीईई जैसी आवाज निकलने लगी। इधर मेरा लण्ड अभी तक पैन्ट में ही कैद था और उछल-कूद कर रहा था और उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर टक्कर मार रहा था। अब मैंने मुँह से उसकी चूची चूसते हुये और एक हाथ से चूची मसलते हुये दूसरे हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसने भी कोई देर नहीं की तथा अपनी गाण्ड ऊपर कर के मुझे अपनी सलवार उतारने में मदद कर दी।

अब वोह सिरफ़ पैन्टी में ही थी और उसने सफ़ेद रंग की ही पैन्टी पहन रखी थी जो कि चूत के ऊपर से कुछ गीली हो रही थी। लगता था कि उसकी चूत ने उत्तेजना के कारण पानी छोड़ना शुरु कर दिया था।

जैसे ही मैंने उसकी चूत को पैन्टी के ऊपर से सहलाना शुरु किया तो वो काम्पने सी लगी और मस्ती में आकर बोली- मुझको तो नंगी कर दिया है और मेरा सब कुछ देख लिया है, लेकिन तुम अपना लण्ड अभी तक पैन्ट में छुपाये हुये हो !

यह कह कर उसने मेरी पैन्ट की ज़िप खोल दी और चूंकि मैं पैन्ट के नीचे या वैसे अण्डरवीयर नहीं पहनता हूँ, मेरा लण्ड एकदम फ़नफ़नाता हुआ बाहर निकल आया। मेरा लण्ड देखते ही दीपाली एकदम मस्त हो गई और बोली- हाय राम ! तुम्हारा लण्ड तो काफ़ी लम्बा और मोटा है, लगभग 8 इंच लम्बा होगा और 3 इंच मोटा होगा। वाह ! तुम्हारे साथ तो बहुत ही मज़ा आयेगा। मैं तो तुम्हें अभी तक बच्चा ही समझती थी मगर तुम तो एकदम जवान हो ! एक खूबसूरत लण्ड के मालिक हो और बहुत अच्छी तरह से चोदने की ताकत रखते हो।

अब उसने मेरे सारे कपड़े एक एक करके उतार दिये और मेरे तने हुए लण्ड को सहलाने लगी। मेरे लण्ड का सुपारा एकदम से लाल हो रहा था और काफ़ी गरम था। अब मैंने भी उसकी चूत पर से उसकी पैन्टी उतार दी और देखा कि आज उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं है और एकदम सफ़ाचट है।

मैंने कहा- जीजी, उस रोज तो तुम्हारी चूत पर बहुत झान्टे थी और आज एकदम साफ़ है और किसी हीरे की तरह चमक रही है तो वो हंस पड़ी और बोली- मैं तुम्हारी तरह नहीं हूँ जो अपनी झान्ट और बगल का जंगल साफ़ ना करे। यह मुझको अच्छा नहीं लगता और तुम भी यह सब साफ़ करा करो।

मैंने कहा- जीजी, मैंने तो आज तक अपनी झान्ट और बगल के बाल साफ़ ही नहीं किये है और मुझे डर लगता है कि कहीं ब्लेड से कट ना जाये !

तो वो खिलखिला पड़ी और फिर बोली- अगर ऐसी बात है तो बगल के बाल और लण्ड से झान्ट मैं शेव कर दूंगी और हाँ एक बात और है कि अब तू मुझे बार बार जीजी ना कहा कर। अब मैं तेरी जीजी नहीं रही हूँ, तेरी माशूका हो गई हूँ इसलिये अब तू मुझको परिया कहा कर।

मैंने कहा- अच्छा !

यह कह कर मैंने एक उंगली उसकी चूत के छेद में डल दी, छेद काफ़ी गीला था और एकदम चिकना हो रहा था। उसकी चूत एक दम गुलाबी थी पानी निकलने के कारण काफ़ी चिकनाहट थी। मैंने उसकी चूत में उंगली अंदर बाहर करनी शुरु कर दी और कभी कभी मैं उंगलियों के बीच उसके दाने को भी मसल देता था। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी- ह आह्ह्ह।।।। आह्हह्ह।।।। हय ईई ईई हैईईईइ उफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ उफ़्फ़फ़ कर रही थी और कह रही थी कि जरा जोर से उंगली को अंदर बाहर कर और मैं और तेजी के साथ करने लगा। उसके मुँह से सिसकारियों की आवाज बढ़ती ही जा रही थी और वो लगातार उफ़फ़्फ़फ़्फ़फ़फ़।।।।।उफ़्फ़फ़्फ़फ़।।।।ओह्हह्हह।।।।ह्हह्हह् हाय मर गई ! कर रही थी तभी वो अपनी कमर तेजी के साथ हिलाने लगी और अटक अटक कर बोली- हा आ ऽऽ आ आ आ।।।।।। और्रर्रर्रर्रर्र तेज्जज्जज्जज से अंदर बाहर करो हाय ईईई मेर्रर्रर्रर्रर्रर्ररा निकलाआआआआ निकलाआआआआअ कह कर शान्त सी हो गई और मैंने देखा कि उसकी चूत में से पानी निकल रहा था जिससे चादर गीली हो गई थी।

मैंने कहा- जीजी आपका तो निकल गया !

हाँ मैं झड़ गई हूँ ! और फिर थोड़ा दिखावटी गुस्से से बोली- मैंने अभी क्या कहा था, भूल गया कि तू मुझको अब नहीं बल्कि परिया कह कर बुलाया कर ! और तू फिर भी जीजी ही किये जा रहा है !

मैंने कहा- सॉरी जीजी ।।। उफ़ नहीं परिया ! कुछ देर हम ऐसे ही मज़ा लूटते रहे और इस बीच वो एक बार और झड़ चुकी थी। वो अभी तक मेरा लौड़ा सहला रही थी अब मेरी बरदाश्त से बाहर हो रहा था। वो भी कहने लगी- विक्की और मत तड़पाओ और अपना लौड़ा मेरी चूत में डाल भी दो।

यह सुन कर मैं उसकी टांगों के बीच में आ गया और उसकी गाण्ड के नीचे एक तकिया रख दिया जिससे उसकी चूत ऊपर को उठ गई। अब मैंने उसकी टांगों को चौड़ा करके घुटनों से मोड़ कर ऊपर को उठाया और अपने लण्ड का सुपारा उसकी चूत के छेद पर रखा तो मुझे लगा कि मैंने लण्ड किसी भट्टी पर रख दिया, उसकी चूत इतनी गरम थी और भट्टी की तरह तप रही थी। मैंने अपनी कमर को उठा कर एक धक्का मारा और मेरे लण्ड का सुपारा उसकी चूत में घुस गया और इसके बाद मैंने एक बहुत जोरदार धक्का लगाया जिससे 5-6 इंच तक मेरा लण्ड उसकी चूत में घुस गया और उसके मुँह से एक सिसकी निकली और बोली कि तू तो बड़ा बेदरदी है जो एक ही धक्के में अपने लण्ड को मेरी चूत में घुसाना चाहता है ! अरे मेरी चूत फ़ाड़ने का इरादा है क्या ? ज़रा आराम से कर ! तेरा लण्ड बड़ा है ना इसलिये दर्द होता है।

लेकिन मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी और एक और धक्का तेजी के साथ लगा दिया और अब सारा का सारा लण्ड उसकी चूत में घुस गया था। वोह हल्की सी आवाज में चिल्लाई- हय य ययययी अर्रर्ररे मर गई ऊऊऊ मेर्रर्रररि म्मम्ममआआआअ मेर्रर्रर्रर्रररीईईई चूऊऊत फाआआआआआआड़ दीईई !

और मैं एकदम डर गया कि कुछ गड़बड़ ना हो गई हो और पूछा कि ज्यादा दर्द हो रहा हो तो मैं निकाल लूँ !

वो बोली- अरे नहीं ज्यादा तो नहीं मगर तूने एकदम अंदर कर दिया है इसलिये थोड़ा सा दर्द हो रहा है, तेरा लण्ड काफ़ी लम्बा और मोटा है ना इसलिये !

अब तू मेरे ऊपर लेट जा और चूची चूस !

और मैंने ऐसे ही किया और उसकी चूची चूसने और मसलने लगा। कुछ देर में ही उसे मज़ा आने लगा और अपनी गाण्ड हिला हिला कर ऊपर को उठने लगी और बोली- अब धक्के लगा ! और मैंने अपनी कमर और चूतड़ उठा उठा कर जोर शोर से धक्के मारने शुरु कर दिये। थोड़ी ही देर में उसके मुँह से अन्ट शन्ट आवाजें निकलने लगी। वो बोल रही थी- अयययीईए । र्रर्रे स्सह्हूओद्दद्द मूऊउझे जूओर जोऽऽर से चोद फाआअड़ दे मेर्रर्रीईइ चूऽऽऽत कोऽऽ उफ़्फ़फ़फ़्फ़फ़ मेर्रर्रर्रा फह्हह्हहिर्रर्रर से निकलने वलाआआआआअ है हाअ और जोऽऽर से और यह कर कर तेजी से कमर हिलने लगी और स्सस्सीईईईइस्सस्सस्सीईई करती हुई झड़ गई।

मेरा लण्ड एकदम गीला हो गया था और काफ़ी चिकना हो गया था जिससे वो 2-3 बार बाहर भी निकल गया। अब मैंने धक्के लगने की गति तेज कर दी थी। मुझको थोड़ी मस्ती सूझी और मैंने धक्के लगाते-2 एक उंगली पर उसका पानी लगाया और अचानक उसकी गाण्ड के सुराख पर फेरते हुये मैंने उंगली को उसकी गाण्ड के अंदर कर दिया और वो एकदम दर्द से चीख उठी और बोली- क्या शैतानी कर रहा है? अरे मेरे को दर्द होता है, मेरी गाण्ड से उंगली को फ़ौरन बाहर निकालो।

मैंने पूछा- क्या कभी किसी से गाण्ड मरवाई है? मैं तुम्हारी गाण्ड मारना चाहता हूँ।

इस पर दीपाली ने कहा- नहीं ! मैंने अपनी गाण्ड कभी नहीं मरवाई है और ना ही मेरे से मरवाएगी क्योंकि वो गाण्ड मारने को सही नहीं मानती !

फिर उसने पलट कर पूछा- क्या तुमने किसी से अपनी गाण्ड मरवाई है या किसी की गाण्ड मारी है !

तो मैंने नहीं में जवाब दिया।

इस पर उसने कहा- विक्की तू तो बहुत ही सुंदर और स्मार्ट है, तुझे कैसे छोड़ दिया? क्योंकि लड़के आपस में एक दूसरे की गाण्ड ही मार कर काम चलाते हैं।

मैंने कहा- मैं सेक्सी ज़रूर हूँ लेकिन मैं ना तो किसी लड़के की गाण्ड मारता हूँ और ना ही मरवाता हूँ, मैं तो बस चूत ही चोदना चाहता हूँ। हाँ आज तुम्हारी गाण्ड पर दिल आ गया है इस लिये मारना चाहता हूँ। दीपाली बोली- अभी तक तो मैंने गाण्ड कभी नहीं मरवाई है, यदि कभी मरवाने की इच्छा हुई तो तुझसे ही मरवाउंगी।

हम बातें कर ही रहे थे कि वो फिर से अन्ट-शन्ट बकने लगी- ह्हह्हाआआ और जोर से माआअर्रर्रर निकाल दे म्ममेर्ररा स्सस्सस्सस्ससाआआर्रर्रर्रर्रर्रर्रर्रा पानीऽऽ आअज्जज्जज्ज ज्जज्ज बना दे मेरी चूह्हह्हह्हह्हहूऊऊत की चटन्नन्नन्नीईई उफ़्फ़ उफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ उफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ ह्हह्हा आअ !

वो ऐसे ही करती रही और इधर मेरे भी धक्कों की रफ़्तार बढ़ती ही जा रही थी और मैं पसीने-2 हो रहा था अब मेरे मुँह से भी अन्ट-शन्ट निकलने लगा= ह्हह्हाआअ कयूऊं नहीं मैं आज ही तुम्हारी चूत को चोद कर भोसड़ा बना देता हूँ हाय ! मेरा अनेययययययी लगा हैईईईईई लगता है कि निकलने वाला है उफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ और लूऊऊओ और लूऊऊऊऊऊऊऊऊ कहते हुए फ़ुल स्पीड से धक्के मार रहा था कि लगा कि मेरे लण्ड से कुछ बाहर आ रहा है और मैंने हांफ़ते हुए उसे कस कर पकड़ लिया और जोर जोर से उसकी चूची चूसने लगा। उधर दीपाली भी आवाजें निकाल रही थी- हाआ ऐईईईईईईईइ मैईईईई फिर्रर्रर सेयययययी झर्रर्रर्रर्रर्रर रहीईईईई हूँ्न ऊऊओ मेरि माआआआआआआआ मेर्रर्रर्रराआआआआआ निकल रहा है ! और यह कहते -2 उसका सारा शरीर एक बार फिर से अकड़ गया और वो भी मेरे साथ साथ झड़ गई।

उसने झड़ते हुये अपने दांत मेरे कंधे में गड़ा दिये और मेरे मुँह से एक चीख निकल गई और वोह जोर से हंस पड़ी। मैं काफ़ी देर तक ऐसे ही उसके ऊपर पड़ा रहा। फिर हम दोनों उठकर बाथरूम में गये तो उसने मुझे बाहर जाने के लिये कहा पर मैंने मना कर दिया और कहा- परिया मैं तो यहीं रहूँगा और तुमको पेशाब करते हुये देखूंगा !

पहले तो वो मना करती रही लेकिन वो फिर मन गई और मेरे सामने बैठकर पेशाब करने लगी। मैं यह तो नहीं जान पाया कि उसका पेशाब चूत में से कहाँ से निकल रहा है लेकिन उसको पेशाब करते हुये देख कर अच्छा बहुत लगा। उसके पेशाब की धार उसकी चूत से काफ़ी मोटी बाहर आ रही थी और ऊपर को उठती हुई काफ़ी दूर पड़ रही थी और दीपाली मेरी तरफ़ देख कर शर्मीली हंसी हंस रही थी।

फिर मैंने पेशाब किया तो उसने भी मुझे बड़े गौर से देखा। मेरी भी धार काफ़ी मोटी थी और काफ़ी दूर तक जा रही थी। इसी बीच हम दोबारा उत्तेजित होने शुरु हो गये और हम लोगों ने एक बार फ़िर से चुदाई की। हम काफ़ी देर तक यूँ ही चिपटे हुये नंगे पड़े रहे और बात करते रहे। मेरा मन तो उसको एक बार फ़िर से चोदने को कर रहा था लेकिन दीपाली ने ही मना कर दिया और कहा- ज्यादा चुदाई नहीं करनी चाहिये वरना कमजोरी आ जायेगी। मैंने भी उसकी बात मान ली और अपने कपड़े पहन कर तैयार हो गये और फ़िर दूसरे मौके की तलाश में रहने लगे।
-
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Thumbs Up Desi Sex Kahani चुदाई घर बार की sexstories 39 4,609 11 hours ago
Last Post: sexstories
Star Real Chudai Kahani किस्मत का फेर sexstories 17 1,935 Yesterday, 11:05 AM
Last Post: sexstories
Exclamation Kamukta Story सौतेला बाप sexstories 72 9,048 05-25-2019, 11:00 AM
Last Post: sexstories
Star Antarvasna मेरे पति और मेरी ननद sexstories 66 20,029 05-24-2019, 11:12 AM
Last Post: sexstories
Thumbs Up Indian Porn Kahani पापा से शादी और हनीमून sexstories 29 10,864 05-23-2019, 11:24 AM
Last Post: sexstories
Star Incest Kahani पापा की दुलारी जवान बेटियाँ sexstories 225 75,579 05-21-2019, 11:02 AM
Last Post: sexstories
Star Kamvasna मजा पहली होली का, ससुराल में sexstories 41 17,290 05-21-2019, 10:24 AM
Last Post: sexstories
Star Antarvasna अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ sexstories 184 51,140 05-19-2019, 12:55 PM
Last Post: sexstories
Thumbs Up Parivaar Mai Chudai हमारा छोटा सा परिवार sexstories 185 37,132 05-18-2019, 12:37 PM
Last Post: sexstories
Star non veg kahani नंदोई के साथ sexstories 21 17,292 05-18-2019, 12:01 PM
Last Post: sexstories

Forum Jump:


Users browsing this thread: 1 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


xxxbf Khade kar sex karne wala bf Condom Laga Kewww.sex.sistr.bhothrdr.comHindi video Savita Bhabhi Tera lund Chus Le Maza haimuh pe pesab krke xxxivideoSexbaba kahani xxx ghar mosi ka moot piya storymom ki chekhe nikal de stories hindiAunty nude picssex baba.comnude urmila mathorkad facking sex baba .com imagesXxxx mmmxxbur ki jhathe bf hindihot dehati bhabhi night garam aur tabadtod sex with youमै नादान पहली mc का इलाज चुदाई से करवा बैठीredimat land ke bahane sex videoghar me chhupkr chydai video hindi.co.in.sexy sexy video Katrina Kaif Malish karne wali bade bade lund walixxxchut ke andar copy Kaise daaleDivyanka Tripathi Nude showing Oiled Ass and Asshole Fake please post my Divyanka's hardcore fakes from here - oवेलमा कि नइ कहानिया नइ epsodeadesi mard yum baraland sexxsexxxxonline didi ke sath sex desiplay.net.inratnesha ki chudae.comwww.train yatra ki nauker nay mom ko mast kar diya sex kahani.comtv desi nude actress nidhi pandey sex babaमराठी सेक्स स्टोरी बहिणीची ची pantyAakarshit pron in star video xxxX n XXX धोती ब्लाउज में वीडियोxxx sex chodai videsi video long land choudaiDono minute ki BF Hindi mai BF Hindi mai sexwwwxxxsex desi shadi Shuda mangalsutraPriti ki honeymoon me chudai ki kahani-threadNahate huvesex videoXxx porn video dawnlode 10min se 20min takfree sex stories gavkade grup marathiMeri bivi kuvari time se chudkd hPad utarne ke bad chut or gang marna pornदीदी की फुद्दि के लिप्स खुले और पिशाब निकलने लगा वो बहुत हॉट सीन था. मैं दीदी की पिशाब करती फुद्दि को और दीदी मुझे देख रही थीं.भोका त बुलला sex xxxNokerki betiki chudai hindijabradsi pdos xxx dasiसासरा आणि सून मराठी सेक्स katha bahen ne chodva no vediowww.anushka sharma fucked hard by wearing skirt sexbaba videosIndiàn xnxx video jabardasti aah bachao mummy soynd .comraat ko sote samay pelna hot xnxxmana apne vidwa massi ko chodateacher or un ki nand ko choda xxx storyमौनी रॉय सेकसी चोद भोसडाMaa Na beta and husband sea chut and gand marviचाचा मेरी गांड फाडोगे कयासोनाक्षी bfxxxdiviyanka triphati and adi incest comicSavita bhabhi sex baba.picmimvki gand ki golai napakhodna sex com gadnanad ko chudai sikhaisex kahniMansi Srivastava nangi pic chut and boob vSeXbabanetcomany sexKam net khane wale xxx vediomamee k chodiyee train m sex storyआलिया भट की भोसी म लंड बिना कपडे मे नगी शेकसीXX video teacher Sanjog me dal Diyasharma ji ki bahu aur beti mere lund ki diwani hai hot real sex storiesSexbabanet.badnamUrdu incest sex stories. Meri married bhot mooti badi bahen ki gaand mein peche se shilwar fas jata haisex story dukaanwaale ke lund se chudideepika fuck sex story sex baba animated gifpahad jaisi chuchi dabane laga rajsharma storyDidi ne meri suhagrat manwaiindian sex forum